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Archive by category "Languages" (Page 631)
राष्ट्रीयकरण Rashtriyakaran काल की परिस्थितियों के साथ मानवीय विचारों में भी परिवर्तन होता रहता है। एक युग था जब देश की शक्ति छोटे-छोटे राज्यों में विभक्त थी और जो स्वयं अपने आपके पूरक थे उनकी अपनी-अपनी पृथक शासन व्यवस्था थी। लेकिन आज हम स्वतंत्र हैं। भारत पुनः एक अटूट सूत्र में जुट चुका है, उसकी शक्ति अखण्ड है। अतः वैयक्तिक शासन या अधिकार की बात करना उसकी अखण्डता को तोड़ना...
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September 19, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
युवा पीढ़ी में अंसतोष के कारण और निवारण Yuva Pidhi me Asantosh ke Karan aur Nivaran युवा-शक्ति ही राष्ट्र-शक्ति है। जिस देश में यह शक्ति रचनात्मक कार्यों में लग जाए, उस देश का कायाकल्प होना तय है। लेकिन जिस देश में यह शक्ति विध्वंसकारी गतिविधियों में लग जाए, उस राष्ट्र का पतन भी निश्चित है। इसलिए हस राष्ट्र को सचेष्ट रहना चाहिए कि उसकी युवा-शक्ति विध्वंसकारी गतिविधियों में न लगकर...
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September 19, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
भ्रष्टाचार के कारण एवं निवारण Bhrashtachar ke Karan evm Nivaran भ्रष्टाचार केवल भारत में ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण संसार में विद्यमान है। यह दीगर बात है कि कहीं इसका प्रसार सीमित है तो कहीं असीमित। भ्रष्टाचार का अर्थ है नीति के स्थापित प्रतिमानों से विलग होना। किन्तु एक समाजशास्त्रीय अध्ययन से उत्पन्न अवधारणा के रूप में भ्रष्टाचार का तात्पर्य व्यक्ति द्वारा किए जाने वाले किसी भी ऐसे अनुचित कार्य से है जिसे...
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September 19, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
बाबासाहब डॉ. भीवराव अम्बेडकर Baba Sahab Dr. Bhim Rao Ambedkar भीमराव अम्बेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के महू नामक शहर में हुआ था, जहां उनके पिता श्रीराम जी सेना में सूबेदार मेजर थे। भीमराव अपने पिता की 14 वीं संतान थे। सेना से अवकाश ग्रहण कर श्रीराम जी मुम्बई आ गए और भीमराव का दाखिला मुम्बई के ही एलफिन्सटन हाई स्कूल में करा दिया। इसी बीच भीमराव...
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September 19, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
बाढ़ – कारण और प्रबंधन Badh – Karan aur Prabandh बाढ़ का सामान्य अर्थ है किसी नदी के जलस्तर में यकायक बढ़ोत्तरी और परिणामस्वरूप निचले इलाके में पानी भर जाना। बाढ़ अकेली एक ऐसी प्राकृतिक आपदा रही है जिसके कारण इस धरती से कुछ मानव सभ्यताएं सामाप्त होती जा रही हैं। बाढ़ सर्वाधिक आवृत्ति एवं सबसे अधिक नुकसान पहुंचाने वाली प्राकृतिक आपदा है। इसकी परिणति मृत्यु, विनाश विकृति और विस्थापन के...
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September 18, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
बल श्रमिक समस्या Bal Shramik Samasya निबंध नंबर – 01 भारत एक विकासशील देश है। स्वतंत्रता-प्राप्ति के बाद भारत में आम जनता की गरीबी हटाने के लिए अनेक वृहद एवं सीमित योजनाएं समय-समय पर बनती र्गईं। फिर भी गरीबी की मान्य सीमा रेखा से भी निचली सतह पर जीवन जीने को विवश लोगों की संख्या कम नहीं हो सकी। बाल श्रमिक समस्या का सम्बन्ध मुख्यतया गरीबी और दो वक्त की रोटी...
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September 18, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
बर्ड फ्लू Bird Flu एवियन इन्फ्लूएंजा को ‘बर्ड फ्लू’ भी कहते हैं। यह छूत की बीमारी है लेकिन मानव से सम्बन्धित नहीं है। इसका प्रभाव सबसे अधिक पक्षियों पर पड़ता है और उसके बाद कमोबेश पशुओं में भी प्रभाव डालता है। पशुओं में भी विशेष रूप से ‘सूअर’ इससे प्रभावित होते हैं। पक्षियों में भी महामारी के रूप में इसका प्रत्यक्ष अनुभव मुर्गियों में किया जा सकता है। घरेलू मुर्गी...
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September 18, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
प्यूरा योजना Puara Yajana Providing Urban Amenities to Rural Areas – अरबन एमिनिटीज इन रूरल एरिया का संक्षिप्त रूप है-प्यूरा। इसे हिन्दी में कहा जा सकता है। -’गा्रमीण क्षेत्रों में शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराना’। इस योजना का उद्देश्य पहचाने गए गा्रमीण क्षेत्रों में शहरी सुविधाओं के सृजन और आधुनिक किफायती सम्पर्क के माध्यम से गा्रमीण-शहरी अंतर को दूर करना है। ’प्यूरा’ का मूल तथ्य है कि एक शहर के इर्द-गिर्द...
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September 18, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment