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Hindi Essay on “Nayi Sarkar ki Nayi Chunotiyan” , ”नई सरकार की नई चुनौतियाँ” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

नई सरकार की नई चुनौतियाँ Nayi Sarkar ki Nayi Chunotiyan                    सन् 2009 में नई सरकार का गठन हो गया है। इस सरकार के सामने अनेक नई चुनौतियाँ हैं। यद्यपि नई सरकार पुरानी सरकार की तुलना मंे अधिक स्थायी है पर वह पूरी तरह से काम करने में स्वतंत्र नहीं है। उस पर अपने सहयोगी दलों का पूरा-पूरा दवाब है।वह खुलकर अपना एजेडां लागू करने में बहुत अधिक सम्भव नहीं...
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Hindi Essay on “Bhrashtachar” , ”भ्रष्टाचार” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

भ्रष्टाचार Bhrashtachar अथवा  भ्रष्टाचार: कारण और निवारण                   भारत आज आर्थिक कठिनाईयों से ही नहीं, नैतिक संकट के दौर से भी गुजर रहा है। नैतिकता के हास का ही दूसरा नाम भ्रष्टाचार है। सभी देशों में किसी न किसी रूप में भ्रष्टाचार पनपता रहता है। जहाँ तक गरीब देशों का प्रश्न है वहाँ भ्रष्टाचार का जोर कुछ ज्यादा ही होता है। विकासशील देश होने के नाते भारत भी इसका अपवाद...
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Hindi Essay on “Shram se hi Rashtriya ka Kalyan” , ”श्रम से ही राष्ट्र का कल्याण” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

श्रम से ही राष्ट्र का कल्याण Shram se hi Rashtriya ka Kalyan                   श्रम संसार में सफलता प्रप्त करने का महत्वपूर्ण साधन है। श्रम करके हम अपने  जीवन में ऊँची-से-ऊँची आकांशा को पूरी कर सकते है। संसार कर्म क्षेत्र है अतः यहाँ कर्म करना ही हम सबका धर्म है। किसी कार्य में सफलता तभी मिलती है जब हम परिश्रम करते है।                 श्रम ही जीवन को गति प्रदान करता है।...
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Hindi Essay on “Satsangati” , ”सत्संगति” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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सत्संगति Satsangati निबंध नंबर : 01 सत्संगति का अर्थ है- श्रेष्ठ पुरूषों की संगति। मनुष्य जब अपनों से अधिक बुद्मिान, विद्वान, गुणवान, एवं योग्य व्यक्ति के संपर्क में आता है, तब उसमें स्वयं ही अच्छे गुणों का उदय होता है और उसके दुर्गुण नष्ट हो जाते है। सत्संगति से मनुष्य की कलुपित वासनायें, बुद्वि की मूर्खता और पापाचरण दूर हो जो हैं। जीवन में उसे सुख और शांति प्राप्त होती है।...
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Hindi Essay on “Mera Priya Kavi Kabirdas” , ”मेरा प्रिय कवि कबीरदास” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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मेरा प्रिय कवि कबीरदास Mera Priya Kavi Kabirdas निबंध नंबर:- 01                  हिन्दी साहित्य के अथाह समुद्र में अनेंक रत्न भरे पड़े है, पसन्द अपने-अपने मन की बात है। मैं जब कभी भक्तिकालीन संत कवि कबीरदास को पढ़ता हुँ तो मेरा मस्तक उनके सम्मुख श्रद्वा से नत हो जाता है तब मुझे वही संत सबसे अधिक प्रकाशवान् प्रतीत होता है। मेरे प्रिय कवि उस समय ज्ञान का दीपक लेकर अवतरित हुए,...
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Hindi Essay on “Nasha Mukti” , ”नशा मुक्ति” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

नशा मुक्ति Nasha Mukti                   मादक द्रव्य सेवन की पृवति हजारों वर्ष पुरानी है। अनुसंधान एवं वस्तु-निर्माण की शक्ति से युक्त मानवों ने सभ्यता के विकास के साथ एक से बढ़कर एक उपयोगी चीजें खोज लीं, उपकरण बना लिए, वस्तुएँ निर्मित कर लीं। इस क्रम में उन्होने मादक द्रव्य ढूँढ निकाले एवं उनका प्रयोग करना सीख लिया। भारत के प्राचीन ग्रंथों में ’सोम और सुरा’ का उल्लेख इस बात का...
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Hindi Essay on “Bhartiya Sanskriti” , ”भारतीय सँस्कृति” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

भारतीय सँस्कृति Bhartiya Sanskriti                 भारत की सांस्कृतिक विरासत अत्यंत समृद्व है। बहुत-से लोग, विशेषतः विदेशी, स्वार्थवश या भ्रमवश भारत को एक देश न कहकर इसे उपमहाद्वीप कहते हैं। इसे सिद्व करने के लिए वे नदियों की प्राकृतिक विभाजन-रेखाओं, अनेक भाषाओं, अनेक धर्मों तथा अलग-अलग प्रकार के रीति-रिवाजों का वर्णन करके बताया करते हैं-’’भारत कभी एक देश न था, न है और न ही हो सकता है। वह तो एक उपमहाद्वीप...
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Hindi Essay on “Abushasit Yuva Shakti” , ”अनुशासित युवा शक्ति” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

अनुशासित युवा शक्ति Abushasit Yuva Shakti                  प्रासाद की चिरस्थिरता और उसकी दृढ़ता जिस प्रकार आधारशिला की मजबूती पर आधारित है, लघु पादपों का विशाल वृक्षत्व जिस प्रकार बाल्यवस्था के सिंचन और संरक्षण पर आश्रित होता है, उसी प्रकार युवक की सुख-शांति में समृद्विशालिता का संसार छात्रावस्ता पर आधारित होता है। यह अवस्था नवीन वृक्ष की मृदु और कोमल शाखा हैं, जिसे अपनी मनचाही अवस्था में सरलता से मोड़ा जा सकता...
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