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Archive by category "Languages" (Page 11)
भ्रष्टाचार और जनता (Bhrashtachar Aur Janta) आज के युग में व्यक्ति का जीवन अपने स्वार्थ तक ही सीमित होकर रह गया है। आज समाज में धन की लालसा इतनी बढ़ गई है कि व्यक्ति के प्रत्येक कार्य के पीछे स्वार्थ ही नजर आता है। प्रत्येक व्यक्ति अधिक धनी बनना चाहता है जिसके कारण वह अनैतिकता के मार्ग पर जाने में भी संकोच नहीं करता। वह येन-केन प्रकारेण धन कमाना चाहता है।...
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October 7, 2024 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
मधुर वाणी (Madhur Vani) “ऐसी बानी बोलिए मन का आपा खोय। औरन को सीतल करै आपहु सीतल होय ॥” मधुर वाणी एक वरदान है। यह हमारे सभी कामों को बना देती है। मधुर वचन मानो वशीकरण मंत्र के समान है, जो सामने वाले व्यक्ति को सहज ही अपने वश में कर लेते हैं। कटु वचन एक तीर के समान होते हैं जो अंदर तक जाकर धँस जाते हैं जिसका घाव भरना...
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October 7, 2024 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
बेरोज़गारी और आज का युवा वर्ग (Berojgari aur Aaj ka Yuva Varg) प्राचीन भारत ‘सोने की चिड़िया’ के नाम से विख्यात था। किंतु आज यह विकासशील देशों की श्रेणी में दिखाई देता है। आज हमारे देश में जितनी भी समस्याएँ और अव्यवस्थाएँ दिखती हैं उनके मूल में एक ही समस्या है- बेरोजगारी। काम करने योग्य इच्छुक व्यक्ति को कोई काम न मिलना बेरोजगारी कहलाता है। इस भीषण समस्या के अनेक कारणों...
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October 7, 2024 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
विद्यालय का वार्षिकोत्सव (Vidhyalaya ka Varshikmohotsav) वार्षिकोत्सव का अर्थ है सालाना जलसा। प्रत्येक विद्यालय का यह सबसे बड़ा उत्सव होता है। हमारे विद्यालय का वार्षिकोत्सव प्रत्येक वर्ष नवम्बर महीने में मनाया जाता है। इस दिन विद्यालय प्रांगण में बहुत बड़ा पंडाल और मंच बनाया गया था। फूलों के गमले पूरे मार्ग में सुशोभित थे। स्कूल के मुख्य द्वार पर स्कूल का बैंड बज रहा था। ठीक 10 बजे मुख्य अतिथि राज्यपाल...
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October 7, 2024 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
ग्रामीण जीवन और भारत (Gramin Jeevan aur Bharat) भारत देश गाँवों का देश कहा जाता है। देश की विस्तृत आबादी आज भी यहाँ के गाँवों में ही रहती है। आज़ादी के सात दशक बाद भी यहाँ दो देश की झलक मिलती है-एक ‘भारत’ एवं एक इंडिया। यह देश के ग्रामीण एवं शहरी इलाकों की वास्तविकता बताने के लिए काफी है। ग्रामीण शहरी जीवन की कठिनाइयों से घबराते हैं। उन्हें शहरों का...
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October 7, 2024 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
पुस्तक मेला (Pustak Mela) पुस्तक मेले हमारे लिए वरदान हैं। यहाँ पर अपनी विषयों पर सभी पाठक अपनी रुचि से योग्यता एवं आवश्यकतानुसार पुस्तकों का चुनाव कर सकते हैं। विषय और मूल्य की विविधता इस चुनाव को और भी सरल, सहज और सरस बना देती है। मेले में पुस्तकों पर चर्चाएँ और गोष्ठियाँ होती हैं जो पाठकों के लिए अत्यंत लाभदायक हैं। दिल्ली के प्रगति मैदान में हर वर्ष पुस्तक मेले...
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October 7, 2024 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
हमारे त्योहार (Hamre Tyohar) भारत त्योहारों का देश है। यहाँ भिन्न-भिन्न धर्म एवं जाति संप्रदाय के लोग निवास करते हैं। भारत के त्योहार इसकी संस्कृति की महानता को उजागर करते हैं। ये जीवन में सुखद परिवर्तन लाकर नई चेतना व स्फूर्ति का संचार करते हैं। हमारे त्योहार करूणा, दया, आतिथ्य सत्कार, पारस्परिक प्रेम एवं सद्भावना तथा परोपकार जैसे नैतिक गुणों का विकास करने में सहायक होते हैं। ये अधिकतर ऋतु चक्र...
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October 7, 2024 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
हमारा राष्ट्रध्वज – तिरंगा (Hamara Rashtradwaj Tiranga) हर देश का अपना-अपना राष्ट्रीय ध्वज होता है। हमारे भारतवर्ष का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा है। इसमें शामिल केसरिया रंग वीरता एवं त्याग का प्रतीक है। सफेद रंग सुख-शांति तथा हरा रंग खुशहाली एवं हरी-भरी फसलों का प्रतीक है। तिरंगे के बीचों-बीच अशोक चक्र है जो हमें सतत् परिश्रम की प्रेरणा देता है। चक्र अशोक स्तंभ से लिया गया है और इसका रंग नीला है।...
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October 7, 2024 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
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