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Posts tagged "Hindi Nibandh" (Page 11)
मोबाइल क्रांति Mobile Kranti आजकल मोबाइल से कौन परिचित नहीं है? देहातों में कम किंतु शहरों का बच्चा-बच्चा इससे परिचित है। भारत में मोबाइल का प्रचलन बड़ी तेजी से बढ़ रहा है। इसे देखकर सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है कि भारत जल्द ही इस मामले में संसार के अन्य देशों को बहुत पीछे छोड़ देगा। सस्ते मोबाइल सेट बाजार में आने और कॉल दरों में लगातार हो रही कमी...
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August 2, 2021 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
कंप्यूटर Computer आधुनिकतम आविष्कारों में कंप्यूटर एक अद्भुत आविष्कार है। क्या रेडियो, क्या दूरदर्शन, क्या चलचित्र, क्या संचार माध्यम, क्या अंतरिक्ष कार्यक्रम, क्या युद्ध उपकरण सभी के संचालन में आज सर्वत्र कंप्यूटर का उपयोग अनिवार्य हो गया है। कंप्यूटर एक ऐसा यंत्र है, जिसके माध्यम से गणना संबंधी बहुत बड़ा काम अत्यंत आसानी से क्षणमात्र में हो सकता है। यही कारण है कि बड़े-बड़े कार्यालयों एवं संरचनाओं में इसका उपयोग अपेक्षित...
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August 2, 2021 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
पर्यावरण Paryavaran ‘पर्यावरण’ शब्द ‘परि’ तथा ‘आवरण’ शब्दों के संयोग से बना है। ‘परि’ का अर्थ है चारों ओर एवं आवरण’ का अर्थ होता है आच्छादन या घिरा हुआ। अतः पर्यावरण का अर्थ हुआ चारों ओर का वातावरण। अपने आस-पास की हवा, जल तथा अन्य सभी वस्तुओं को ‘पर्यावरण’ कहते हैं। इसकी भौतिक, रासायनिक तथा जैविक विशेषताओं में अवांछनीय परिवर्तन ही प्रदूषण है। प्रदूषण से जीव-जंतुओं, पौधों एवं मानव जाति को...
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August 2, 2021 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
मेरा प्रिय खेल फुटबॉल Mera Pirya Khel Football भूमिका-स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है। हमारा शरीर खेल-कूद या व्यायाम से स्वस्थ रहता है तथा हमारा मस्तिष्क अच्छी-अच्छी पुस्तकों के अध्ययन से स्वस्थ रहता है। खेल दो प्रकार के होते हैं-घर के अंदर खेले जानेवाले तथा घर के बाहर मैदानों में खेले जाने वाले खेल। घर में खेले जाने वाले खेल हैं-कैरम, लुडो, शतरंज, टेबल टेनिस आदि। बाहर...
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August 2, 2021 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
अनुशासन Anushasan अर्थ-नियमानुकूल आचरण अनुशासन है। ये नियम परिवार, समाज और राष्ट्र के साथ स्वयं को मर्यादित रखने के लिए होते हैं। श्रेष्ठजनों ने इसके लिए नियम बनाए हैं। देश और काल के अनुसार उनमें परिवर्तन आते रहते हैं, किंतु वे सभी देश और समय के अनुकूल होते हैं। अनुशासन की शुरुआत वस्तुतः अपने प्रशासन से होती है। क्षेत्र और महत्त्व-संयमपूर्वक जीवन-यापन ही अपने पर शासन है। हमारे ऋषि-मुनियों ने इसके...
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August 2, 2021 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
मेरी माँ Meri Maa परिचय-माँ शब्द कितना स्नेह भरा हुआ है। कितनी ममता भरी हुई है। माँ होती है बड़ी स्नेहमयी, ममतामयी। हमारे शास्त्रों में कहा गया है-जननी और जन्मभूमि स्वर्ग से भी अधिक श्रेष्ठ हैं। जो हमें जन्म देती है। हमें पाल-पोस कर बड़ा करती है। वह हमारी माँ है। बच्चा माँ की स्नेहमयी गोद में तथा ममतापूर्ण आँचल की शीतल छाँव में सबसे अधिक सुरक्षित रहता है। माँ अथाह...
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August 2, 2021 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
हमारे प्रिय शिक्षक Hamare Priya Shikshak परिचय-हमारे विद्यालय में अनेक शिक्षक हैं। सभी योग्य, अच्छे, विद्वान और लोकप्रिय है। किंतु इनमें से कुछ ऐसे हैं जो कभी भुलाए नहीं जा सकते। हम जिनकी याद आजीवन करते रहेंगे। ऐसे ही एक शिक्षक हैं श्री मनोहर बाबू। मनोहर बाबू बड़े ही नेक और उदार शिक्षक हैं। उनका श्याम-सलोना शरीर और तेजमय चेहरा सबको एक बार अपनी ओर अवश्य आकृष्ट कर लेता है। छात्र-छात्राओं...
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August 2, 2021 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
डाकिया Dakiya प्रवेश-दोपहर के समय रोजाना सड़क पर नजर गड़ाए जिस व्यक्ति का बेसब्री से हम सब इंतज़ार करते हैं, वह डाकिया है। मुस्कुराता हुआ वह हम सबके सामने से गुजरता है। कोई चिट्ठी-पत्री हमारे नाम न हो, पर उसकी रोज की हाजिरी उसे परिवारिक बना डालती है। परिचय-डाकिया भारत सरकार के डाकतार विभाग का एक छोटा किंतु जवाबदेह कर्मचारी है। साधारण खाकी वर्दी और गले में थैला उसकी वेशभूषा है।...
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August 2, 2021 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
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