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Archive by category "Hindi (Sr. Secondary)" (Page 250)
फैशन Fashion परिवर्तित समय के अनुरूप स्वयं को ढालना ही फैशन है। वैसे फैशन शब्द का प्रयोग वेशभूषा के रूप में लिया जाता है। वेशभूषा के नित नए रूप देखने को मिलते हैं। एक ही प्रकार के कपड़े ज्यादा देर तक प्रचलन में नहीं रहते। इससे हम ऊब जाते हैं। फैशन के कारण ही तरोताजा बने रहते हैं। फैशन को सदा गलत अर्थों मेें नहीं लिया जाना चाहिए। स्वयं को आधुनिक...
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June 12, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
प्रतिभा पलायन Brain Drain आज जिसे देखो, उस पर विदेश जाने की धुन सवार है। इस प्रवृत्ति के कारण प्रतिभा का खूब पलायन हो रहा है। यह पढ़े-लिखों का विदेश-पलायन केवल मात्र धन की लालसा है। अधिक से अधिक धन पाने की कामना उन्हें विदेश जाने को बढ़ावा दे रही है। यद्यपि विदेश में उनके साथ कोई सम्मानजनक व्यवहार नहीं होता, पर सुख-ऐश्वयर्यपूर्ण जीवन की चाह उन्हें सभी कुछ सहने...
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June 12, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
सादा जीवन उच्च विचार Sada Jeevan Uch Vichar आज का युग भौतिकवादी हो गया है। इसमें दिखावे की प्रवृत्ति निरंतर बढ़ती जा रही है। और इसी कारण अशांति बढ़ रही है। भारतीय संस्कृति में ‘सादा जीवन उच्च विचार’ पर बल दिया जाता रहा है। यह सिद्धांत केवल कहने भर के लिए नहीं है, अपितु यह सुख का आधार है। सादा जीवन जीने से मानसिक अशांति नहीं होती, अपितु इससे व्यक्ति...
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June 12, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
मजदूर Majdoor मैं मजदूर हूँ। मेरे कंधों पर निर्माण का भार टिका हुआ है। मैंने नए भारत का निर्माण किया है। मैं निर्माता हूँ। मैं मजदूर होते हुए भी अपने काम में निरंतर लगा रहता हूँ। मैंने अपने कंधे कभी नहीं गिराए। मैं काम करने से कभी नहीं घबराता। मैं अनेक पीढ़ियों से निरंतर काम करता चला आ रहा हूँ। मैंने बड़े-बड़े पुल बनाए, बड़ी-बड़ी भव्य आलीशान इमारतें बनाई।...
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June 12, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
समरथ को नहिं दोष गोसाँई Samrth ko nahi dosh Gosain इस कहावत का अर्थ है- समर्थ व्यक्ति को किसी भी प्रकार का दोष नहीं लगता। समर्थ अर्थात् शक्तिशाली व्यक्ति कुछ भी कर ले, कोई उस पर टीका-टिप्पणी नहीं करता। विशेष कमजोर व्यक्ति ही सभी की नजरों में रहता है। सभी उसकी कमियाँ ढूँढ कर निकालते हैं। कहा भी जाता है- ‘जिसकी लाठी उसकी भैंस’ अर्थात् ताकतवर की ही सब बातें...
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June 12, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages1 Comment
भारत का भविष्य Bharat ka Bhavishya भारत का भविष्य उज्जवल है। भरत इक्कीसवीं सदी में प्रवेश कर गया है। यह सदी भारत के लिए अत्यंत शुभ है। इस सदी में भारत सफलता के नए आयाम छुएगा। भारत एक सशक्त लोकतांत्रिक देश है भारत एक शक्तिशाली देश के रूप में उभरेगा। यह विश्व की महान शक्ति के रूप में उभरेगा। इस समय भारत विकासशील देशों की श्रेणी में है। 2030 तक...
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June 12, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages2 Comments
आधुनिक नारी की भूमिका Aadhunik Nari ki Bhumika आधुनिक काल में नारी सामाजिक व्यवस्था में स्थान रखती है। पुरूषों की भाँति ही वह उच्च शिक्षा ग्रहण करती है, सभी प्रकार के प्रशिक्षण या टेªनिंग लेती है और घर की सीमाओं से बाहर निकलकर स्कूल, काॅलेजों कार्यालयों, अस्पतालों आदि में अपनी कार्यक्षमतानुसार स्थान प्राप्त करती हैं। राजनीति, वैज्ञानिक संस्थान, पर्वतारोहण, क्रीड़़ा जगत्, पुलिस, सेना आदि कोई भी क्षेत्र ऐसा नहीं जहाँ...
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June 12, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
हिन्दी भाषा की वर्तमान दशा Hindi Bhasha ki Vartman Dasha हिन्दी पढ़ना मेरा सौभाग्य है, मेरी विवशता कतई नहीं है। मुझे अपनी भाषा हिंदी पर गर्व है। हिंदी हमारे देश की राष्ट्रभाषा है। अपनी राष्ट्रभाषा पर मेरा गर्व होना स्वाभाविक ही है। यह प्रश्न मेरी अस्मिता से जुड़ा है। कोई भी राष्ट्र तब तक स्वतंत्र होने का दावा नहीं कर सकता जब तक उसकी अपनी ही राष्ट्रभाषा न हो।...
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June 12, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages1 Comment