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Archive by category "Hindi (Sr. Secondary)" (Page 229)
सेतुसमुद्रम परियोजना Setusamudram Pariyojana सेतुसमुद्रम नौवहन परियोजना ;ैमजनेंउनकतंउ ैीपच ब्ंदंस च्तवरमबज.ैैब्च्) भारत और श्रीलंका के बीच एक परियोजना है। भारत और श्रीलंका के बीच समुद्र की गहराई बढ़ाकर इस मार्ग को नौवहन योग्य बनाने की परियोजना के तहत तमिलनाडु में कोडैकनाल के तट से 45 कि.मी. दूर खाड़ी में खुदाई का काम प्रारम्भ हो चुका है। लगभग 100 साल पुरानी सेतुसमुद्रम परियोजना को केन्द्र सरकार की मंजूरी मिलने के बाद...
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August 13, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
जातिवाद की समस्या Jativad ki Samasya गाीता में भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं- ’चातुर्वण्यं मया सृष्टं गुणकर्म विभागशः।’ अर्थात चार वर्ण-बा्रहाण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र-गुण एवं कर्म के आधार पर मेरे द्वारा रचित हैं। भगवान बुद्ध और महावीर ने भी कहा है- ’मनुष्य जन्म से नहीें, वरन कर्म से बा्रहाण या शुद्र होता है।’ पहले बा्रहाण का पुत्र व्यवसाय करता था, तो वह वैश्य हो जाता था। सभी आपस में मिलजुल रहते थे।...
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August 13, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
सानिया मिर्जा Saniya Mirza उम्र के लिहाज से ज्यादा प्रतिभावान, दोनों हाथों से रैकेट पकड़कर बैक हैंड शाॅट लगाने वाली, विश्व टेनिस में सबसे तेजी से रैकिंग सुधारने वाली 18 वर्षीय यह बाला भारत में हैदराबाद शहर में जन्मी और बढ़ी। मात्र 18 वर्ष की इस बाला ने अपने खेल से विश्व टेनिस में सनसनी फैला दी है। इस बाला के पास जज्बा है, महत्वकांक्षा है और ऐसी दमखम वाली...
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August 13, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
चुनावी हिंसा Chunavi Hinsa निबंध संख्या : 01 पहले लोग राजनीति में सेवा भाव से आते थे। जनता की सेवा ने अपना कत्र्तव्य समझते थे। लोगों में देशभक्ति की भावना थी इसलिए लोकतंत्र की मर्यादा को अक्षुण्ण रखने के लिए चुनाव की पवित्रता लोगों का अभीष्ट था। आज परिस्थिति बदली नजर आती है। राजनीति में आते ही लोग अपनी स्वार्थसिद्धि में लिप्त हो जाते हैं। चुनाव में जीतने का मतलब लोग...
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August 13, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
संगति Sangati संगति का अर्थ होता है साहचर्य या साथ। मनुष्य अपने दैनिक जीवन में जिसके साथ अधिक से अधिक समय व्यतीत करता है, वही उसकी संगति कहलाती है। मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है, वह बिना संगति के जी नहीं सकता। अब यह एक विचारणीय प्रश्न है कि मानव किसके साथ संगति करे और किसके साथ न करे। क्योंकि संगति से ही गुण और दोष उत्पन्न होते हैं। ‘संसर्ग जः दोषगुणाः...
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August 13, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages2 Comments
स्वावलम्बन Swavalamban Best 4 Essay on ” Swavalamban” निबंध नंबर: 01 स्वावलम्बन में दो शब्द हैं- स्व और लम्बन। एक का अर्थ है अपना और अवलम्बन का अर्थ है ‘सहारा’। इस प्रकार स्वावलम्बन का अर्थ हुआ ‘अपना सहारा स्वयं बनना’। दूसरे शब्दों में अपने आत्मबल को जागृत करना ही स्वावलम्बन है। राष्ट्र कवि दिनकर स्वावलम्बी व्यक्ति के लक्षण बताते हुए कहते हैं- अपना बल तेज जगाता है। सम्मान जगत् से पाता...
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August 13, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
प्राकृतिक आपदा सुनामी Prakritik Aapda Tsunami ‘सुनामी’ पिछले कुछ वर्षों में काफी चर्चा में रहा। लेकिन यह दीगर बात है कि अब भी लोग ‘सुनामी’ का सही मतलब नहीं समझ पा रहे हैं। लेकिन प्रत्यक्षतः यह अनुभव करते हैं कि समुद्र में जोरदार तूफान आया जिसमंे लाखांे लोग जान से हाथ धो बैठे। ‘सूनामी’ एक जापानी शब्द है जो सु$नामी (दो शब्दों के योग से बना है।) जिसका अलग-अलग अर्थ है...
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August 13, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
सूखा: कारण एवं प्रबन्धन Sukha : Karan evm Prabandhan सूखा मानव द्वारा प्रकृति के मूल स्वरूप को परिवर्तित करने का परिणाम है। वनोन्मूलन, भू-जल का अति दोहन, जल संभरण को महत्त्व न देना, बड़े-बड़े जलाशयांे को पाटकर खेती के काम में लाना इत्यादि कारणों से जल स्त्रोतों की गुणवत्ता में ह्रास हुआ। फलस्वरूप अनेक स्थानों पर सूक्ष्म परिवर्तन से मानसून की स्वाभाविक क्रियाशीलता प्रभावित हूई। सूखे के लिए निम्नलिखित कारण...
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August 13, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment