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Archive by category "Languages" (Page 403)
समयनिष्ठा Samay Nishtha समय का सदुपयोग का ही नाम समयनिष्ठा है। इसी के पालन द्वारा मानव अपने । जीवन को सफल बना सकता है। इससे उसके जीवन के अमूल्य क्षण नष्ट होने से बच जाते हैं। विद्यार्थियों के लिए यह सफलता की कुंजी है। इसके पुजारी होने से वे नियमित रूप से अध्ययन करते हैं। ठीक समय पर विद्यालय में पहुँचते हैं। उन्हें परीक्षा के अवसर पर अधिक परिश्रम नहीं करना...
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January 23, 2020 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
सत्यनिष्ठा Satyanishtha सत्यनिष्ठा सबसे बड़ा तप है। इसका पुण्य प्राप्त करने के लिए मानव को केवल यही प्रयत्न करना पड़ता है कि जिस वस्तु को जिस रूप में पढ़े, देखे या सुने, उसे उसी वास्तविक रूप में प्रकट कर दे। इस छोटे से प्रयत्न का ही नाम सत्यनिष्ठा है। इसके विपरीत सब कार्य असत्य भाषण के अन्तर्गत आ जाते हैं। इनसे आत्म-सम्मान को ठेस पहुँचती है। सत्यवादी का आचरण सदैव शुद्ध...
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January 23, 2020 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
परीक्षा की तैयारी Pariksha ki Tayari अक्सर परीक्षा को एक बहुत कठिन कार्य या कोई भूत-प्रेत समझ लिया जाता है। ऐसा मान लिया जाता है कि उस पर पार पाना हमारे या आम आदमी के बस की बात नहीं है। कइयों को परीक्षा-ज्वर से ग्रस्त हो इधर-उधर नाहक अथवा रोना रोते हुए देखा-सुना जा सकता है कि अपनी तरफ से तो रात-दिन पढ़ने में एक किए रहता हूँ, परिणाम पता नहीं...
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January 23, 2020 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages1 Comment
आदर्श विद्यार्थी गुण और ज्ञान Adarsh Vidyarthi Gun aur Gyan गुण और ज्ञान भिन्न होते हुए भी एक दूसरे के लिए नितान्त आवश्यक हैं। गुणवान व्यक्ति यदि शिक्षित नहीं है, तो वह समाज को प्रभावित नहीं कर सकता है और यदि ज्ञानी गुणवान नहीं है, तो समाज में प्रत्येक के आदर का पात्र नहीं हो सकता है। किसी मा कार्य के लिए गण एवं ज्ञान दोनों की परमावश्यकता है। ज्ञानार्जन का...
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January 23, 2020 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
समाचारपत्रों की उपयोगिता Samachar Patro ki Upiyogita जैसे-जैसे मानव सभ्यता का विकास हुआ, वैसे वैसे ज्ञान के साधनों का विकास हुआ। अनेक विकसित साधनों में ही समाचारपत्र का भी विकास हुआ। समाचारपत्र का अर्थ है, ऐसा विवरणपत्र जो प्रतिदिन की घटनाओं, समस्याओं आदि के समाचारों से पर्ण हो । प्रकाशन अवधि के अनुसार समाचारपत्र, दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक, मासिक त्रैमासिक अर्द्धवार्षिक व वार्षिक होते हैं। देश की राजनीति, सामाजिक, आर्थिक आदि समस्याओं...
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January 16, 2020 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
अन्तरिक्ष प्रयोगशाला Antariksh Prayogshala आज विज्ञान ने प्रकति को अपनी चेरी बना लिया है। आज व्यक्ति अपने मनोकुल पशानिक तरीकों से बनावटी बादलों द्वारा वर्षा कर लेता है। इसके साथ ही अनेक मृत लागा के पार्थिव शरीरों को जीवित करने के लिए रासायनिक पदार्थों के सहयोग से सुरक्षित क्खा गया है। उधर रूस में अन्तर्राष्ट्रीय जीव विज्ञान प्रयोगशाला मास्को में प्रसिद्ध प्रज्ञानिक हकदीद साहब बिना प्रकृति (स्त्री) के बच्चे को बनाने...
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January 16, 2020 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
विश्व शान्ति में विज्ञान की भूमिका Vishwa Shanti me Vigyan ki Bhumika ज्ञान हो या विज्ञान, इन विषयों का अन्वेषण और आरम्भ वास्तव में मानव-जावन को सब प्रकार के भीतरी-बाहरी झंझटों से छुटकारा दिलाकर सुख और शान्त बनाने के लिए हुआ था। लेकिन आज युग एकदम उलट रहा है। आज न तो ज्ञान हमें भीतरी अर्थात आत्मिक-मानसिक शान्ति प्रदान कर पाने में समर्थ रह गया है, न विज्ञान ही, मानव...
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January 16, 2020 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
विज्ञान और चलचित्र Vigyan aur Chalchitra विगत आठ दशकों में विज्ञान के जिन आविष्कारों ने मानव जीवन में सुख एवं समद्धि की लहर उत्पन्न की, उनमे चलचित्र विशेष रूप से उल्लेखनीय है। हमारा मस्तिष्क एवं रहन-सहन इसके प्रभाव से वचित न रह सका। वास्तविकता तो यह है कि आज के प्राणी को इस आविष्कार ने बिल्कुल ही बदल डाला है। चलचित्र का आविष्कार छाया चित्रण की कला के क्रमिक विकास से...
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January 16, 2020 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment