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Archive by category "Hindi (Sr. Secondary)" (Page 255)
नशा मुक्ति Nasha Mukti मादक द्रव्य सेवन की पृवति हजारों वर्ष पुरानी है। अनुसंधान एवं वस्तु-निर्माण की शक्ति से युक्त मानवों ने सभ्यता के विकास के साथ एक से बढ़कर एक उपयोगी चीजें खोज लीं, उपकरण बना लिए, वस्तुएँ निर्मित कर लीं। इस क्रम में उन्होने मादक द्रव्य ढूँढ निकाले एवं उनका प्रयोग करना सीख लिया। भारत के प्राचीन ग्रंथों में ’सोम और सुरा’ का उल्लेख इस बात का...
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May 21, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages1 Comment
अनुशासित युवा शक्ति Abushasit Yuva Shakti प्रासाद की चिरस्थिरता और उसकी दृढ़ता जिस प्रकार आधारशिला की मजबूती पर आधारित है, लघु पादपों का विशाल वृक्षत्व जिस प्रकार बाल्यवस्था के सिंचन और संरक्षण पर आश्रित होता है, उसी प्रकार युवक की सुख-शांति में समृद्विशालिता का संसार छात्रावस्ता पर आधारित होता है। यह अवस्था नवीन वृक्ष की मृदु और कोमल शाखा हैं, जिसे अपनी मनचाही अवस्था में सरलता से मोड़ा जा सकता...
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May 21, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
साहित्य समाज का दर्पण है अथवा साहित्य समाज का दर्पण ही नहीं मार्गदर्शक भी है साहित्य का रचयिता साहित्यकार कहलाता है। साहित्यकार मस्तिष्क, बुद्धि और हदय से सम्पन्न प्राणी है। वह समाज से अलग हो ही नहीं सकता, क्योंकि उसकी अनुभूति का संपूर्ण विषय समाज, उसकी समस्याएँ, मानव जीवन और जीवन के मूल्य हैं, जिनमें वह साँस लेता है। जब कभी उसे घुटन की अनुभुूति होती है उसकी अभिव्यक्ति...
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May 21, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
राष्ट्र निर्माण में साहित्यकार की भूमिका अथवा समाज के प्रति साहित्यकार का दायित्व साहित्यकार भी समाज का अभिन्न अंग होता है। वह जिस समाज मे रहता है, उसके प्रति उसका विशेष दायित्व भी बनता हैं। साहित्यकार अपनी रचना के माध्यम से अपने विचारों की अभिव्यक्ति प्रदान करता है। वह अपने असंतोष के कारण को भी स्पष्ट करता है। यहाँ आकर उसका स्वरूप प्रजापति का हो जाता है। देशोत्थान...
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May 21, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
उधार अदायगी के बारे में निवेदन करना Udhar Adayagi ke bare me nivedan karna महोदय, मैं आशा करता हूँ कि आपको यह बात स्मरण होगी कि व्यक्तिगत असुविधा में पड़े होने के समय, आपने तीन माह पूर्व पाँच सौ रुपये का ऋण हमसे लिया था। मैं समझता हूँ कि उसकी अदायगी अब तक हो जानी चाहिये थी, कृपया शीघ्रताशीघ्र अदायगी कर दें। विनीत, राम बिहारी उपरोक्त का उत्तर परम...
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April 16, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
कानूनी कार्यवाही के प्रति धमकीभरा पत्र Kanuni Karyavahi ke prati dhami bhara patra श्रीमान्, मुझे खेद सहित करना पड़ रहा है कि यदि इस माह के अंत तक आपने मेरा हिसाब-किताब पूर्णतयः बेबाक न कर दिया तो मुझे मजबूरन कानूनी कार्यवाही के लिए अपने वकील का सहारा लेना पड़ेगा। विनम्र, श्याम कुमार उपरोक्त का उत्तर श्रीमान्, खेद के साथ सूचित करना पड़ रहा है कि आपसे...
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April 16, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
भुगतान के बारे में दबाव डालने वाला पत्र Bhugtan ke bare me dabav dalne wala patra आदरणीय, मुझे खेद सहित एक बार पुनः आपका ध्यान आकृष्ट कराने की आवश्यकता पड़ रही है। मैं एक बार पुनः आपका घ्यान, बिना अदायगी किये पड़े बिल के प्रति आकृष्ट करना चाहता हूँ। मुझे विश्वास है कि किसी भ्रमवष आपके घ्यान में आये बगैर मेरी अदायगी रह गयी है। उस पर कृपा दृष्टि करें।...
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April 16, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
बिल अदायगी के बारे में पूछताछ Bill adayagi ke bare me Puchtach मैड़म, हमने पिछले सप्ताह आपके पास जनवरी माह में किराना (घरेलू खाध एवं उपयोग) आपूर्ति किये जाने का बिल भेजा था। कृपया उसके भुगतान के लिए शीघ्रताशीघ्र कष्ट करें। दिनांक: 13.2- आपका विश्वस्त, ग्रीन ग्रोसर उपरोक्त का उत्तर डियर मिस्टर ग्रोसर, आपके 13.2- के पत्र के लिए धन्यवाद। मुझे खेद है कि...
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April 16, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment