जीवन में ”विज्ञान की उपयोगिता सृष्टी में जीवों के प्रादुर्भाव काल से हम अपने वर्तमान काल तक को देखें तो ”विज्ञान किसी न किसी रूप में हम से जुड़ा रहा है। हमारा जीवन ”विज्ञान के बगैर अधूरा है। हमारे विकास की एक-एक गाथा वैज्ञानिक सोच की ही देन है। इसने हमारे जीवन की कायाकल्प कर दी है। प्रारंभिक मानव वनों में रहता था और कंद-मूल व शिकार पर निर्भर था, अपितु...
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March 31, 2016 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
विज्ञान से लाभ या हानि जीवों में मानव ने सर्वाधिक प्रगति की है और आज समस्त ब्रह्मांड को अपने सन्मुख नतमस्तक कराया है। प्रकृति के गूढ़तम रहस्यों को जानने में मानव ने सफलता अर्जित की है। ये सभी विज्ञान और विज्ञान में मानव की दिलचस्पी से ही संभव हो पाया है। विज्ञान की प्रगति ने मानव में नवचेतना का संचार किया है। आज मानव मुश्किल से मुश्किल और अत्यन्त खतरनाक कामों...
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March 31, 2016 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages1 Comment
समय का सदुपयोग जीवन में समय का महत्व स्थान होता है. बीता समय कभी लौट कर नहीं आता. अतः मनुष्य को चाहिए कि जो समय उसे मिलता है उसका सदुपयोग करे. समय ही सबसे बडा बलवान है. ‘पुरुष बली नहि होत है, समय होत बलवान’ जो व्यक्ति समय का सदुपयोग नही करता उसका जीवन नष्ट हो जाता है. मानव की उन्नति में समय सहयोग महत्वपूर्ण होता है. अपने लक्ष्य की प्राप्ती...
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March 31, 2016 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
भारत की परम्पराओं पर हावी होती पाश्चात्य संस्कृति आज समस्त विश्व पाश्चात्य संस्कृति का अनुपालन कर रहा है, ऐसे में भला भारतवासी कहाँ पीछे रहने वाले हैं। अतः भारत में भी पाश्चात्य सभ्यता-संस्कृति का अनुगमन व अनुपालन धड़ल्ले से किया जा रहा है। लोग इसके अनुपालन कर स्वयं को आधुनिक एवं विकसित देषों के समक्ष मानने लगे हैं। आज की युवा पीढ़ी को क्या कहें, पुरानी पीढ़ी भी पाश्चात्य संस्कृति के...
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March 31, 2016 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
समाचार पत्र समाचार पत्र या अख़बार, समाचारो पर आधारित एक प्रकाशन है। इसमे मुख्य रूप से ताजी घटनाएँ, खेल.कूद, व्यक्तित्व, राजनीति व विज्ञापन की जानकारियाँ सस्ते कागज पर छपी होती है। समाचार पत्र संचार के साधनो में महत्वपुर्ण स्थान रखते हैं । ये कागज़ पर शब्दों से बनें वाक्यों को लिख कर या छाप कर तेयार किये जाते हैं। समाचार पत्र प्रायः दैनिक होते हैं लेकिन कुछ समाचार पत्र साप्ताहिकए पाक्षिकए...
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March 31, 2016 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
बालिका शिक्षा शिक्षा हर मनुष्य के लिए अत्यन्त अनिवार्य घटक है। बिना शिक्षा के मनुष्य को पशु की श्रेणी में रखा जाता है। शिक्षा की जब बात आती है तो आज भी ऐसे सैकड़ों उदाहरण मिल जाएंगे जिससे शिक्षा में असमानता मिल जाएगी। प्राचीन काल में नारी शिक्षा अथवा बालिका शिक्षा का विशेष प्रबंध था, लेकिन कुछ वर्ष पूर्व तक बालिका शिक्षा की स्थिति अत्यन्त सोचनीय थी। बालिका शिक्षा का हमारे...
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March 31, 2016 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages12 Comments
रेल-यात्रा Rail Yatra 3 Best Essay on “Rail Yatra” निबंध नंबर :- 01 ‘‘यात्रा’’ शब्द आते ही लोगों के मन में रेल-यात्रा का ही ख्याल आ जाता है। भारत जैसे राष्ट्र में जहां की आबादी 139 करोड़ को लांघ चुकी है वहाँ रेल यात्रा का अत्यन्त महत्व है। वैसे तो यात्रा हेतू लोग हवाई जहाज, बस, कारों और पानी जहाजों का भी प्रयोग करते हैं, परन्तु जो आनन्द रेल-यात्रा का है...
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March 31, 2016 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
The Politics of Communalism POINTS TO DEVELOP 1. Conflict inherent to a society in transition like that of India. The pre-independence communal situation led to the framers of India’s Constitution establishing a secular state and accommodation of cultural diversity. Communalism, however, could not be removed and it now operated at various levels- individual, local, institutional and national political levels. political parties have encouraged communalism to establish support bases. Socio- religious organizations...
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March 29, 2016 evirtualguru_ajaygourEnglish (Sr. Secondary), English 12No Comment