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Archive by category "Languages" (Page 1063)
पुस्तक की आत्मकथा निबंध नंबर : 01 वर्तमान में मै एक पुस्तक हूँ | मुझे पाकर मानो मानव ने एक अमर निधि प्राप्त कर ली है | मै उसे सदा ज्ञान – विचारो का दान देती रहती हूँ | मुझे आज ज्ञान – विज्ञान और समझदारी का , आनन्द और मनोरंजन का खजाना माना जाता है | परन्तु आदर – मान की यह स्थिति मुझे एकाएक या सरलता से नही मिल...
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January 31, 2017 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages2 Comments
चाय की आत्मकथा मै ‘चाय’ आज के युग की अमर देंन हूँ | मै आज सारे विश्व में व्यापित हूँ | आधुनिक पेय पदार्थो में मेरा विशेष स्थान है | मेरे मन में किसी के प्रति लेशमात्र भी भेदभाव नही | मै सभी को समान स्फूर्ति प्रदान करती हूँ | बड़े – बड़े होटलों और भवनों से लेकर छोटी-छोटी झोपड़ियो तक मेरी पहुँच है | शादी – विवाह व स्वागत समारोहों...
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January 31, 2017 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages1 Comment
सैनिक की आत्मकथा Sainik ki Aatam Katha कुल 4 निबंध निबंध नंबर : 01 मै एक सैनिक हूँ | मेरा नाम बलवन्त सिह है | मै हरियाणा प्रान्त के एक गाँव पौलंगी का रहने वाला हूँ | मेरे पूर्वज शौर्य के प्रतीक थे | वे भी मिलिट्री के जवान रह चुके है | बचपन में मै उनके शौर्य तथा बलिदान की गाथा सुनता रहता था | उनकी इन शौर्य –गाथाओ को...
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January 31, 2017 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages2 Comments
यदि मै डाक्टर होता Yadi mein Doctor hota निबंध नंबर : 01 संसार में कई प्रकार के व्यवसाय हैं, उद्योग-धन्धे हैं, नौकरियाँ और कार्य-व्यापार हैं। उनमें से कई बड़े ही मानवीय माने जाते हैं। यों तो सभी का सम्बन्ध मनुष्य के साथ ही हुआ करता है; पर कुछ कार्य-व्यापार इस तरह के भी हैं कि जिन की स्थिति मानवीय दृष्टि से बड़ी ही सम्वेदनशील हुआ करती है। उसका सीधा सम्बन्ध मनुष्य...
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January 31, 2017 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages1 Comment
यदि मै विद्दालय का प्रधानाचार्य होता Yadi Mein Vidyalaya ka Pradhanacharya Hota निबंध नंबर : 01 विद्दालय में प्रधानाचार्य का पड़ अत्यन्त महत्त्वपूर्ण तथा उत्तरदायित्व पूर्ण होता है | वह विद्दालय का सर्वोच्च अधिकारी होता है | किसी भी विद्दालय की उन्नति और अवन्ती इसके प्रधानाचार्य की बहुत बड़ी भूमिका होती है | वह विद्दालय का केन्द्र होता है जिसके चारो और विद्दालय की समस्त गतिविधियाँ घुमती रहती है | उसके...
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January 31, 2017 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages1 Comment
यदि मै करोडपति होता Yadi Mein Karodpati Hota निबंध नंबर : 01 आज के भौतिक युग में धन सम्पति से परिपूर्ण होना बड़े सौभाग्य की बात है | परन्तु इसके बिना जीवन निरर्थक-सा लगता है | जिस व्यक्ति के पास बहुत अधिक सम्पत्ति हो जाती है वह प्राय : बुराइयो की और अग्रसर होने लगता है | वे मदिरापान करने लगते है, व्यभिचारी बन जाते है तथा अन्य अनेक प्रकार के...
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January 31, 2017 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
यदि मै प्रधानमंत्री होता हमारा देश भारतवर्ष एक गणतंत्र देश है | यहाँ व्यस्क मताधिकार के द्वारा कोई भी योग्य व्यक्ति जो भारत का नागरिक हो इस देश का प्रधानमंत्री बन सकता है | फिर भी भारत जैसे महान लोकतंत्र देश का प्रधानमंत्री बनना वास्तव में बहुत गर्व और गौरव की बात है | प्रधानमंत्री बनने के लिए लम्बे और व्यापक जीवन अनुभवो का राजनीतिक कार्यो और गतिविधियों का प्रत्यक्ष अनुभव...
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January 31, 2017 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages1 Comment
बिजली के लाभ बिजली आज के युग में हमारे जीवन का एक अभिन्न अंग बन चुकी है | इसके बिना हमारा जीवन निरर्थक – सा प्रतीत होता है | इसमें ऐसी चमत्कारिक शक्ति है जिससे हमारा दैनिक जीवन बहुत प्रभावित हुआ है | यहाँ तक कि इसके बिना हमारे उद्दोग – धन्धे तथा कृषि भी प्रभावित हुए बिना नही रह गए है | विद्दुत द्वारा चलने वाले नलकूपों से खेतो में...
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January 28, 2017 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages2 Comments