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Archive by category "Hindi (Sr. Secondary)" (Page 173)
विद्यार्थी और अनुशासन Vidyarthi aur Anushasan Top 5 Essays on ” Vidyarthi aur Anushasan” निबंध नंबर : 01 विद्यार्थी दो शब्दों से मिलकर बना शब्द है। विद्या + अर्थी । विद्यार्थी जो व्यक्ति विद्यार्जन में लगा है, वह किसी भी अवस्था का हो – बालक हो या वृद्ध – वही विद्यार्थी कहलाता है। यह सर्वविदित है कि विद्या प्राप्ति के लिए शान्त एवं स्वच्छ वातावरण की आवश्यकता होती है। विद्या प्राप्ति...
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August 2, 2019 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
शैक्षणिक यात्राएँ Educational Yatra शिक्षा में यात्राओं का वही महत्व है जो विज्ञान की शिक्षा में प्रयोगों का है। मनोविज्ञान हमें बताता है कि सुनने से जो शिक्षा प्राप्त होती है, उसका प्रभाव उतना स्थायी नहीं होता, जितना प्रत्यक्ष देखे हुए का। शिक्षा में इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए शिक्षा यात्राओं की व्यवस्था की जाती है। इसके अतिरिक्त भी शिक्षा यात्राओं से अनेक प्रकार के लाभ भी साथ साथ...
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August 2, 2019 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
पाठशाला में सैनिक शिक्षा School me Sainik Shiksha भारत ने अनेकों वर्षों के संघर्ष के पश्चात स्वतंत्रता प्राप्त की है। न जाने कितने वीर पुरुषों के बलिदान एवं प्रयत्नों से हम अपनी गुलामी की जंजीर तोड़ सके हैं। स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात उसकी निरंतर रक्षा करते रहना हमारा कर्तव्य है। हम इतने असावधान न हो जाएँ कि फिर से हमें परतंत्रता की बेड़ियों में जकड़ जाना पड़े। भारत एक विशाल...
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August 2, 2019 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
सह शिक्षा के लाभ, हानिया Sah Shiksha ke Labh, Haniya सह शिक्षा से तात्पर्य है कि सभी आयु के बालक और बालिकाएँ। एक साथ एक ही कक्ष में बैठकर शिक्षा प्राप्त करें बालक और बालिकाओं के लिए पृथक पृथक कक्षाएँ रखने की आवश्यकता न हो। भारतवर्ष में इस प्रकार की शिक्षा का प्रचलन प्राचीन काल से नहीं है। कुछ वर्ष पूर्वतक स्त्रियाँ शिक्षा प्राप्त करने में रुचि ही नहीं रखती...
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August 2, 2019 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
शिक्षा का माध्यम Shiksha ka Madhyam माध्यम की आवश्यकता विषयको ठीक से समझने के लिए होती है। इसके लिए जो भी साधन उपयुक्त हो, उसे ही माध्यम कहते हैं। भारतवासी जिस साधन द्वारा विषय का सुगमता से ग्रहण कर सकते हैं वही उसकी शिक्षा का माध्यम होना चाहिए। भारत में जब अंग्रेज शासक थे तब उन्होंने अंग्रेजी को शिक्षा का माध्यम बनाया। पर अंग्रेजी भाषा का माध्यम उन्ही लोगों को लाभकारी...
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August 2, 2019 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
Essay No. 1 राष्ट्रभाषा हिन्दी “निज भाषा उन्नति अहै सब उन्नति को मूल । बिन निज भाषा ज्ञान के मिटै न हिय को सूल ॥” वस्तुतः वह भाषा ही है जो मन के भावों को प्रकट कर चित्त को शान्ति देती है। यही कारण है कि किसी भी देश में अधिकतर आबादी द्वारा दैनिक जीवन में बोली जाने वाली भाषा को ही राष्ट्रभाषा का सम्मान प्राप्त होता है। भारत में इसी...
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August 2, 2019 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages1 Comment
मुक्तसर की माघी Muktsar ki Maghi मुक्तसर (जिला फरीदकोट) में माघी (माघ-मास का मेला) सिखों के दशम गुरु श्रीगुरु गोबिंद सिंह तथा उनके 40 अनुयायियों से संबंधित हैं।जिन्हें 40 मुक्ते (जीवनमुक्त पुरुष) भी कहा जाता है। यह 40 अनुयायी पंजाब के माझा क्षेत्र से थेयह मेला माघ-मास के पहले दिन (जनवरी में) मनाया जाता है। सन् 1701 में श्रीगुरु गोबिंद सिंह तथा उनके बहुत से श्रद्धालु शिष्य आनंदपुर साहिब के किले...
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June 17, 2019 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
शहीदी जोड़ मेला – फतहगढ़ साहिब Shaheed Jor Mela – Fatehgarh Sahib चण्डीगढ़-सरहिंद सड़क पर स्थित फतहगढ़ साहिब सिखों के दशम गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के दो छोटे साहिबज़ादों की अद्वितीय शहीदी और बलिदान के लिए जगत प्रसिद्ध स्थान है। यहां साहिबजादा जोरावर सिंह तथा साहिबज़ादा फतहसिंह अपनी बाल्यावस्था में ही मुगलों के साथ टक्कर लेते हुए। देश और कौम के लिए शहीद हो गए थे। उस समय इन...
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June 17, 2019 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment