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Hindi Essay/Paragraph/Speech on “Pratibha Patil”, “प्रतिभा पाटिल” Complete Essay, Speech for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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प्रतिभा पाटिल-प्रथम महिला राष्ट्रपति  Pratibha Patil – First Lady President of India श्रीमती प्रतिभा पाटिल जी का जन्म 19 दिसंबर 1934 को महाराष्ट्र प्रांत के जलगाँव में हुआ था। उनके पिता जी का नाम श्री नारायण राव है। उनके जन्म के समय उनके पिता जी को क्या पता था कि उनकी लाडली कन्या एक दिन देश के सर्वोच्च पद पर पहुँच कर परिवार को गरिमामय करेंगी। उनकी प्राथमिक शिक्षा जलगाँव के...
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Hindi Essay/Paragraph/Speech on “Raksha-Bandhan”, “रक्षा-बन्धन” Complete Essay, Speech for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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रक्षा-बन्धन Raksha-Bandhan                 प्राचीन काल से चली आ रही इस परम्परा में आजकल किंचित परिवर्तन आ गया है कि पहले यह बन्धन किसी और मकसद से दिया जाता था, आज किसी और मकसद से। पहले यज्ञों एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठानों की पूर्णहुति के उपरान्त इसमें सम्मिलित लोगों की कलाइयों पर मन्त्रों से पवित्र किया हुआ सूत्र बांधा जाता था। सूत्रों को यज्ञ-शक्ति से सूत्र धारक की रक्षा होगी। कालान्तर मंे इसी...
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Hindi Essay/Paragraph/Speech on “Durga Puja/Vijay Dashmi”, “दुर्गापूजा/विजयादशमी” Complete Essay, Speech for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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दुर्गापूजा/विजयादशमी Durga Puja/Vijay Dashmi                         ’’अग्रतः शकलं पृष्ठतः सशरः धनुः’’, अर्थात् आगे सभी शास्त्र हों और पीठ पर बाणों से युक्त धनुष हो। इसका तात्पर्य यह है कि मानव-जीवन की पूर्णता के लिए शास्त्रबल के साथ-साथ शस्त्रबल का होना जरूरी है। शास्त्रबल और शस्त्रबल-दोनों के संयोग से ही हमारा राष्ट्र सुरक्षित रह सकता है। शास्त्रबल के लिए हम सरस्वती की अराधना करते हैं और शस्त्रबल के लिए मां दुर्गा की।...
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Hindi Essay/Paragraph/Speech on “Dipawali”, “दीपावली” Complete Essay, Speech for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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दीपावली Dipawali                 दीपावली को ज्योति पर्व माना जाता है। दीपावली त्र दीप ़ अवली (पंक्ति या कतार)। दीपावली का लक्ष्यार्थ है‘’’तमसो मा ज्योतिर्गमय।’’ अर्थात् अन्धकार से प्रकाश में जाना। दीपावली पर्व के साथ अनेक धार्मिक, ऐतिहासिक एवं वैज्ञानिक कारण जुडे हुए हैं। धार्मिक कारणों में श्रीराम से जुड़ी कहानी सबसे अधिक प्रचलित एवं मान्यता प्राप्त है। कहा जाता है कि इसी दिन श्रीराम लंका-विजय के पश्चात् अयोध्या लौटे थे। चैदह...
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Hindi Essay/Paragraph/Speech on “Chandni Raat”, “चांदनी रात” Complete Essay, Speech for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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चांदनी रात Chandni Raat  बचपन में दादी मां कहा करती थी कि चन्दा मामा है, जो बच्चों के लिए दूध-भात लेकर आते हैं। किशोरावस्था में विज्ञान-शिक्षक द्वारा जानकारी दी गयी कि चांद पृथ्वी का एक उपग्रह है और सतह ऊबड़-खाबड़ निर्जीव एवं शुष्क है। खैर! चंद जैसा भी कुरूप एवं शुष्क क्यों न हो, चांदनी की शीतलता और मादकता से भला कैसे इनकार किया जा सकता है। जिस पर भी चांदनी...
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Hindi Essay/Paragraph/Speech on “Basant Ritu”, “वसन्त ऋतु” Complete Essay, Speech for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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वसन्त ऋतु Basant Ritu         भारत वर्ष की छह ऋतुओं में ऋतुराज वसन्त आनन्द एवं जवानी का प्रतीक है। वसन्त का आगमन होते ही शिशिर से ठिठरते तन-मन में आनन्द एवं उल्लास का संचार हो जाता हैं इसके मादक स्पर्श से कोई अछूता नहीं बचता। सब जैसे नवीन स्फूर्ति के साथ जवान हो जाते हैं। इनकी महिमा का गुणगान कवि, चिन्तक, ऋषि एवं परब्रह्म श्रीकृष्ण ने भी किया है। गीता में...
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Hindi Essay/Paragraph/Speech on “Sharad Ritu”, “शरद् ऋतु  ”Complete Essay, Speech for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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शरद् ऋतु   Sharad Ritu         अगर जाड़ा अमीरों का, ग्रीष्म गरीबों का और बसन्त युवाओं का है, तो शरद् अमीर-गरीब, युवा-वृद्ध सबका। सचमुच शरद् ़तु में न तो जाड़े की कड़कड़ाती ठण्ड रहती है और न ग्रीष्म का दहकता ताप। इसमें मौसम समशीतोष्ण रहता है। गरीब-अमीर सभी इसका समान रूप से आनन्द लेते हैं। वर्षा ऋतु के बीत जाने पर शरद् ़ऋतु का आगमन होता है। आश्विन और कार्तिक इसके दो...
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Hindi Essay, Paragraph or Speech on “Varsha Ritu”, “वर्षा ऋतु”Complete Essay, Speech for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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वर्षा ऋतु Varsha Ritu एक बार अकबर अपने नवरत्नों के बीच बैठे थे। अकबर ने अपने नवरत्नों से पूछा कि अगर बारह में से चार गया, तो क्या बचेगा। सभी ने कहा-आठ। लेकिन बीरबल ने उत्तर दिया-कुछ नहीं। अकबर ने आश्चर्य से पूछा-कैसे। तब बीरबल ने कहा-जहांपनाह! अगर वर्ष के बारह महीनों में से वर्षा ऋतु के चार माह-आषाढ़, सावन, भादो और आश्विन को हटा दिया जाये, तो सृष्टि में कुछ...
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