Home »
Archive by category "Languages" (Page 146)
जनसंख्या का भयावह Jansankhya ka Bhavah जनसंख्या एक समस्या बढ़ती जनसंख्या के परिणाम नियंत्रण के उपाय विश्व के अनेक देशों में जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है। भारत में हर वर्ष लगभग सवा करोड लोग बढ़ते हैं। आज हम 1,412,125,489 की संख्या पार कर चुके हैं। यहाँ आबादी सबसे बड़ी समस्या बन चकी है। देश के पास भोजन, वस्त्र व आवास की उपलब्धता इतनी नहीं है कि सभी की जरूरतें परी...
Continue reading »
November 26, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
दहेज प्रथा एक सामाजिक समस्या Dahej Pratha ek Samajik Samasya समाज का अभिशाप लड़कियों को तिरस्कृत समझना जिंदा जलाने का चलन प्रत्येक समाज में विभिन्न प्रकार के रीति-रिवाज चलन में आते हैं, लेकिन कुछ समय बाद इनमें कई प्रकार की बुराइयाँ आ जाती हैं। दहेज प्रथा भी एक ऐसा ही रिवाज है, जो आज समाज के लिए अभिशाप बन गया है। दहेज प्रथा के कारण ही बेईमानी, रिश्वतखोरी, भ्रष्टाचार, कालाबाजारी, चोरबाज़ारी,...
Continue reading »
November 26, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
पराधीनता एक अभिशाप Paradhinta ek Abhishap स्वाधीनता मानवीय विकास का प्रथम चरण है तथा दासता मानवता के मस्तक पर कलंक है। दासता का जीवन पशु-जीवन के समान होता है। वह मानव की प्रतिष्ठा तथा मान-सम्मान के विरुद्ध है। दासता के दमघोट वातावरण में कोई व्यक्ति समाज अथवा राष्ट्र अपने व्यक्तित्व को विकसित नहीं कर सकता। यह कितनी लज्जा की बात है कि मनुष्य-मनुष्य को अपना दास बनाने का प्रयत्न करे। दासता...
Continue reading »
November 26, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
शराब एक सामाजिक कलंक Sharab ek Samajik Kalank शराब एक अभिशाप शराब के दुष्परिणाम निष्कर्ष शराब एक सामाजिक कलंक है। शराब मनुष्य की विचार-शक्ति तथा स्वास्थ्य को नष्ट करती है। वास्तव में शराब सब बुराइयों की जड़ है। शराबी समझता है कि वह शराब पीता है, परंतु वास्तव में शराब उसे पीती है। सच्ची बात तो यह है कि शराब व्यक्ति को ही नहीं अपितु समुचे समाज के स्वास्थ्य तथा नैतिकता...
Continue reading »
November 26, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
भारत शांतिप्रिय देश Bharat Shanti Priya Desh विश्व शांति का उपासक विश्वबंधुत्व का भाव समस्याओं का शांतिप्रिय समाधान। भारत विश्व के उन प्राचीनतम देशों में से है जो आज तक जीवित हैं। भारतीय संस्कृति की अक्षुण्ण धारा आज भी प्रवाहित है। इसका कारण है-मूल्यों में विश्वास। भारत में सत्य, अहिंसा, त्याग, प्रेम, परोपकार जैसे जीवनमूल्य सदा से चले आ रहे हैं। देश में अनेक धार्मिक आंदोलन हुए। सबका एक ही लक्ष्य...
Continue reading »
November 26, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
भारतीय राष्ट्रध्वज Bharatiya Rashtradhwaj गौरव का प्रतीक रंगरूप सम्मान करना सबका कर्तव्य हर देश का प्रतीक उस राष्ट्र का राष्ट्रध्वज होता है। यह ध्वज देश की नीतियों, परंपराओं व सिद्धांतों को व्यक्त करता है। भारत का राष्ट्रध्वज तीन रंगों की तीन पट्टियों से बना है। सबसे ऊपर केसरिया रंग की पट्टी है जो शूरवीरता का प्रतीक है। बीच की पट्टी सफेद रंग की है जो शांतिप्रियता का प्रतीक है। तीसरी पट्टी...
Continue reading »
November 26, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
भारत के राष्ट्रीय पर्व Bharat ke Rashtriya Parv पर्व और उनके प्रारूप राष्ट्रीय पर्व मनाने का ढंग संदेश पर्व किसी खास उद्देश्य को लेकर मनाए जाते हैं। भारत पर्वो का देश है क्योंकि यहाँ अनेक धर्म प्रचलित हैं। धार्मिक व सामाजिक पर्वो का संबंध एक सीमित समुदाय या क्षेत्र से होता है। राष्ट्रीय पर्व राष्ट्र की सीमा में रहने वाले हर व्यक्ति, जाति, धर्म से संबंधित होते हैं। इन्हें मनाने में...
Continue reading »
November 26, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
कारगिल विजय दिवस 26 जुलाई Kargil Vijay Diwas – 26 July कारगिल का भौगोलिक परिचय पाकिस्तानियों का कारगिल पर आक्रमण भारत की विजय और पाकिस्तान की पराजय। कारगिल कश्मीर का एक अत्यंत संवेदनशील एवं महत्त्वपूर्ण क्षेत्र है। इस क्षेत्र में बर्फ की पहाड़ियाँ हैं। यह क्षेत्र पाकिस्तान की सीमा रेखा को स्पर्श करता है। अत: सामरिक दृष्टि से यह अत्यंत महत्त्व रखता है। पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान की सेना इस...
Continue reading »
November 26, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment