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Archive by category "Hindi (Sr. Secondary)" (Page 208)
क्षेत्रवाद – समस्या एवं समाधान Kshetravad Samasya evm Samadhan अन्य विकासशील देशों की तरह भारत भी क्षेत्रवाद की समस्या से ग्रसित है। क्षेत्रियतावाद से तात्पर्य है किसी देश के उन छोटे-छोटे क्षेत्रों से, जो आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, भौगोलिक आदि कारणों से अपना पृथक अस्तित्व बनाए रखना चाहते हैं। इसके अंतर्गत संबंधित क्षेत्र-विशेष के लोग अपने लिए और अधिक अधिकारों की माँग सदैव करते हैं। क्षेत्रवाद का अर्थ यह भी होता...
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November 14, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
जातिवाद : समस्या एवं समाधान Jativad Samasya evm Samadhan यह एक ऐसी समस्या है जिसे मानव ने अपने लिए स्वयं बनाई है, किसी के लिए यह लाभप्रद रही तो किसी के लिए नुकसानदायक। भगवान बुद्ध ने तो जातिवाद के लिए कहा है कि – मनुष्य जन्म से नहीं वरन अपने कर्म से ब्राह्मण या शूद्र होता है। भगवान श्री कृष्ण ने श्रीमद्भगवद् गीता में कहा है कि मनुष्य को चार...
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November 14, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages1 Comment
बेरोजगारी समस्या और समाधान Berojgari Samasya aur Samadhan एक विकासशील देश के पास कई सारी समस्याएँ होती हैं, उसी तरह हमारे आधुनिक भारत के पास भी अनेक समस्याएँ हैं जिनमें बेरोजगारी एक प्रमुख समस्या बेरोजगारी का अर्थ है बिना रोजगार के किसी का होना, फिर चाहे वह युवा हो या युवती, बूढ़ा हो या जवान, स्त्री हो या पुरुष। राष्ट्र निर्माण में युवकों की अहम् भूमिका है और यदि युवा...
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November 14, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
भ्रष्टाचार कारण और निवारण Bhrashtachar Karan aur Nivaran भ्रष्टाचार नाम का दानव केवल भारत में नहीं अपितु संपूर्ण विश्व पर राज कर रहा है। यह अलग बात है कि कहीं इसका विरोध खुलकर होता है तो कहीं नहीं। आइए सबसे पहले हम देखें आखिर यह भ्रष्टाचार होता है क्या। किसी व्यक्ति द्वारा अन्य किसी व्यक्ति को उसके पदका लाभ उठाते हुए बदले में दिया जाने वाला मूल्य ही भ्रष्टाचार कहलाता है।...
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November 14, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
काला धन – समस्या एवं समाधान Kala Dhan – Samasya evm Samadhan काला धन यानि कोई काली रंग की वस्तु नहीं होती बल्कि छल और फरेब से। कमाया व छुपाया हुआ धन ही काला धन कहलाता है। काले धन की आत्मा तथा मन दोनों ही काला होता है, यानि यह छल से कमाया जाता है और छल द्वारा ही छुपाया जाता है। काले धन को सरकारी टैक्स से बचाने के लिए...
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November 14, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
महंगाई – समस्या और समाधान Mahangai – Samasya aur Samadhan स्वाधीनता पूर्व हमारे देश को सोने की चिड़िया के नाम से जाना जाता था। जिसे लूटने बार बार विदेशी हमारे देश में आते थे और लूट-खसोट कर चले जाते थे। जिस कारण हमारे देश की आर्थिक स्थिति गड़बड़ा गई। जैसे तैसे देश पुरानी बातों को पीछे छोड़कर आगे बढ़ने लगा और आज सौभाग्य से हमारे देश का नाम विकासशील देशों के...
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November 14, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
दहेज – समाज का अभिशाप Dahej – Samaj Ka Abhishap आज हमारे समाज में अनेक कुप्रथाएँ व्याप्त हैं। वर्तमान में जिस कुप्रथा ने हमारे समाज को अत्यधिक कलंकित किया है वह है दहेज-प्रथा। दहेज शब्द का जन्म वैसे अरबी भाषा के जहेज शब्द से हुआ ऐसा माना जाता है। जिसका अर्थ है भेट या सौगात। भेंट का शाब्दिक अर्थ किसी व्यक्ति द्वारा किसी अन्य व्यक्ति को कोई कार्य हो जाने पर...
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November 14, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
सुमित्रानंदन पंत Sumitranand Pant हिन्दी साहित्य में कविताओं को विविध रंगों में पेश करने वाले सुमित्रानंदन पंत एक महान साहित्यकार हैं। उन्हें हिन्दी काव्य जगत में प्रकृति पुत्र भी कहा जातापंत जी का जन्म अल्मोड़ा जिले के कौसानी गाँव में हुआ था। यह पर्वतीय क्षेत्र उत्तरप्रदेश का बड़ा सुन्दर भाग है। पंत जी स्वयं अपनी मनोहर एवं रमणीय जन्मभूमि के लिए कहते हैं- मेरी जन्मभूमिकौसानी है, जिसे कर्माचल की एक विशिष्ट...
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November 14, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment