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Archive by category "Languages" (Page 535)
परमाणु बम की उपयोगिता Parmanu Bomb ki Upyogita प्रस्तावना : उपयोगी और वह भी बम ! लेकिन फिर भी यह एक अनुभूत तथ्य है। कि हर वस्तु का चाहे वह कितनी ही भयावह और मारक क्यों न हो, एक उजला एवं उपयोगी पक्ष भी हुआ करता है। साँप जी हाँ, साँप और उस का विष मात्र एक ही क्षण में मनुष्य के प्राण तक ले सकता है। लेकिन उसी विष से...
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April 1, 2019 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
मानव की चंद्रयांत्रा Manav ki Chandra Yatra प्रस्तावना : मानव स्वभावत: जिज्ञासु है। जैसे-जैसे उसका ज्ञान बढ़ता जाता है। वैसे-वैसे ही उसकी ज्ञान की पिपासा और अधिक बढ़ती जाती है। मानव की इस जीवन-व्यापिनी जिज्ञासा ने विज्ञान के अनेक आविष्कारों को जनम दिया है। अतीत की अनेक घटनाएं मानव-कल्पना मात्र ही समझता था। आज से कुछ समय पहले लोग पुष्पक विमान का नाम सुनकर उपहास करते थे। अनेक परियों की कहानियाँ...
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March 27, 2019 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
भारत का परमाणु विस्फोट Bharat ka Parmanu Visfot प्रस्तावना : ‘सृजन और विनाश’ प्रकृति नदी के हमेशा चलने वाले दो चक्र हैं। न्याय दर्शन के अन्तर्गत बतलाया गया है कि जाली के अन्तर्गत दिखाई पड़ने वाले छोटे-छोटे कण ही अणु होते हैं। एक अणु का साठवाँ भाग परमाणु कहलाता है। ये इतने सूक्ष्म होते हैं कि ज़िनको अक्षुवीक्षण यन्त्र के द्वारा भी नहीं देखा जा सकता। एक सूई की नोंक में...
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March 27, 2019 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
भारत में सिनेमा के प्रभाव Bharat me Cinema ke Prabhav प्रस्तावना : विगत छ: सात दशकों में विज्ञान के जिन आविष्कारों ने जीवन में सुख एवं समृद्धि की लहर उत्पन्न की, उनमें चलचित्र विशेष रूप से उल्लेखनीय है। हमारा मस्तिष्क एवं रहन-सहन इसके प्रभाव से वंचित न रह सका। सच तो यह है कि इस आधुनिक युग के प्राणी को इस आविष्कार ने बिल्कुल ही बदल डाला है। चलचित्र का आविष्कार...
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March 27, 2019 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
भारत की प्रमुख समस्याएँ Bharat ki Pramukh Samasyaye प्रस्तावना : जीवन और संघर्ष परस्पर समानार्थी हैं। शिशु ‘बीज’ रूप में जन्म पाते ही संघर्षरत हो जाता है। यहाँ तक कि कोमलता की प्रतीक सौन्दर्यानुभूति भी रूप-किरण और नयन-पटल के संघर्ष के बिना असम्भव है। एक राष्ट्र को सबल बनने के लिए। समस्याएँ आती हैं। 15 अगस्त सन् 1947 के बाद सूर्य की। प्रभा में जब शिशु (स्वतन्त्र भारत) ने जन्म लिया,...
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March 27, 2019 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
गरीबी हटाओ Garibi Hatao प्रस्तावना : यह कथन हमारे हृदय में चेतना भर देता है। कि यदि देश को पुनः ‘सोने की। चिडिया’ के रूप में देखना है तो न केवल ‘गरीबी हटाओ’ के नारे को बुलन्द करना है अपितु उसके सहयोगी एवं मूलभूत तत्त्वों की। ओर भी दृष्टिपात करना होगा; क्योंकि परिवार, समाज या देश कुछ। भी हो निर्धनता उसका सबसे बड़ा कलंक है। गरीब की कोई सहायता नहीं करता,...
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March 27, 2019 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
अन्तर्राष्ट्रीय महिला वर्ष International Women’s Year प्रस्तावना : आधुनिक नारी पर यह लक्षण पूर्णतः घटित होते हैं। वैसे सृष्टि के आदि काल से भारतीय नारी में पृथ्वी की-सी क्षमा, समुद्र-सी गम्भीरता, चन्द्रमा-सी शीतलता, सुर्य-सा तेज़ और पर्वतों जैसी मानसिक उच्चता एक साथ देखी जा सकती हैं। वह क्षमा, दया, ममता और प्रेम की पावन मूर्ति है और आवश्यकता पड़ने पर वह रणचण्डी का भी रूप धारण कर सकती है। स्त्री और...
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March 27, 2019 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
अन्तर्राष्ट्रीय बाल वर्ष International Children Year बाल विकास का महत्त्व : संयुक्त राष्ट्र संघ ने बाल विकास के महत्त्व की ओर विश्व का ध्यान केन्द्रित करने के लिए सन् 1979 ई० को बाल वर्ष घोषित किया था। इसके साथ ही यह भी निश्चित किया गया। कि हमारे देश में बाल विकास के लिए। जितने भी कार्यक्रम सरकार की ओर से बनाये जाएँगे, उन्हें सफल बनाने के लिए संयुक्त राष्ट्र बाल-विकास कोष...
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March 27, 2019 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment