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Hindi Essay on “Bhavna se Kartavya uncha hai ” , ”भावना से कर्तव्य ऊंचा है” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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भावना से कर्तव्य ऊंचा है Bhavna se Kartavya uncha hai  संसार में असंख्य प्राणी हैं। उनमें सर्वाधिक और विशिष्ट महत्व केवल मनुष्य नामक प्राणी को ही प्राप्त है। इसके मुख्य दो कारण स्वीकार किए जाते या किए जा सकते हैं। एक तो यह कि केवल मनुष्य के पास ही सोचने-समझने के लिए दिमाग और उसकी शक्ति विद्यमान है, अन्य प्राणियों के पास नहीं। वे सभी कार्य प्राकृतिक चेतनाओं और कारणों से...
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Hindi Essay on “Mazhab nahi sikhata aapas mein bair rakhna” , ”मजहब नहीं सिखाता अपास में बैर रखना” Complete Hindi Essay for Class 9, Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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मजहब नहीं सिखाता अपास में बैर रखना Mazhab nahi sikhata aapas mein bair rakhna निबंध नंबर :- 01  अच्छाई हमेशा अच्छाई रहती है। उसका मूल स्वरूप-स्वभाव कभी विकृत नहीं हुआ करता। उस पर किसी एक व्यक्ति या धर्म-जाति का अधिकार भी नहीं हुआ करता। अपने मूल स्वरूप में मजहब भी एक अच्छाई का ही नाम है। मजहब, धर्म, फिरका, संप्रदाय और पंथ आदि सभी भाववाचक संज्ञांए एक ही पवित्र भाव और...
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Hindi Essay on “Ant Bhala, to Sab Bhala” , ”अंत भला तो सब भला” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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अंत भला तो सब भला Ant Bhala, to Sab Bhala अक्सर कहा-सुना जाता है कि कर भला, हो भला, अंत भला तो सब भला। परंतु जीवन और संसार में क्या भला और बुरा है, क्या पुण्य है और क्या पाप है, इस संबंध में कोई भी व्यक्ति अंतिम या निर्णायक रूप से कुछ नहीं कह सकता। मेरे लिए जो वस्तु भक्ष्य है, स्वास्थ्यप्रद और हितकर है, वही दूसरे के लिए अभक्ष्य,...
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Hindi Essay on “Vahi Manushya hai ki jo… ” , ”वही मनुष्य है कि जो..” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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वही मनुष्य है कि जो.. राष्ट्र और मानवतावादी कवि स्वर्गीय राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की एक प्रसिद्ध कविता की पंक्ति है यह सूक्ति, जो इस प्रकार है : ‘वही मनुष्य है कि जो मनुश्य के लिए मरे।’ अर्थात मनुष्यता की भलाई के लिए अपने प्राणों का बलिदान कर देने वाले को ही सच्चा मनुष्य कहा जा सकता है। कितनी महत्वपूर्ण बात कही है महाकवि ने अपनी इस सूक्ति में! अपने लिए तो...
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Hindi Essay on “Paradhi Supnehu Sukh Nahi” , ”पराधी सपनेहुं सुख नाहीं” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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पराधी सपनेहुं सुख नाहीं Paradhi Supnehu Sukh Nahi  निबंध नंबर :- 01 कुछ कवियों की जो अनेक प्रचलित सूक्तियां लोक प्रचलित हैं, उनमें से यह एक महत्वपूर्ण, प्रेरणादायक सूक्ति है। यह कहावत या सूक्ति महाकवि गोस्वामी तुलसीदास द्वारा अपने महाकाव्य ‘रामचरित मानस’ के किसी प्रसंग में कही गई है। इसका सीधा सरल अर्थ है कि जो व्यक्ति किसी भी स्तर पर, किसी भी रूप में पराधीन अर्थात गुलाम होता है, वह...
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Hindi Essay on “Bijli :  Adhunik Jeevan ki Ridh” , ”बिजली : आधुनिक जीवन की रीढ़” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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बिजली : आधुनिक जीवन की रीढ़ Bijli :  Adhunik Jeevan ki Ridh आज बिजली के अभाव में एक पल भी बिता पाना कष्टकर हो जाया करता है। बिजली! हाय बिजली! एक क्षण के लिए भी यदि कहीं बिजली गुल हो जाती है, तो चारों तरफ हाय-तोबा मच जाती है। लगता है, जैसे तेज गति से भाग रही गाड़ी को अचानक ब्रेक लग जाने से वह एक झटके के साथ रुक गई...
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Hindi Essay on “Nirastrikaran” , ”निरस्त्रीकरण” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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निरस्त्रीकरण Nirastrikaran शस्त्रास्त्रों की दौड़ और उसके फलस्वरूप होने वाले युद्धों से मुक्त समाज का निर्माण ही निरस्त्रीकरण का मूल लक्ष्य है। निरस्त्रीकरण का सामान्य और व्यावहारिक अर्थ है, आज जो भयानकटतम मारक शस्त्रास्त्र बन रहे हैं, उनका निर्माण रोकना और विनाशक युद्धों का भय टालना। इसके सथ यह बात भी जुड़ी हुई है कि आज तक जिते भी आणविक शस्त्रास्त्र बन चुके हैं, सभी निर्माता राष्ट्र एक साथ  मिलकर उन्हें...
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Hindi Essay on “Yudh ke Labh aur Haniya” , ”युद्ध के लाभ और हानियां” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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युद्ध के लाभ और हानियां Yudh ke Labh aur Haniya   युद्ध और लाभ! नहीं, युद्ध का तो नाम सुनते ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं। युद्ध मूल रूप से कोई अच्दी बात नहीं है। यों स्वभाव से भी मनुष्य शांतिप्रिय प्राणी है और युद्धों से बचा ही रहना चाहता है, फिर भी कई बार उसे युद्ध करने की विवशता ढोनी ही पड़ती है। हानि उठाकर भी तब उसका प्रयोजन राष्ट्रीय...
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