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Articles posted by evirtualguru_ajaygour (Page 199)
ग्लोबल-वार्मिंग Global Warming विश्व के सामान्य तापमान में वृद्धि होने से न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया के सामने समस्या उत्पन्न हो जाएगी। वैश्विक-व्यय वृद्धि पर अगर नजर नहीं रखी गई और उसके कारणों का पता न लगाया गया और उसका निदान न सोचा गया तो एक दिन विश्व को प्रकृति के सामने घुटने टेकने पड़ेंगे। विज्ञान यूं ही पड़ा रह जाएगा। 2005 भेजी 5 देशों की तीन दिवसीय बैठक...
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May 3, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
सुनामी Tsunami ‘सुनामी’ एक जापानी शब्द है, जो दो शब्दों सु + नामी से मिलकर बना है। जापानी भाषा में सु का अर्थ होता है ‘बंदरगाह’ एवं नामी का अर्थ होता है ‘लहर’ । कुछ लोग सुनामी लहरों का संबंध ज्वारीय लहरों से जोड़ते हैं, लेकिन वास्तव में सुनामी लहरें ज्वारीय लहरें नहीं होती हैं। सुनामी लहरें ज्वारीय लहरों से सर्वथा भिन्न होती हैं। सुनामी तरंगों की एक ऐसी शृंखला है,...
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May 3, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
भारत में उत्पाद पेटेंट व्यवस्था Bharat mein Utpaad Patent Vyavastha विश्व व्यापार संगठन के प्रति अपनी प्रतिद्वंद्विता को पूरा करने के उद्देश्य से सरकार ने पेटेंट अधिनियम में संशोधन हेतु एक अध्यादेश गत 26 दिसंबर, 2004 को जारी किया। इसमें बहुत विवादित रही, उत्पाद पेटेंट व्यवस्था, जनवरी 2005 से प्रभावित हो गई है। इससे पूर्व 1985 व 2002 के पेटेंट (संशोधन) अधिनियमों के जरिए प्रक्रिया दवाओं, रसायनों व अनाज के मामलों...
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May 3, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
बर्ड फ्लू Bird Flu एवियन इनफ्लुएंजा या ‘बर्ड फ्लू’ छुआछूत की बीमारी है, जो वायरस से फैलती है। यह बीमारी मुख्यतः पक्षियों में होती है, लेकिन कभी-कभी इससे सुअर भी प्रभावित हो जाते हैं। वैसे यह बीमारी जानवरों में भी होती है, लेकिन कभी-कभार मनुष्यों को भी प्रभावित कर देती है। घरेलू मुर्गी फार्मों में बर्ड फ्लू से दो तरह की विषाक्तता पैदा होती है-निम्न और उच्च। निम्न विषाक्तता में मुर्गियों...
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May 3, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
धर्मांतरण Dharmantaran विश्व के सभी धर्मों में हिंदू धर्म को सर्वाधिक उदारवादी एवं समन्वयवादी माना जाता है। शांति सर्व अहिंसा तथा परस्पर सद्भाव इस धर्म का मूल आधार है। इसीलिए प्राचीनकाल से लेकर आज तक जिस किसी भी धर्म अथवा जाति के अनुयायी भारत में आए, उनका भारतीयों द्वारा आतिथ्यपूर्ण स्वागत किया गया और उन्हें अपने घर में पर्याप्त स्थान दिया गया। परंतु भारतीयों की उदारता का गलत फायदा समय-समय...
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May 3, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
सांप्रदायिकता Communalism समस्याएं मानव समाज का एक अपरिहार्य अंग हैं। ज्यों-ज्यों सभ्यता और विज्ञान उन्नति करते हैं, नयी समस्याएं उत्पन्न होती हैं, उनके लिए उपचार खोज लिए जाते हैं या तो उन्हें बिलकुल भूल जाते हैं। या वे इतनी परिष्कृत हो जाती है कि वह समाज के लिए योगदान छोड़ जाती है। इस संबंध में प्रायः शासन ही सबसे महत्त्वपूर्ण और प्रभावपूर्ण भूमिका निभाता है। परंतु क्या कभी किसी ने...
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May 3, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
कश्मीर समस्या The Kashmir Problem विश्व में ‘धरती का स्वर्ग’ के नाम से विख्यात कश्मीर आज बहुत अशांत है। स्वर्ग का तात्पर्य होता है, जहां शांति हो, वैभव हो। कवि कल्हड़ ने ठीक कहा है, “यहां जैसी विद्या, ऊंचे-ऊंचे ग्रह, केशर, हिममिश्रित शीत जल और घर-घर दाक्षा तो स्वर्ग में भी दुर्लभ हैं।” किंतु धरती के स्वर्ग कश्मीर की स्थिति आज बिलकुल विपरीत है। सर्वत्र अशांति, हिंसा, बलात्कार और प्रदर्शनों को...
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May 3, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
गुट-निरपेक्षता Gut-Nirpekshta द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद संसार में दो प्रमुख शक्तियां उभर कर सामने आईं। ये शक्तियां थीं-अमेरिका और रूस। दोनों में एक-दूसरे से अधिक शक्तिशाली बनने की होड़ थी। दोनों अधिक-से-अधिक आग्नेय और परमाणु अस्त्र बनाने में संलग्न थे। दोनों स्वतंत्र राष्ट्रों को अपने-अपने खेमे में लेने के लिए आतुर थे। भारत के स्वतंत्र होने के बाद अनेक अफ्रीकी और 52 एशियाई देश स्वतंत्र हुए। इन नव स्वतंत्र देशों...
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May 3, 2022 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment