निबंध नंबर : 01 आतंकवाद Aatankwad भूमिका – आज पुरे विश्व में आतंक का साया मंडरा रहा है | न जाने कैन-सा हवाई जहाज अगुआ कर लिया जाए और किसी गगनचुंबी इमारत से टकरा दिया जाए | न जाने, कब-कहाँ कौन मारा जाए ? जब आतंकवाद के क्रूर पंजों से संसद, विधानसभा और मुख्यमंत्री तक सुरक्षित नहीं तो आम आदमी कहाँ जाए ? आतंकवाद क्यों – प्रश्न उठता है...
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June 23, 2016 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages6 Comments
Best 6 Hindi Essay on ” Mehangai” निबंध नंबर: 01 महँगाई Mahangai महँगाई की समस्या – वर्तमान की अनेक समस्याओं में से एक महत्वपूर्ण समस्या है – महँगाई | जब से देश स्वतंत्र हुआ है, तब से वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ती जा रही हैं | रोजमर्रा की चीजों में 150 से 250 गुना तक की कीमत-वृद्धि हो चुकी है | महँगाई बढ़ने के कारण – बाज़ार में महँगाई...
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June 23, 2016 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages4 Comments
सामाजिक जीवन में भ्रष्टाचार भरष्टाचार का बढ़ता स्वरूप – भारत के सामाजिक जीवन में आज भ्रष्टाचार का बोलबाला है | यहाँ का रिवाज़ है – रिश्वत लो और पकड़े जाने पर रिश्वत देकर छुट जाओ | नियम और कानून की रक्षा करने वाले सरकारी कर्मचारी सबसे बड़े भ्रष्टाचारी हैं | केवल तीन करोड़ में देश के सांसदों को खरीदना और उनका बिकना भ्रष्टाचार का सबसे शर्मनाक दृश्य है | ...
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June 23, 2016 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
बेरोज़गारी : समस्या और समाधान बेकारी की समस्या और अभिप्राय – आज भारत के सामने जो समस्याएँ कण फैलए खड़ी हैं, उनमें से एक चिंतनीय समस्या है – बेकारी | लोगों के पास हाथ हैं, पर काम नहीं है; प्रशिक्षण है, पर नौकरी नहीं है | आज देश में प्रशिक्षित और अप्रशिक्षित-दोनों प्रकार के बेरोज़गारों की फौज़ जमा है | फैक्ट्रियों, सड़कों, बाज़ारों में भीड़ है | शहरों में...
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June 21, 2016 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages3 Comments
निबंध नंबर : 01 सांप्रदायिकता : एक अभिशाप सांप्रदायिकता का अर्थ और कारण – जब कोई संप्रदाय स्वयं को सर्वश्रेष्ठ और अन्य स्म्प्दयों को निम्न मानने लगता है, तब सांप्रदायिकता का जन्म होता है | दूसरी तरफ भी कम अंधे लोग नहीं होते | परिणामस्वरूप एक संप्रदाय के अंधे लोग अन्य धर्मांधों से भिड पड़ते है और सारा जन-जीवन लहूलुहान कर देते हैं | इन्हीं अंधों को फटकारते हुए महात्मा...
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June 21, 2016 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages3 Comments
शहरी जीवन में बढ़ता प्रदूषण शहरों का निरंतर विस्तार और बढ़ती जनसँख्या – आज की सभ्यता को शहरी सभ्यता को शहरी सभ्यता कह सकते हैं | यद्दपि भारत की अधिकांश जनता गाँवों में बस्ती है किन्तु उसके हृदयों में बसते – शहर बढ़ रहे है, साथ-साथ जनशंख्या भी तेजी से बढती रही है | हर वर्ष भारत में एक नया ऑस्ट्रेलिया और जुड़ जाता है | शहरों में बढ़ते...
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June 21, 2016 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages2 Comments
प्रदूषण : एक समस्या निबंध नंबर – 01 पर्यावरण का अर्थ – पर्यावरण का अर्थ है – हमारे चारों और का वातावरण | दुर्भाग्य से हमारा यही पर्यावरण आज दूषित हो गया है | प्रदूषण मुख्यत : तीन प्रकार का होता है – वायु-प्रदूषण, जल-प्रदूषण तथा ध्वनि-प्रदूषण | प्रदूषण के कारण – प्रदूषण का जन्म अंधाधुंध वैज्ञानिक प्रगति के कारण हुआ है | जब से मनुष्य ने प्रकृति के...
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June 21, 2016 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
दहेज-प्रथा : एक गंभीर समस्या Dahej Pratha Ek Gambhir Samasya निबंध नंबर – 01 दहेज का बदलता स्वरूप – भारतीय नारी का जीवन जिन समस्याओं का नाम सुनते ही कॉप उठता है – उनमें सबसे प्रमुख है – दहेज | प्ररंभ में दहेज़ कन्या के पिता दुवरा स्वेच्छा-से अपनी बेटी को दिया जाता था | विवाह के समय बेटी को प्रोमोपहार देना अच्छी परंपरा थी | आज भी इसे प्रेम-उपहार...
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June 21, 2016 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages4 Comments