Essay on “Art Through Ages” Complete Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

Art Through Ages One of the first civilizations, the Egyptians were the first people to portray humans. They believed in the existence of the soul that survives after death. Therefore they made in stone-idealized humans to house Ka-the soul. For the Egyptians, longevity was very important. And like most civilizations, Egyptians put a lot of faith in gods. Early Greek art was greatly influenced by the Egyptians. Geography permitted both cultures...
Continue reading »

Hindi Essay on “Vidyarthi Ka Varshik Mohotsav” , ”विद्यालय का वार्षिक मोहोत्सव ” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

Hindi Essays
विद्यालय का वार्षिक मोहोत्सव  मानव-स्वभाव जन्मजात रूप से ही उत्सव प्रिय है। उत्सव का अर्थ है-आनंद। इसलिए उत्सव का नाम सुनते ही मेरा रोम-रोम नाचने लगता है, फिर चाहे वह दीवाली-दशहरा का त्योहार हो या विद्यालय में कोई छोटा-बड़ा आयोजन ही क्यों न हो। उत्सव-त्योहार को आनंदपूर्वक, उत्साह से भरकर मनाना शायद हमारी संसकृति की एक बड़ी ही महत्वपूर्ण देन है। तभी तो हम न केवल उत्सवों-त्योहारों की प्रतीक्षा ही करते...
Continue reading »

Hindi Essay on “Sainik Shiksha Aur Vidyarthi” , ”सैनिक-शिक्षा और विद्यार्थी ” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

Hindi Essays
सैनिक-शिक्षा और विद्यार्थी  Compulsory Military Education निबंध नंबर : 01 जीवन में सफलता पाने के लिए हर प्रकार की शिक्षा अनिवार्य है। ‘शिक्षा’ शब्द का व्यापक अर्थ केवल कुछ किताबें पढक़र, एक के बाद एक परीक्षांए पास करते जाना ही नहीं है, बल्कि वास्तविक अर्थ है जहां से जो कुछ भी अच्छा और उपयोगी मिल सके, वह सब कुछ सीखना और अपना लेना। इस ्रव्यापक अर्थ और संदर्भ में ही ‘सैनिक-शिक्षा...
Continue reading »

Hindi Essay on “Vidyarthi Aur Anusashan” , ” विद्यार्थी और अनुशासन ” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

Hindi Essays
विद्यार्थी और अनुशासन नियमित अर्थात समाज, संस्था द्वारा निर्धारित या स्वंय उसके नियमों का पालन करते हुए जीवन जीने का प्रयत्न ही अनुशासन है। अनुशासन किसी वर्ग या आयु-विशेष के लोगों के ही नहीं, बल्कि सभी के लिए परम आवश्यक हुआ करता है। जिस जाति, देश और राष्ट्र-जनों में अनुशासन का अभाव रहता है, वे अधिक समय तक अपना अस्तित्व नहीं बनाए रख सकते। यदि किसी अन्य कारण से अस्तित्व बना...
Continue reading »

Hindi Essay on “Vidyarthi Aur Rajniti” , ” विद्यार्थी और राजनीति ” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

Hindi-Essay-Hindi-Nibandh-Hindi
विद्यार्थी और राजनीति Vidyarthi aur Rajniti निबंध नंबर : 01 आयु में अध्ययन का एक विशिष्ट भाग विद्यार्थी जीवन कहलाता है। इस अवस्था में जीवन को सफल बनोन के लिए अनेक प्रकार की विद्यांए प्राप्त करने का इच्छुक व्यक्ति ही सामान्यतया विद्यार्थी कहलाता है। इस कार्य के लिए प्राय: मानव-आयु का एक भाग अर्थात 25 वर्षो तक की आयु भी निर्धारित कर दी गई है। इस काल को भविष्य की तेयारी...
Continue reading »

Hindi Essay on “Vidyarthi Jeevan : Kartavya Aur Adhikar” , ” विद्यार्थी जीवन : कर्तव्य और अधिकार ” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

Hindi Essays
विद्यार्थी जीवन : कर्तव्य और अधिकार आम बोलचाल की सामान्य परिभाषा में विद्या-प्राप्ति का इच्छुक विद्यार्थी कहा जाता है। इस दृष्टि से सामान्यतया शिक्षा-कला को विद्यार्थी-जीवन कहा जा सकता है। यों तो मनुष्य सारा जीवन ही कुछ-न-कुछ सीखता रहता है पर उसे विद्यार्थी नहीं कहा जात। जब तक वह स्कूल-कॉलेज जाता और उनके अनुरूप परीक्षांए देता रहता है, उसी कालावधि को विद्यार्थी काल कहते हैं। इस काल में अपने नाम के...
Continue reading »

Hindi Essay on “Sahitya ka Adhyayan Kyo” , ”साहित्य का अध्ययन क्यों” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

Hindi Essays
साहित्य का अध्ययन क्यों साहित्य को साहित्य इसलिए कहा गया है कि उसमें बुनियादी तौर पर मानव-जीवन और समाज के ‘हित’ का भाव स्वत: ही अंतर्हित रहा करता है। वह मनुष्यों की आत्मा को एक करने वाली कोमल-कांत कड़ी का काम भी किया करता है। वह हमारी कोमल-कांत भावनाओं को सहलाया ही करता है, हमारे जीवन को सहज व्यवहारों की सीख भी दिया करता है। जीवन के सामने समय-समय पर आने...
Continue reading »

Hindi Essay on “Pragativad” , ” प्रगतिवाद” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

Hindi Essays
प्रगतिवाद हिंदी-साहित्य का  इतिहास में आधुनिक काल में छायावाद के बाद आरंभ के चौथे चरण को प्रगतिवादी विचारधारा से प्रभावित साहित्य-रचना का युग स्वीकार किया गया है। इसका आरंभ सन 1936 के आस-पास से स्वीकारा जाता है। इससे पहले वाले छायावादी-युग की कविता कल्पना-प्रधान थी, पर अब कविगण कल्पना के आकाश से उतरकर जीवन के यथार्थ से प्रेरणा लेकर धरती पर पैर जमाने लगे। फलस्वरूप कविता की जो नई धारा चली,...
Continue reading »