Home » Archive by category "Languages" (Page 536)

Hindi Essay/Paragraph/Speech on “Azadi ke 50 Saal Baad”, “आजादी के 50 साल बाद” Complete Essay, Speech for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

Hindi Essays
आजादी के 50 साल बाद Azadi ke 50 Saal Baad प्रस्तावना : हमारा देश भारत 15 अगस्त 1947 में ब्रिटिश शासन से आजाद हुआ। सन् 1997 में 50 वर्षों पश्चात् इस की स्वर्ण जयन्ती भारत में मनायी गई थी। इतना ही नहीं सारे भारतीय जो अन्य देशोंमें रह रहे थे । वे भी इस हर्षोल्लास में सम्मिलित हुए थे। 14 अगस्त की मध्य रात्रि से आरम्भ हुए आयोजनों का सिलसिला अगले...
Continue reading »

Hindi Essay/Paragraph/Speech on “Ahimsa evm Vishv Shanti”, “अहिंसा एवं विश्व शान्ति” Complete Essay, Speech for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

Hindi Essays
अहिंसा एवं विश्व शान्ति Ahimsa evm Vishv Shanti प्रस्तावना : आज के इस भौतिकवादी युग में ‘मत्स्य न्याय’ का सिद्धान्त लेकर बड़े-बड़े महान् राष्ट्र अपनी थोथी महानता तथा प्रभुता का डंका पीटते हैं। आज विज्ञान ने शनै:-शनै: उन्नति कर अणु अस्त्रों एवं विस्फोटक बमों का निर्माण कर लिया है। आज विकासशील देशों द्वारा निर्मित एक अणु बम पूरे विश्व के विध्वंस के लिए पर्याप्त होगा। ऐसे आपस के तनावपूर्ण वातावरण में...
Continue reading »

Hindi Essay/Paragraph/Speech on “Sahkarita”, “सहकारिता ” Complete Essay, Speech for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

Hindi Essays
सहकारिता Sahkarita प्रस्तावना : पैदा होते ही बच्चे :के अन्दर दूसरे बच्चे से हिलमिल कर रहने की पवित्र भावना स्वत: उत्पन्न होती है। कुछ बड़ा होकर बच्चा, इसी प्रवृत्ति के कारण अन्य दूसरे बच्चों के साथ खेल कर धूल-धूसरित होता है। यह उसके अन्दर अच्छी धारणा है ; किन्तु बड़ा होकर यही बच्चा व्यक्ति के रूप में परस्पर कलह करता है। इससे उसे संसार में भोगों का उपभोग करते हुए भी...
Continue reading »

Hindi Essay/Paragraph/Speech on “Sanyukt Rashtra Sangh”, “संयुक्त राष्ट्र संघ” Complete Essay, Speech for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

Hindi Essays
संयुक्त राष्ट्र संघ Sanyukt Rashtra Sangh   प्रस्तावना : युद्ध ने सदैव विनाश का इतिहास लिखा है। युद्ध की भयंकर ज्वाला में सभ्यताएँ भस्म होती हैं, संस्कृतियाँ सिसकने लगती हैं और सत्य अपना मुँह छिपा लेता है। ललित कलाओं में सत्य, शिव और सौन्दर्य का लोप होता है तथा उनके स्थान पर दानवी घृणा का प्रचार ही उनका लक्ष्य बन जाता है। साहित्य प्रेम और सहानुभूति के प्रसार के स्थान पर...
Continue reading »

Hindi Essay/Paragraph/Speech on “Rashtriya Ekta”, “राष्ट्रीय एकता” Complete Essay, Speech for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

Hindi Essays
राष्ट्रीय एकता Rashtriya Ekta प्रस्तावना : क्षेत्रफल, जनसंख्या, भाषा और वेशभूषा आदि की दृष्टि से भारत एक उपमहाद्वीप कहा जाता है। यहाँ के विभिन्न राज्यों के निवासी बाह्य दृष्टि से एक-दूसरे से भिन्न प्रतीत होते हैं। भाषाओं की दृष्टि से तो संसार के अन्य किसी देश में इतनी अधिक भाषाएँ नहीं बोली जाती हैं। इतनी विभिन्नता होने पर भी यहाँ एक ऐसी एकता पाई जाती है जो सम्पूर्ण देश को एक...
Continue reading »

Hindi Essay/Paragraph/Speech on “Parivar Niyojan”, “परिवार नियोजन” Complete Essay, Speech for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

Hindi Essays
परिवार नियोजन Parivar Niyojan प्रस्तावना : सैकड़ों वर्षों की दासता के पश्चात् स्वतन्त्रता का आलिंगन कर भारत ने आर्थिक, सामाजिक, शैक्षिक और औद्योगिक आदि क्षेत्रों में पर्याप्त उन्नति की। आज के वैज्ञानिक युग में अच्छा स्वास्थ्य लाभ औषधियों के माध्यम से प्राप्त किया। मानव के अन्दर स्वाभाविक रूप से प्रजनन की प्रक्रिया में वृद्धि हो गई। मनुष्य के जीवन की समस्त प्रसन्नता उसके परिवार में निहित होती है; किन्तु यदि परिवार...
Continue reading »

Hindi Essay/Paragraph/Speech on “Lottery Vardan ya Abhishap”, “लाटरी वरदान या अभिशाप ” Complete Essay, Speech for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

Hindi Essays
लाटरी वरदान या अभिशाप Lottery Vardan ya Abhishap प्रस्तावना : महात्मा गाँधी के अनुसार- “सच्चा अर्थशात्र कभी भी उच्च सदाचार के नियमों से नहीं टकराता ; क्योंकि सच्चे सदाचार को अच्छे आर्थिक तन्त्र पर आधारित होना चाहिए। ऐसा आर्थिक तन्त्र जो दानव पूजा को प्रोत्साहित करता हुआ सबल व्यक्तियों को निर्बल का शोषण करके सम्पत्तिवान बनाता है, एक निष्कृष्ट अर्थ तंत्र है। उससे तो सर्वनाश हो जाएगा। सच्चा आर्थिक तन्त्र तो...
Continue reading »

Hindi Essay/Paragraph/Speech on “Dahej Pratha ek Abhishap”, “दहेज प्रथा एक अभिशाप” Complete Essay, Speech for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

Hindi Essays
दहेज प्रथा एक अभिशाप Dahej Pratha ek Abhishap प्रस्तावना : प्राचीन काल में पूँजीपति घरानो से दहेज प्रथा का प्रचलन हुआ था। हमारे सबसे प्राचीन धार्मिक ग्रन्थ ऋग्वेद में तथा साथ ही अथर्ववेद में भी अनेक स्थानों पर दहेज के सम्बन्ध में संकेत मिलते हैं। सीना, सुभद्रा, द्रोपदी एवम् उत्तरा के विवाह में भी दहेज दिया गया था। राजा-महाराजाओं और ऊँचे कुलों से शुरू हाने वाली ये दहेज-प्रथा की समस्या आजकल...
Continue reading »