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Archive by category "Languages" (Page 258)
मित्रों की प्राप्ति सम्पत्ति में और परीक्षा विपत्ति में Mitro ki Prapti Sampatti me aur Pariksha Vipatti me इस में कोई सन्देह नहीं कि मित्रों की प्राप्ति सम्पत्ति में होती है । जिस के पास अपना ही पेट भरने को कुछ न हो उसके पास कौन आता है परन्तु जिसके पास धन सम्पत्ति हो वहां लोग अपने आप चले आते हैं । सम्पत्ति में तो बेगाने भी अपने बन जाते...
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February 13, 2021 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
सबसे मीठा बोलिये Sabse Mitha Boliye सबसे मीठा बोलना चाहिए । मीठा बोलना, विनय रा नम्रता आदि सुशील व्यक्ति के लक्षण है । इनसे ही मनुष्य की शिष्टता प्रकट होती है और शिष्टता ही सज्जनता की विशिष्टता है । ‘शीलं हि सर्वस्व नरस्व भूषणम् । हिन्दी में कहावत भी है शील के बिना डील बेकार है । कास जी ने शीलशाली को सर्वविजयी कहा है-सर्वशीलवता जितम् (महाभारत) । वास्तव में...
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February 13, 2021 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
अच्छा स्वास्थ्य महावरदान Accha Swasthya Mahavardan कहते है जीवन में से अगर धन चला जाए तो समझो कुछ भी नहीं गया, परन्तु स्वास्थ्य चला जाए तो सब कुछ चला जाता है इस बात का अर्थ यह है कि जीवन में स्वास्थ्य का महत्त्व बहुत अधिक है । जीवन एक दौड़ है, इस दौड़ में वही जीतेगा जो शारीरिक दृष्टि से हृष्ट-पृष्ट होगा । स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मन का निवास होता...
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February 13, 2021 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages3 Comments
आलस्य हमारा सबसे बड़ा शत्रु है Aalasya Hamara Sabse Bada Shatru Hai एक मनुष्य वे होते हैं जो अनेक असफलताओं और संघर्षों से जूझते हुए अपने कर्म पथ पर अग्रसर होते हैं । ऐसे व्यक्तियों को ही कर्मवीर की उपाधि से विभूषित किया जाता है । उनका सिद्धान्त होता है या तो कार्य में सिद्धि प्राप्त करूँगा अन्यथा अपना शरीर ही नष्ट कर दूँगा । इसके विपरीत दुसरी प्रकार की...
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February 13, 2021 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
गया समय फिर हाथ नहीं आता Gaya Samay Phir Haath Nahi Aata जीवन में हुई प्रत्येक हानि को किसी न किसी प्रकार पुनः प्राप्त किया जा सकता जैसे धन के नष्ट होने पर मेहनत करके उसे दुबारा प्राप्त किया जा सकता हे,स्वास्थ्य खराब होने पर दवाइयों के सेवन से पुनः स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया जासकता है । परन्तु जीवन के जो सनहरी और कीमती पल एक बार व्यतीत हो गए,...
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February 13, 2021 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages1 Comment
मानव और धर्म Manav aur Dharam मानव उस ईश्वर की सबसे अनोखी रचना है । मानव उस प्रभु का एक अंश है । इसलिए वह जानता है कि वह ईश्वर के हाथ का खिलौना है । इन्हीं कारणों से वह ईश्वर से डरा-डरा रहता है । इस डर से मुक्त होने के लिए वह उस ईश्वर की अनेक मूर्तियां मन्दिरों में स्थापित करता है । उनकी पूजा करता है ताकि...
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February 13, 2021 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
संगठन में शक्ति Sangathan mein Shakti यह उक्ति शत-प्रतिशत सत्य है कि संगठन में शक्ति है । अकेला चना भाड नहीं फोड़ सकता न पानी की अकेली बंद का कछ महत्त्व होता है । जब पानी की बूंदें मिल कर धारा बन जाती हैं तो वे अपने लिये रास्ता बनाने के लिए बडे-बड़े पर्वतों को भी काट डालती हैं । बंद को तो थोडी सी धूप या गमी सुका देती...
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February 13, 2021 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
A Shepherded Boy and The Wolf Once a shepherded boy took his sheep to graze in the fields. His sheep were grazing pleasantly. The farmers were working in the fields. The boy thought of playing mischief with the farmers. He wanted to trouble them. He without giving a second thought began to cry, “Wolf! Wolf.” The farmers hearing this cry ran to save the boy. When they reached there, they found...
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February 12, 2021 evirtualguru_ajaygourEnglish (Sr. Secondary), Languages2 Comments