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Archive by category "Hindi (Sr. Secondary)" (Page 65)
राष्ट्रमंडल खेल Commonwealth Games खेल खेलना मनुष्य की स्वाभाविक प्रवृत्ति है। भारत में बड़े स्तर पर खेलों का आयोजन बहुत कम किया जाता है। हालांकि राष्ट्रीय खेल, एशियन खेल यहाँ आयोजित हुए हैं, परंतु निरंतर रूप से बड़े स्तर के खेल आयोजन नहीं होते हैं। सन 2010 में दिल्ली में राष्ट्रमंडल खेल आयोजित होंगे। यह ऐतिहासिक अवसर है तथा इसमें अनेक देश भाग लेंगे। इस आयोजन में हजारों खिलाड़ी व लाखों...
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November 16, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
युवकों का देश के प्रति कर्तव्य Yuvako ka desh ke prati kartavya प्रत्येक को देश की उन्नति का प्रमुख भार उसके नवयुवकों पर होता है। यदि यह कहा जाए कि देश का भार युवकों सबल कंधे ही उठा सकते हैं, तो अत्युक्ति न होगी। उनमें शारीरिक, मानसिक और आत्मिक शक्ति अधिक होती है। वे प्रत्येक उत्तरदायित्व को संभालने के योग्य होते हैं। युवकों में साहस होता है, शारीरिक बल होता...
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November 16, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
गोबार बादशाह का कमाल है Gobar Badhsah ka Kamal hai एक महिला थी। उसकी गोदी का लड़का कई दिनों से बीमार चला आ रहा था। कई वैद्यों की दवाइयां खिला चुकी थी। जिसने जो वैद्य बताया, उधर ही लड़के को लेकर दौड़ती। कोई दवा काम नहीं कर रही थी। जो भी जान-पहचान का मिलता, तो यही पूछता था, “अभी ठीक नहीं हुआ तुम्हारा लड़का?” वह उसको सीधा-सीधा जवाब देती, “किसी की...
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July 5, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
निन्यानवे का फेर Ninyanave ka pher एक बनिया और बढ़ई दोनों एक-दूसरे के पड़ोसी थे। बनिया नगर का जाना-माना सेठ था। उसका लाखों का कारोबार फैला हुआ था। सेठ की कई एकड़ जमीन में खेती होती थी। गेहूं, सरसों और घी के गल्लामंडी में गोदाम थे। बहुत-से नौकर-चाकर थे। ब्याज का पैसा आता था सो अलग। लाला रात-दिन पैसे जोड़ने में लगा रहता। एक-एक धेले का हिसाब रखता था। उसे कोई...
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July 5, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
जान बची, लाखों पाए Jaan bachi, lakho paye एक रियासत में एक नाई और एक पंडित बहुत चालाक और मक्कार किस्म के थे। इनकी मक्कारी से वहां का राजा भी परेशान था। उनसे छुटकारा पाने के लिए राजा ने एक उपाय सोचा। राजा ने नाई और पंडित से अपनी लड़की के लिए एक रियासत में राजकुमार को देखने के लिए कहा। उस रियासत तक पहुंचने के लिए जंगल से होकर रास्ता...
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July 5, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
एक से बढ़कर एक Ek se badhkar ek एक था सुनार और एक था अहीर। दोनों के चोरों और ठगों से संबंध थे। चोरी और लूट का सामान खरीदने और बिकवाने में इन दोनों का हाथ रहता था। कुछ दिनों बाद इन दोनों में मित्रता हो गई थी। कभी-कभार एक-दूसरे के यहां आते-जाते, तो मेहमानों जैसी खातिरदारी होती। चोरों का माल न आने से दोनों का काम ठप्प-सा हो गया था।...
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July 5, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
अंधेर नगरी चौपट राजा Andher nagri chopat raja दो साधु एक तीर्थयात्रा पर निकले। इनमें एक गुरु था और एक चेला। वापस लौटते समय उन्हें रास्ते में एक नगर मिला। दिन डूबने में डेढ़-दो घंटे बाकी थे। कुछ थकान भी थी, इसलिए आराम करने के लिए वहीं रुक गए। गुरु ने सामान लाने के लिए चेले को बाजार भेज दिया और खुद खाना बनाने की जुगाड़ में लग गए। गुरु...
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July 5, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
जिसकी लाठी, उसकी भेंस Jiski lathi, uski bhains नदी पार करते ही जंगल का रास्ता शुरू हो जाता था। आगे-आगे भैंस चली जा रही थी, पीछे-पीछे पंडित जी। चलते-चलते पंडित सोचता भी जा रहा था कि जमींदार के यहां पहली संतान हुई थी, वह भी लड़का। बड़ी धूम-धाम से मनाया था लड़के का जन्मदिन। जमींदार के वंश की आगे की परंपरा खुल गई थी। जमींदार के यहां पांच भैंस थीं। आज...
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July 5, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
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