Home »
Archive by category "Languages" (Page 661)
संगति Sangati संगति का अर्थ होता है साहचर्य या साथ। मनुष्य अपने दैनिक जीवन में जिसके साथ अधिक से अधिक समय व्यतीत करता है, वही उसकी संगति कहलाती है। मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है, वह बिना संगति के जी नहीं सकता। अब यह एक विचारणीय प्रश्न है कि मानव किसके साथ संगति करे और किसके साथ न करे। क्योंकि संगति से ही गुण और दोष उत्पन्न होते हैं। ‘संसर्ग जः दोषगुणाः...
Continue reading »
August 13, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages2 Comments
स्वावलम्बन Swavalamban Best 4 Essay on ” Swavalamban” निबंध नंबर: 01 स्वावलम्बन में दो शब्द हैं- स्व और लम्बन। एक का अर्थ है अपना और अवलम्बन का अर्थ है ‘सहारा’। इस प्रकार स्वावलम्बन का अर्थ हुआ ‘अपना सहारा स्वयं बनना’। दूसरे शब्दों में अपने आत्मबल को जागृत करना ही स्वावलम्बन है। राष्ट्र कवि दिनकर स्वावलम्बी व्यक्ति के लक्षण बताते हुए कहते हैं- अपना बल तेज जगाता है। सम्मान जगत् से पाता...
Continue reading »
August 13, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
प्राकृतिक आपदा सुनामी Prakritik Aapda Tsunami ‘सुनामी’ पिछले कुछ वर्षों में काफी चर्चा में रहा। लेकिन यह दीगर बात है कि अब भी लोग ‘सुनामी’ का सही मतलब नहीं समझ पा रहे हैं। लेकिन प्रत्यक्षतः यह अनुभव करते हैं कि समुद्र में जोरदार तूफान आया जिसमंे लाखांे लोग जान से हाथ धो बैठे। ‘सूनामी’ एक जापानी शब्द है जो सु$नामी (दो शब्दों के योग से बना है।) जिसका अलग-अलग अर्थ है...
Continue reading »
August 13, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
सूखा: कारण एवं प्रबन्धन Sukha : Karan evm Prabandhan सूखा मानव द्वारा प्रकृति के मूल स्वरूप को परिवर्तित करने का परिणाम है। वनोन्मूलन, भू-जल का अति दोहन, जल संभरण को महत्त्व न देना, बड़े-बड़े जलाशयांे को पाटकर खेती के काम में लाना इत्यादि कारणों से जल स्त्रोतों की गुणवत्ता में ह्रास हुआ। फलस्वरूप अनेक स्थानों पर सूक्ष्म परिवर्तन से मानसून की स्वाभाविक क्रियाशीलता प्रभावित हूई। सूखे के लिए निम्नलिखित कारण...
Continue reading »
August 13, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
आसियान: ‘पूर्व की ओर देखोे’ Asean : Purv ki Aur Dekho ’पूर्व की ओर देखोे’ नीति का सम्बन्ध ’आसियान’ ये है। आसियान के कुल 24 सदस्य हैं। स्थायी सदस्य हैं-सिंगापुर, मलेशिया, इंडोनेशिया, थाईलैंड, ब्रुनेई, म्यांमार, कम्बोडिया, वियतनाम, फिलीपींस और लाओस। अस्थायी सदस्य हैं- अमेरिका, चीन, जापान, भारत, कोरिया तथा यूरोपीय यूनियन के देश। पाकिस्तान को भी आसियान का अस्थायी सदस्य इस शर्त पर बनाया गया है कि वह इसके...
Continue reading »
August 13, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
पंचायती राज व्यवस्था Panchayati Raj Vyavastha पंचायती राज यानी ’पंच परमेश्वर’ का एक उत्कृष्ट विचार भारत को विरासत में मिला है। चूंकि भारत गांवों का देश है, इसलिए गांवों का समग्र विकास ही यहां लोकतंत्र की सफलता की कसौटी है। इस संदर्भ में जे.एस. मिल का कथन उपयुक्त है-’’सामाजिक राज्य की सभी आवश्यकताओं को पूरी तरह से पूर्ण करने वाला शासन वहां से हो सकता है जिसमें सम्पूर्ण जनता...
Continue reading »
August 13, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
धर्म-निरपेक्षताः मजहब नहीं सिखाता आपस में वैर रखना Dharmnirpekshta : Majhab nahi sikhata aapas me bair rakhna ’धर्म-निरपेक्षता’ शब्द सर्वप्रथम प्रचलन में यूरोपीय देशों में आया। यूरोप में एक समय ऐसा भी था जब धर्म गुरूओं के दमन-च्रक में साधारण जनता पिस रही थी। फलतः उन देशों में क्रांति के द्वारा धार्मिक तानाशाही को खत्म किया गया। लोगों ने तदनन्तर जीवन के प्रति तर्कसंगत और वैज्ञानिक दृष्टिकोण स्वीकार किया।...
Continue reading »
August 13, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
Bhagat Singh : Shaheed-E-Azam ‘He who loves not his country can love nothing’ He marched to the gallows in his characteristic undaunted manner. There glowed on his gracious men the sublime pride of dedicating his life to his nation’s cause. He would not see his beloved motherland smiling as an independent and radiant being but there was a gleam of hope that the sacrifice of his and compatriot’s lives would...
Continue reading »
August 10, 2018 evirtualguru_ajaygourEnglish (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment