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Archive by category "Hindi (Sr. Secondary)" (Page 203)
जैसे को तैसा Jese ko Tesa एक राजा था। उसके पास एक हाथी था। हाथी को प्रतिदिन नदी पर ले जाया जाता था। मार्ग में एक दर्जी की दुकान थी। दर्जी हाथी को खाने के लिए हर रोज कुछ न कुछ देता था। वे पक्के मित्र थे। एक दिन दर्जी क्रोध में था। हाथी हर रोज की तरह वहाँ आया। उसने अपनी सूंड़ को खिड़की में डाला। दर्जी ने उसकी सूंड़...
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November 15, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages1 Comment
लालची कुत्ता Lalchi Kutta एक बार एक कुत्ता था। वह बहुत भूखा था। वह भोजन की तलाश में इधरउधर भटकता रहा। परंतु कहीं भी उसे भोजन नहीं मिला। अंत में एक मांस की दूकान पर पहुंचने पर उसने एक हड्डी का टुकड़ा चुराया। वह उसे अकेले ही खाना चाहता था। इसलिए वह जंगल की ओर भागा। रास्ते में एक नदी पड़ती थी। जब वह पुल पार कर रहा था की उसने...
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November 15, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
एकता में बल Ekta Me Bal एक बार एक बुढा किसान था। उसके चार पुत्र थे। वे सदा एक दूसरे से झगड़ते रहते थे। किसान बड़ा दुःखी था। उसने उन्हें झगड़ा न करने की शिक्षा दी, परन्तु वे नहीं माने। एक दिन किसान बीमार हो गया। उसकअंतनिकट था। उसे एक युक्ति सूझी। उसने अपने पुत्रों को बुलाया। उसने उन्हें लकड़ियों का एक गट्ठा दिया। उसने उन्हें उस गट्टे को तोड़ने के...
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November 15, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
बुरी संगत Buri Sangat एक धनी सेठ था। उसका एक ही बेटा था। उसका नाम त्रिशूल था। त्रिशूले एक अच्छा लड़का था। वह कठिन परिश्रम करता था। वह अपनी कक्षा में हमेशा प्रथम आता था। एक बार वह बुरी संगति में पड़ गया और लापरवाह हो गया। उसने स्कूल से भागना शुरु कर दिया। उसका पिता बहुत दुःखी हुआ। उसे एक उपाय सूझा वह बाजार से सेब खरीद लाया। उसने साथ...
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November 15, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages14 Comments
प्यासा कौआ Pyasa Kowa एक बार एक कौआ था। वह बहुत प्यासा था। वह पानी की खोज में इधर-उधर उड़ता रहा। परंतु उसे पानी कहीं भी नहीं मिला। अंत में वह एक बाग में पहुँचा। वहाँ उसने पानी के एक जग देखा, परंतु उसमें पानी बहुत कम था। उसकी चोंच पानी तक नहीं पहुंच पा रही थी। उसने जग के समीप कुछ छोटे-छोटे पत्थर देखे, उसको एक विचार आया, उसने...
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November 15, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
पुस्तक विक्रेता को पत्र लिख कर कुछ पुस्तकों का आदेश दें Pustak Vikreta ko Patra likh kar Pustako ka aadesh patra सेवा में, प्रबंधक महोदय, मैसर्स गीता पुस्तक केन्द्र, हैदराबाद। श्रीमान् जी, मैं आपकी अति आभारी रहूँगी यदि आप निम्न पुस्तकें दस दिनों में भेज दें 1, केन्द्रीय हिन्दी व्याकरण – डॉ. गोपाल शर्मा 595.00 1 प्रति श्रेष्ठ हिन्दी निबंध – नितिन टंडन 595.00 1 प्रति श्रेष्ठ हिन्दी पत्र-लेखन –...
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November 15, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
मित्र के पिता के देहांत पर संवेदना पत्र Mitra ke Pita ke Dehant par Samvedna patra 11, राजाजी नगर, चौक, वाराणासी तिथि 02-01-1999 प्रिय अनुराग, तुम्हारे पिताजी के निधन का दुःखद समाचार पाकर पूरे परिवार को बहुत ही दःख हुआ। हम लोग समझ रहे थे कि अभी वे कम से कम नाती का चेहरा तो देखेंगे ही। पर जाने वाले को कौन रोक सकता है। यह तो जीवन-चक्र का सत्य...
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November 15, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
दुर्घटना की सूचना मिलने पर मित्र को सहानुभूति-पत्र लिखें Durghatna ke suchna milne par mitra ko Sahanbhuti patra 1, तेली चौकी, कानपुर -67. तिथि 12-06-2048 प्रिय अशोक जी, सप्रेम नमस्कार। आपका स्वास्थ्य अब कैसा है? आपके हालचाल के बारे में कल ही रोहित से पता चला कि किस तरह से आप आटो-बस दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे और आपके हाथ की हड्डी टूट गयी थी। अब...
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November 15, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment