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Archive by category "Languages" (Page 266)
चरित्र बल Charitra Bal कहते हैं अगर धन चला जाए तो कुछ भी नहीं जाता, यदि सेहत चली जाए तो बहुत कुछ चला जाता है, लेकिन यदि चरित्र चला जाए तो सब कुछ चला जाता है । हमारी संस्कृति में भी जीवन और चरित्र को बहुत महत्त्व दिया गया है । चरित्र-बल से ही मनुष्य सांसारिक सुखों को प्राप्त करता है । चाहे कोई व्यक्ति कितना ही विद्वान धनवान बलवान...
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February 4, 2021 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages2 Comments
हमारा प्रदेश – पंजाब Hamara Pradesh Punjab ऋषि-मुनियों, अवतारों और गुरुओं की पवित्र धरती,जहां सर्व-प्रथम वेदमंत्री के स्वर गूंजे थे, जहां नानक और फरीद आदि ने अपनी पवित्र वाणियों का उच्चारण किया था, जहां पूर्ण भक्त जैसे मर्यादा प्रेमियों ने अपना आप बलिदान देना स्वीकार किया था, जहां हकीकत राय जैसे धर्मप्रेमियों ने धर्म के लिए आहुति दे दी थी, जहां महाराजा रणजीत सिंह के न्याय का डंका बजता था,...
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February 4, 2021 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
हमारा गाँव Hamara Gaon भारत एक कृषि प्रधान देश है । इस की 75 प्रतिशत जनसंख्या गांवों में रहती है । आधुनिक गाँव प्राचीन गाँव से काफी बदल गया है । मैं भी राजपुर गाँव में रहता है । हमारे गाँव में लगभग 800 घर है । सभी घर पक्के बने हुए है । गाँव की गलियां भी पिछले वर्ष पक्की कर दी गई थी। हमारा गाँव शहर से लगभग...
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February 4, 2021 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
भारत की सांस्कृतिक एकता Bharat ki Sanskritik Ekta किसी भी देश की स्मृद्धि एवं विकास के लिए उसकी सांस्कृतिक एकता आवश्यक होती है। सांस्कृतिक एकता ही वह आधार है जिस पर उस देश में रहने वाली विभिन्न जातियाँ और सम्प्रदाय एक राष्ट्र के रूप में एकताबद्ध रहते हैं । यह एकता ही राष्ट्र प्रेम, अखण्डता और राष्ट्र के विकास के लिए चेतना जगाती है। भारत एक विशाल देश है जो...
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February 4, 2021 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary)No Comment
हिन्दी भाषा Hindi Bhasha प्रत्येक उन्नत राष्ट्र की कोई न कोई भाषा होती है जिस में उस देश के लोग अपने विचार प्रकट करते हैं, जिसमें उस देश का सरकारी काम-काज चलता है । इस भाषा को संविधान द्वारा राष्ट्रीय भाषा का दर्जा दिया गया होता है । स्वाधीनता प्राप्ति के बाद हिन्दी को राष्ट्रीय भाषा का दर्जा दिया गया था और निश्चय किया गया कि स्वतन्त्रता प्राप्ति के 15...
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February 4, 2021 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
जीवन में साहित्य का महत्त्व Jeevan mein Sahitya ka Mahatva मानव जीवन में साहित्य का अत्यधिक महत्त्वपूर्ण स्थान है। साहित्य के अभाव में व्यक्ति के व्यक्तित्व की कल्पना ही नहीं की जा सकती। संस्कृत की उक्ति के अनुसार- साहित्य, संगीत कला विहीन, साक्षात् पशु: पुच्छ विषाण हीनः । अर्थात साहित्य, संगीत और कला से रहित व्यक्ति, बिना सींग और पूँछ के पशु समान है। साहित्य जीवन का पर्याय है...
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January 24, 2021 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
हमारे देशी खेल Our Native Games खेल-कूद हमारे जीवन में बहुत महत्त्व रखते हैं। आज हमारे विद्यार्थियों पर विदेशी खेलों का प्रभाव अधिक है। वह क्रिकेट, बैडमिन्टन.पोलो टेबल टेनिस में अधिक रुचि लेने लगे हैं। यदि हम इन खेलों को छोड कर अपने देश के महत्त्वपूर्ण खेलों की बात करें तो हमारे अपने देशी खेलों की संख्या भी कम नहीं है। फिर भी न जाने क्यों अपने देश के खेलों...
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January 24, 2021 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
शिक्षा में खेल कूद का महत्त्व Shiksha me Khel-kood ka Mahatva खेल-कूद की मानव जीवन में अत्यधिक उपयोगिता है। इनकी हमारे शरीर के लिए इतनी ही आवश्यकता है जितनी कि हमारे शरीर को स्वच्छ जलवायु तथा प्रदूषणरहित वातावरण की। जहाँ हमारे शरीर को स्वस्थ तथा निरोग रखने में पौष्टिक एवं सन्तुलित आहार अपना योगदान देते हैं, वहीं खेलें शरीर को नई स्फूर्ति प्रदान कर जीवन को शक्ति देने वाली खुराक...
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January 24, 2021 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment