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Posts tagged "Hindi essays" (Page 234)
सहशिक्षा सहशिक्षा से अभिप्राय शिक्षा की उस व्यवस्था से है जिसमे लडके तथा लडकियाँ एक साथ शिक्षा ग्रहण करते हो | इस विषय पर कि इस प्रकार की शिक्षा की व्यवस्था होनी चाहिए कि नही काफी समय से चर्चा होती रही है | कुछ लोग इस व्यवस्था के पक्ष में है तथा कुछ इसके पक्ष में नही है | इस प्रकार की चर्चा होते हुए भी , आजकल हमारे देश भारत...
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February 17, 2017 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
स्वदेश प्रेम Swadesh Prem Best 4 Essay on ” Swadesh Prem” निबंध नंबर : 01 स्वदेश का अर्थ है अपना देश अर्थात अपनी मातृभूमि | यह वह स्थान होता है जहाँ हम पैदा होते है, पलते है और बड़े होते है | जननी तथा जन्मभूमि की महिमा का स्वर्ग से बढकर बताया गया है | जिस देश में हम जन्म लेते है तथा वहाँ का अन्न, जल, फल, फूल आदि खाकर...
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February 17, 2017 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages31 Comments
राष्ट्रीय एकता आज से सहस्त्र वर्ष पूर्व जब भारत में पूरी तरह एकता थी तब यह देश सारे विश्व में शक्ति व शिक्षा में महान था | तब हमारा एक राष्ट्र था, एक भाषा तथा एक ही राष्ट्रीय विचारधारा थी | परन्तु जब से हमारी राष्ट्रीय एकता छिन्न-भिन्न हुई है तब से हमे दुर्दिनो का सामना करना पड़ रहा है | तभी से हम परतन्त्र हो गए है | हमारे धर्म...
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February 17, 2017 evirtualguru_ajaygourEnglish (Sr. Secondary), Languages1 Comment
पर्वतारोहण मानव का आदि युग से प्रकृति के साथ गहरा सम्बन्ध रहा है | वह इसके साथ रहकर सदैव आनन्द की खोज में लगा रहता है | इसीलिए प्रकृति तथा मावन का आपसी सम्बन्ध अविच्छिन्न रूप से सदा के लिए जुड़ गया है | इसी कारण मानव की प्रवृत्ति घुमक्कड़ किस्म की बन गई है | पर्वतारोहण इसी प्रवृत्ति का अंग है | पर्वतारोहण से अभिप्राय है पर्वतों के शिखरों पर...
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February 17, 2017 evirtualguru_ajaygourEnglish (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
कर्त्तव्य- पालन निबंध नंबर : 01 संसार में सभी मनुष्य अपने जीवन को सफल बनाने के लिए सत्कार्य करते है | इस प्रकार के सत्कार्य ही उनके कर्त्तव्य कहलाते है | तथा इनका भी प्रकार पालन करना ही कर्त्तव्य –पालन कहलाता है | हमारे कर्त्तव्य-पालन करते रहने से संसार की व्यवस्था बनी रहती है | इनसे समाज की रीति-नीतियों बनी रहती है | कर्त्तव्य-पालन से ह हमारे जीवन में सच्चरित्र गुणों...
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February 17, 2017 evirtualguru_ajaygourEnglish (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
सदाचार – सच्चरित्रता Sadachar – Sacharitrata निबंध नंबर : 01 सच्चरित्रता व्यक्ति का वह व्यवहार होता है जो किसी को हानि नही पहुँचाता, बल्कि जो सभी का हर प्रकार से शुभ एव हितकारी होता है तथा जिसके लिए कुछ भी छिपाने व मिथ्या भाषण की आवश्यकता नही पडती | सच्चरित्र वाला व्यक्ति अपने अच्छे व्यवहार से जीवन तथा समाज में सभी को शीघ्र एव सहज ही प्रभावित कर लिया करता है...
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February 17, 2017 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
आत्मनिर्भरता Atamnirbharta Best 4 Hindi Essay on ” Atmanirbharta” निबंध नंबर :01 स्वावलम्बन अथवा आत्मनिर्भरता दोनों का वास्तविक अर्थ एक ही है – अपने सहारे रहना अर्थात अपने आप पर निर्भर रहना | ये दोनों शब्द स्वय परिश्रम करके, सब प्रकार के दुःख –कष्ट श कर भी अपने पैरो पर खड़े रहने की शिक्षा और प्रेरणा देने वाले शब्द है | यह हमारी विजय का प्रथम सोपान है | इस पर...
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February 8, 2017 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
जीवन में खेलो का महत्त्व किसी ने सत्य ही कहा है – “Health is Wealth” अर्थात अच्छा स्वास्थ्य ही सच्ची सम्पत्ति है | जीवन में अच्छे स्वास्थ्य का विशेष महत्त्व है | स्वस्थ व्यक्ति ही भूमण्डल पर सभी प्रकार के सुख भोग सकता है | बिना अच्छे स्वास्थ्य के जीवन नरक के सदृश्य है | स्वस्थ व्यक्ति में स्वय ही अदम्य साहस और धैर्य आ जाता है | शरीर को स्वस्थ...
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February 8, 2017 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment