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Articles posted by evirtualguru_ajaygour (Page 1308)
सैनिक की आत्मकथा परिचय – मैं भारतीय थल सेना का जवान हूँ |नाम है – बलवान सिंह | मैं दिल्ली के गाँव में जन्मा तथा मधुबन (करनाल) के सैनिक स्कूल में पढ़ा | मेरी माँ बतलाती है के जिस दिन मेरा जानल हुआ, उसी दिन मेरे पिता भारत-पाक युद्ध से सफल होकर लोटे थे | मेरे सैनिल पिता को बड़ा था कि मैं सैनिक बनूँ | प्रशिक्षण – जब...
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June 16, 2016 evirtualguru_ajaygourLanguagesNo Comment
मेरा प्यारा भारत देश भारत : हम सबका प्रिय – सभी प्राणी अपनी जन्मभूमि को जन से भी पियारा मानते हैं तथा उसी की सबसे सुंदर मानते हैं | हम भारतवासियों के लिए भी हमारा भारत सबसे प्रिय है | प्राकृतिक सौंदर्य – प्राकृति ने भारत की देह का निर्माण एक सुंदर देवी के रूप में क्या है | हिमाचल की बर्फ से ढकी पहाड़ियाँ उसका सुंदर मुकुट है |...
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June 16, 2016 evirtualguru_ajaygourLanguages9 Comments
देश-प्रेम निबंध नंबर :- 01 देश-प्रेम का अर्थ – देश-प्रेम का अर्थ है-देश से लगाव | मनुष्य जिस देश में जनम लेता है, जिसमें निवास करता है, जिसका अन्न खाकर बड़ा होता है, उसके प्रति लगाव होना स्वाभाविक है | देश-प्रेम में त्याग – सच्चा देश-प्रेमी के लिए अपना तन-मन अर्पित कर देना चाहता है | अमेरिका के देशभक्त राष्टरपति अब्राहिम लिंकिन ने देशवासियों को यही संदेश दिया था...
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June 16, 2016 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages25 Comments
यदि मैं प्रधानमंत्री होता ! मेरी कल्पना – अगर मैं प्रधानमंत्री होता ! यदि यह कल्पना सच होती तो मैं देख का नक्शा बदल कर रख देता | मैं भारतवर्ष को मजबूत राष्ट्र बनाने के लिए जी-जान लगा देता | मैं अपनी सेनाओं को इतना मजबूत बना कि कोई भी देख हमारी सीमाओं में घुसपैठ करने का विचार ही न करता | न ही अंतरराष्ट्रीय मत की इतनी अधिक परवाह करता...
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June 16, 2016 evirtualguru_ajaygourLanguages3 Comments
निबंध नंबर : 01 भारत-पाक संबंध Bharat-Pak Sambandh भारत-पाक के जटिल संबंध – भर और पाकिस्तान की तुलना एक उदार पिता और उसके बिगडैल बेटे से की जा सकती है | अखंड भारत के भड़के हुए कट्टर मुसलमानों ने अलग देख की मांग की | अंग्रेजो ने पाकिस्तान नाम से एक अलग देख बनाकर दोनों को लड़ने-भिड़ने के लिए छोड़ दिया | आज तक ये दोनों देश नोचानोची करने में...
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June 16, 2016 evirtualguru_ajaygourLanguagesNo Comment
काश ! मैं सेनिक होता तन समर्पित, मन समर्पित और यह जीवन समर्पित चाहता हूँ देश की धरती ! तुझे कुछ और भी दूँ !! — बचपन से ही ये पंक्तियाँ मेरी रग-रग में समा गई हैं | सनिक होना-मेरा सपना – देशभकित के इन संस्कारों के कारण मैं जब भी अपने भविष्य का स्वयप्न बुनता हूँ तो एक भारतीय सैनिक या फोज़ी अफ़सर मेरी आँखों को सामने खड़ा हो जाता...
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June 16, 2016 evirtualguru_ajaygourLanguages5 Comments
केसा शासन , बिना अनुशासन भूमिका – शासन और अनुशासन दोनों में अटूट सम्बन्ध हैं | शासन अनुशासन को बनाने के एक व्यवस्था का ही नाम है | मानव –जीवन को चलने के लिए ही शासन – व्यवस्था की ज़रूरत होती है | पुरे देश चलाने के लिए तो कठोर अनुशासन और नियम-व्यवस्था की ज़रूरत होती है | शासकों में अनुशासन की आवश्यकता – अनुशासन बनाने के लिए सबसे बड़ी जिम्मेदारी...
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June 15, 2016 evirtualguru_ajaygourLanguages7 Comments
Should smoking be banned in public places? There are people who smoke and people who do not. It is in public places that individuals form these groups inevitably meet and are forced to interact. And in such places, whose will is to prevail- a smoker’s or the non-smoker’s. Considering the matter objectively from the angles of environment, health, as well as individual rights, it is the non-smoker’s will that should prevail....
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June 10, 2016 evirtualguru_ajaygourEnglish (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment