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Articles posted by evirtualguru_ajaygour (Page 833)
छुट्टियों का सदुपयोग Chutiyon ka Sadupyog किसी ने सत्य ही कहा है कि श्परिवर्तन में ही वास्तविक आनंद होता है।श् मनुष्य जब एक ही कार्य को लगातार करता रहता है तो कुछ समय बाद उसकी ऊर्जा का ह्रास होना प्रारंभ हो जाता हैं। कार्य की एकरसता के कारण उसके जीवन में नीरसता घर कर लेती है। इन स्थितियिों में छुट्टी का दिन उसके लिए बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि इससे...
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January 9, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages1 Comment
भाग्य और पुरूषार्थ Bhagya aur Purusharth Best 4 Essay on ” Bhagya aur Purusharth” निबंध नंबर: 01 आधुनिक युग प्रतिस्पर्धा का युग है। विज्ञान अथवा तकनीकी क्षेत्र में मनुष्य की अभूतपूर्व सफलताओं ने उसकी इच्छाओं व आकांक्षाओं को पंख प्रदान कर दिए हैं। परंतु बहुत कम ही लोग ऐसे होते हैं जिन्हें जीवन में वांछित वस्तुएँ प्राप्त होती हैं अथवा अपने जीवन से संतुष्ट होते हैं। हममें से प्रायः अधिकंाश...
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January 9, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
चाँदनी रात्री में नौका-विहार Chandni Ratri me Nauka Vihar Best 3 Hindi Essay on ” Chandni Raat mein Nauka Vihar” निबंध नंबर : 01 प्रकृति विभिन्न रूपों में अपना सौंदर्यं प्रकट करती है। समय परिवर्तन के साथ इसका सौंदर्य भी अनेक रंगों में प्रकट होता है। प्रातः काल उगते हुए सूर्य की ललिमा एक ओर अद्भुत छटा बिखेरती है तो रात्रिकाल में चंद्रमा के प्रकाश में प्रकृति का सौंदर्य अत्यंत मनोहारी...
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January 9, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
प्रयागं Prayag प्रयाग भारत का एक बहुत ही प्रचीन शहर है। वैदिक काल से ही इसका बहुत महत्व रहा हैं। तब से युग परिवर्तित होते रहे परंतु प्रयाग का वर्चस्व निरंतर बना रहा। इसका दूसरा नाम इलाहाबाद है। लोगों की ऐसी मान्यता है कि यहाँ की धरती इतनी पवित्र हैं कि देवतागण स्वयं यहाँ आकर निवास करते हैं। मुगल काल में समा्रट अकबर ने प्रयाग का नाम परिवर्तन कर ‘ अल्लाहबाद...
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January 9, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
जीवन में लक्ष्य की भूमिका Jeevan me lakshay ki bhumika अथवा जीवन में लक्ष्य का निर्धारण Jeevan me lakshya ka nirdharan सभी मनुष्य के लिए जीवन में लक्ष्य का होना अनिवार्य है। लक्ष्यविहीन मनुष्य पशुओं के समान ही विचरण करता है। वह परिश्रम तो करता है परंतु उसका परिश्रम उसे किसी ऊँचाई की ओर नहीं ले जाता है क्योंकि उसका परिश्रम उद्देश्य रहित होता हैं। दूसरी ओर जीवन में एक...
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January 9, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages2 Comments
लिपिक नौकरी हेतु आवेदन-पत्र Lipik Naukari hetu Avedan Patra सेवा में, प्रबंधक, सूर्या रोशनी लिमिटेड, काशीपुर, उत्तराचंल विषयः लिपिक पद हेतु आवेदन-पत्र। मुझे 7 अगस्त के राष्ट्रीय सहारा पत्र में आपके विज्ञापन से यह ज्ञात हुआ है कि आपकी संस्था में कुछ लिपिक पद रिक्त है। इस संदर्भ में मैं अपना आवेदन-पत्र अपनी योग्यता तथा अनुभव के ब्यौरे सहित प्रेषित कर रहा हूँ। नाम ः रमा...
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January 9, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages1 Comment
मैच खेलने हेतु प्रधानाचार्य को प्रार्थना-पत्र Match Khelne hetu Pradhanacharya ko Prarthna Patra सेवा में, प्रधानाचार्य, आदर्श विद्या निकेतन, नीति बाग, नई दिल्ली। विषयः कक्षा 10 (ए) तथा 11 (बी) के मध्य क्रिकेट मैच की स्वीकृति। महोदय, निवेदन है कि हम जूनियर एकादश टीम के सदस्यों ने आगामी रविवार के दिन क्रिकेट प्रांगण में...
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January 9, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages1 Comment
चरित्र प्रमाण-पत्र डाक द्वारा भेजने हेतु पत्र Charitra Praman Patra Dak dawara bhejne hetu patra सेवा में, प्रधानाचार्य, बुंदेलखंड डिग्री काॅलेज, झाँसी, उ0प0 महोदय, सविनय निवेदन है कि मैंने पिछले वर्ष अगस्त के घोषित परीक्षाफल के अनुसार स्नातक (कला) की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की है। इतिहास एवं राजनीति शास्त्र में मैंने विशिष्ट अंक प्राप्त किए हैं। इसके अतिरिक्त विगत सत्र में मैंने खेल-कूद में भी...
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January 9, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment