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Archive by category "Hindi (Sr. Secondary)" (Page 269)
विज्ञापन के लाभ एवं हानि Vigyapan ke Labh evm Hani प्रस्तावना- विज्ञापन को व्यापार की आत्मा एवं आघारशिला कहा जाता हैं। विज्ञापन द्वारा उत्पादक एवं उपभोक्ताओं के मघ्य सम्बध स्थापित किया जाता हैं। विज्ञापन द्वारा किसी वस्तु की मांग बढ़ती हैं एवं रहन-सहन के स्तर अनुकूल प्रभाव पड़ता हैं। व्यापार में सहायक – व्यापार में विज्ञापन बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। विज्ञापन के द्वारा आम जनता को यह पता चलता...
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February 15, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages23 Comments
पडो़सी Padosi प्रस्तावना – मनुष्य एक सामाजिक प्राणि हैं। वह समाज में रहता है। प्रत्येक व्यक्ति का एक घर होता हैं। उसके घर के आस-पास अन्य घर भी होते हैं। जो व्यक्ति इन घरों में रहते हैं, पड़ोसी कहलाते हैं। आज अच्छा पडा़ेसी मिलना सौभाग्य की बात हैं। इस सम्बध में मैं अत्यघिक भाग्यशाली हूं। मिस्टर अमित कुमार गुप्ता मेरे पडो़सी हैं। वे केन्द्रीय विद्यालय में अघ्यापक हैं। लगभग चालीस...
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February 15, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
पेशे का चयन Peshe ka Chayan प्रस्तावना- पेशे का चयन अर्थात आजीविका कमाने के साधन का चुनाव करना, इन्सान का बुनियादी हक है। देश की स्वतंत्रता के बाद मौलिक अधिकारों में भी आजीविका कमाने के साधन को विचारों की स्वतंत्रता की तरह ही मौलिक अधिकर (थ्नदकंउमदजंस तपहीज) का एक हिस्सा माना गया है। अब से कोई पांच दशक पहले यह अवधारणा थी कि कृषक का बेटा कृषक, मजदूर का बेटा मजदूर,...
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January 31, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
एशियाई खेलों का महत्व Ashia Khelo ka Mahatv प्रस्तावना- मानव जीवन में खेलों का सदा से महत्व रहा है। खेलों से न केवल शारीरिक क्षमताओं का निर्माण होता है, बल्कि मानसिकता तथा बौद्धिक अनुशासन भी विकसित होता है। व्यक्ति के व्यक्तित्व विकस में खेलों का महत्वपूर्ण योगदान रहता है। खेल मानसिक तथा शारीरिक सन्तुलन के विकास के लिए अत्यन्त आवश्यक है। खेल लोकप्रिय बनाने के प्रयास- आज खेलों का महत्व दिन-प्रतिदिन...
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January 31, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका Loktantra aur Vipaksh ki Bhumika प्रस्तावना- प्रजातंत्र या लोकतंत्र शब्द का अन्तर्राष्ट्रीय जीवन में बहुत अधिक महत्व है। इस शब्द की महत्ता आज विश्व के सर्वाधिक जनमानस तथा जनजीवन में निहित है। जो व्यक्ति तथा शासन प्रणालीयां प्रजातन्त्र तथा प्रजातान्त्रिक मूल्यों में भी विश्वास नहीं रखती, वे भी प्रजातन्त्र का नाम जोडकर अपनी शासन व्यवस्था को चलायें रखना चाहती है। पूर्णरूप् के तानाशही शासन व्यवस्था में...
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January 31, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
एक बंदी की आत्मकथा Ek Bandi ki Atmakahtha प्रस्तावना- मेरा नाम बृजेश शर्मा है। मैंने एम0काॅम तक शिक्षा पायी है। मैं सरकारी विभाग में एकाउंट का काम करता था। मैं बहुत ईमानदारी एवं कर्तव्यनिष्ठ था जिस कारण मेरे मित्र मुझे राजा हरिशचन्द्र की औलाद कहकर चिढ़ाया करते थे। मैंने अपने जीवन में कभी भी रिश्वत नहीं ली। मेरा मत था कि रिश्वत लेना पाप है। मेरी आपबीती- एकाउन्ट विभाग में होने...
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January 30, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
पुरस्कार वितरण समारोह Pustak Vitran Samaroh प्रस्तावना- हमारे विद्यालय में पुरस्कार वितरण समारोह इस वर्ष 20 फरवरी को मनाया गया था। लोक सभा पीठ से मेरठ के नवनिर्वाचित सांसद ने समारोह की अध्यक्षता करने की सहमति प्रदान की। वितरण की तैयारियां- पुरस्कार वितरण समारोह की तैयारियों के लिए काॅलेज में सफेदी की गयी तथा काॅलेज को भली-भाँति सजाया गया। अध्यक्ष महोदय शाम को 3 बजे आये। स्वागत समिति द्वारा उनका अभिनन्दन...
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January 30, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
शिक्षा में खेलकूद का स्थान Shiksha me Khelkud ka Sthan खेल- खेल मनुष्य की जन्मजात प्रवृति है। यह प्रवृति बालकों, युवकों और वृद्धों तक में पायी जाती है। खेल के द्वारा मनुष्य का शरीर स्वस्थ रहता है। स्वस्थ मनुष्य अपने जीवन में अपने कार्यों को अच्छी तरह से पूरा कर सकता है। शिक्षा- प्राचनीकाल में शिक्षा का उद्देश्य मोक्ष-प्राप्ति था। इस शिक्षा को पाने का अधिकारी वहीं होता था, जो शारीरिक...
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January 30, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages4 Comments