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Archive by category "Hindi (Sr. Secondary)" (Page 200)
फूल की आत्मकथा Phool ki Atmakatha मैं गुलाब हूँ। लोग मुझे पुष्पराज भी कहते हैं। क्यों कि मैं हर किस्म के फूलों से भिन्न और अधिक खुशबूदार हूँ। मैं यह गर्व से कह सकता हूँ कि मेरा जीवन भारतीय दर्शन और चिंतन के अनुरुप है। क्योंकि भारतीय दर्शन कहता है कि मनुष्य का जीवन कठिनाइयों के बीच से होता हुआ गुजरता है। मैं भी तो कांटों से बीच ही जन्म लेता...
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November 15, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
रुपये की आत्मकथा Rupye ki Atmakatha मैं रुपया हैं। मुझे सभी लोग प्यार करते हैं। मुझे पाने के लिए लोग सदैव सब कुछ करने तैयार रहते हैं। मेरा आकर्षण ही कुछ ऐसा कि लोग कुछ भी कर गुजरें। मैं अगर चाहूँ तो राजा को रंक और रंक को राजा बना सकता हैं। हर जगह सिर्फ मेरा ही बोल-बाला है। आइए, मैं आज आपको अपनी कथा सुनाता हूँ। मेरा जन्म धरती...
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November 15, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
सड़क की आत्मकथा Sadak Ki Atmakatha मैं सड़क हूँ, मेरे कई रूप आप सब को देखने को मिल सकते हैं। कहीं मैं अपने विशाल रूप में हूं तो कहीं अपने छोटे रूप में। चाहे कोई भी हो, सभी मेरा प्रयोग करते हैं। मैं कभी अपने आप को प्रयोग करने वाले से यह नहीं पूछती कि क्या वह हिन्दू है, या फिर मुसलमान, सिख है या फिर ईसाई। मैं अपने कर्म को...
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November 15, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
रोटी की आत्मकथा Roti Ki Atmakatha निबंध नंबर :- 01 मैं रोटी हूँ। देखने व सुनने में ही मैं कितनी सुन्दर लगती हूँ। प्रायः मुझे पाने के लिए हर कोई उत्सुक होता है। चाहे कोई कितना भी धनवान, बलवान, शौर्य वीर ही क्यों न हो, पर मेरे सेवन बिना कोई नहीं रह सकता। मानव या फिर कोई भी जीव ही क्यों न हो, पेट भरने के लिए मेरा प्रयोग ही करता...
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November 15, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
गंगा की आत्मकथा Ganga Ki Atmakatha मेरा नाम गंगा है। मैं ही हूँ पतित पावन गंगा। मेरी शोभा बढ़ाने मेरे किनारों पर कई तीर्थ स्थान बने हैं। मैं ही जन जन को पावन करती हूँ। वेदों के अनुसार मैं देवताओं की नदी हूँ। मैं पहले स्वर्ग में बहा करती थी, मेरा नाम अमृत था। एक दिन मेरे भक्त ने मेरी कड़ी तपस्या कर मुझे भू लोक पर आने को विवश...
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November 15, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
क्रिसमस – एकता का त्यौहार Christmas – Ekta Ka Tyohar भारतवर्ष एक बड़ा विशाल देश है। इस देश में अनेक जातियों एवं धर्मों के लोग निवास करते हैं। धर्मों के अनुसार यहाँ पर्व एवं त्यौहार मनाए जाते हैं। क्रिसमस ईसाइयों का त्यौहार है। क्रिसमस को बड़ा दिन भी कहते हैं। ईसाई धर्म का मार्गदर्शन महात्मा ईसा मसीह ने किया था। महात्मा ईसा का जन्म 25 दिसंबर को येरुशलम के पास...
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November 14, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
ईद – भाईचारे का त्यौहार Eid – Bhaichare ka Tyohar Essay No. 01 रमजान का महीना मुस्लिम भाइयों के लिए विशेष महत्व रखता है। माना जाता है कि यह महीना रहमतों व पाक से भरा हुआ होता है। ईद का अर्थ ही है खुशी जाहीर करना। सबसे ज्यादा खुशी तो उनको होती है जो कठिन परीक्षा देते हुए अपने एक महीने का रोजा रखते हैं। ऐसा माना जाता है कि महीने...
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November 14, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
दीपावली – पटाखों का त्यौहार Deepavali – Patakho ka Tyohar त्यौहार खुशियाँ लाते हैं, साल में एक बार आते हैं और अपनी खट्टी मिठ्ठी यादें छोड़ जाते हैं। हिन्दू धर्म में तो त्यौहारों की अपनी मान्यताएँ भी हैं। हर त्यौहार के पीछे एक कथा है। चाहे अमीर हो या गरीब हर कोई सच्चे मन से त्यौहारों का स्वागत करते हैं। मानव जाति की तो मान्यता ही है कि एक त्यौहार हजारों...
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November 14, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment