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Posts tagged "Hindi Essay" (Page 165)
तुलसीदास Tulsi Das हिन्दी साहित्य में अनेक श्रेष्ठ कवियों का भंडार है। तुलसीदास जी इनमें अग्रणी हैं। माना जाता है कि तुलसीदास का जन्म ऐसी विषम परिस्थितियों में हुआ था जब हिन्दू समाज विदेशी चंगुल में पूरी तरह से फंस चुका था। संवत् 1554 को बांदापुर जिले के राजापुर गाँव में तुलसीदास ने शरीर धारण किया। उनकी माता का नाम हुलसी था और पिता का नाम आत्माराम दूबे। मका जीवन बड़ा...
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November 14, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
मीराबाई Meera Bai कृष्णभक्ति के कवयित्रियों में मीराबाई का स्थान सर्वश्रेष्ठ है। माना जाता है। कि मीराबाई का जन्म सन् 1563 ई. में राजस्थान के मारवाड़ जिलान्तर्गत मेवाच में हुआ था। मीराबाई श्रीकृष्ण के लिए मधुर-मधुर गीत गाती रहीं। कहा जाता है कि बचपन में एक बार मीराबाई ने खेल-ही-खेल में भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति को हृदय से लगाकर उसे अपना दूल्हा मान लिया। तभी से मीराबाई आजीवन श्रीकृष्ण को अपने...
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November 14, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
बिहारी Bihari कवि बिहारी का जन्म संवत् 1660 में ग्वालियर राज्य के वसुआ गोविन्दपुर स्थान में हुआ था। बचपन बुन्देलखण्ड और युवावस्था विवाहोपरान्त ससुराल मथुरा में थी। कहा जाता है कि आमेर के महाराज जयसिंह के ये दरबारी कवि थे। जब महाराजा जयसिंह अपनी नयी-नवेली दुल्हन के प्रेमपाश में इतने आबुद्ध हो चुके थे कि वे महल से बाहर निकलते ही नहीं थे। राज-काज भी नहीं देखते थे। जब यह जानकारी...
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November 14, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
पर्यटन या देशाटन का महत्व Prayatan ya Deshatan ka Mahatva और मानव जीवन और पर्यटन Manav Jeevan Aur Prayatan पर्यटन मानव की स्वाभाविक प्रवृत्ति है। देश-विदेश भ्रमण की प्रवृत्ति मानव जीवन में महत्त्वपूर्ण स्थान रखती है और साथ ही यह आज उसके लिए एक स्टेटस सिंबल भी बन चुका है। पर्यटन का उद्देश्य मात्र मन की शान्ति ही नहीं है बल्कि आर्थिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक तथा शैक्षणिक लाभ के उद्देश्य पूर्ति...
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October 18, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
मानव जीवन में मनोरंजन Manav Jeevan me Manoranjan ka Mahatva मनोरंजन, हम मनोरंजन का अर्थ इस प्रकार समझ सकते हैं कि ऐसी कोई हरकत का होना जिससे हमें अंदरूनी खुशी मिले। हम सुख का अनुभव करें! शायद । ही ऐसा कोई मनुष्य होगा जो सुखी न रहना चाहता हो। सुखी जीवन के लिए स्वास्थ्यवर्धक भोजन और अनुकूल प्राणवायु, जल की आवश्यकता होती है। मनुष्य अपने जीवनयापन के लिए, सुख सुविधाओं की...
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October 18, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
भारत और दलित Bharat Aur Dalit सदियों की गुलामी के बाद जब भारत ने 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्रता प्राप्त की यह वही ऐतिहासिक क्षण था जब इतिहास ने एक नए चरण में अपने कदम बढाए थे। पर सत्य तो यह था कि उपलब्ध की गई यह स्वतंत्रता केवल राजनीतिक थी, सामाजिक और आर्थिक स्वतंत्रता को तो अभी हमें पाना था। भारत की बहुत बड़ी जनसंख्या को तो सदियों से मानवीय मानकों...
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October 18, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
आतंकवाद और भारत Aatankwad aur Bharat और आतंकवाद : समस्याएँ और समाधान Aatankwad : Samasyaye aur Samadhan आतंकवाद सिर्फ भारत की ही नहीं अपितु संपूर्ण विश्व की समस्या है। आतंकवाद अब देश की बहुत गंभीर समस्या बन गई है। इससे निपटने तथा इसे खत्म करने के। लिए हमारी सरकार और जनता दोनों ही कृतसंकल्प है। आतंकवाद, आतंकवादी राष्ट्रविरोधी तत्व हैं जो सिरफिरे, पागल तथा गुमराह हैं। ये पथभ्रष्ट व...
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October 18, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
सूचना का अधिकार Suchna Ka Adhikar और भारत में सूचना का अधिकार Bharat me Suchna ka Adhikar सूचना का अधिकार जैसे कि नाम से ही हमें पता चल जाता है कि किसी से किसी भी प्रकार की सूचना प्राप्त करने का अधिकार मिलना ही सूचना का अधिकार है। लोकतांत्रिक देशों में स्वीडन पहला देश था, जिसने अपने देशवासियों को 1766 में ही संवैधानिक रूप से सूचना का अधिकार प्रदान किया। आज...
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October 18, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment