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Hindi Essay/Paragraph/Speech on “Dahej – Samaj Ka Abhishap”, “दहेज – समाज का अभिशाप” Complete Essay, Speech for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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दहेज – समाज का अभिशाप Dahej – Samaj Ka Abhishap आज हमारे समाज में अनेक कुप्रथाएँ व्याप्त हैं। वर्तमान में जिस कुप्रथा ने हमारे समाज को अत्यधिक कलंकित किया है वह है दहेज-प्रथा। दहेज शब्द का जन्म वैसे अरबी भाषा के जहेज शब्द से हुआ ऐसा माना जाता है। जिसका अर्थ है भेट या सौगात। भेंट का शाब्दिक अर्थ किसी व्यक्ति द्वारा किसी अन्य व्यक्ति को कोई कार्य हो जाने पर...
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Hindi Essay/Paragraph/Speech on “Sumitranand Pant”, “सुमित्रानंदन पंत” Complete Essay, Speech for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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सुमित्रानंदन पंत Sumitranand Pant हिन्दी साहित्य में कविताओं को विविध रंगों में पेश करने वाले सुमित्रानंदन पंत एक महान साहित्यकार हैं। उन्हें हिन्दी काव्य जगत में प्रकृति पुत्र भी कहा जातापंत जी का जन्म अल्मोड़ा जिले के कौसानी गाँव में हुआ था। यह पर्वतीय क्षेत्र उत्तरप्रदेश का बड़ा सुन्दर भाग है। पंत जी स्वयं अपनी मनोहर एवं रमणीय जन्मभूमि के लिए कहते हैं- मेरी जन्मभूमिकौसानी है, जिसे कर्माचल की एक विशिष्ट...
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Hindi Essay/Paragraph/Speech on “Jay Shankar Prasad”, “जयशंकर प्रसाद” Complete Essay, Speech for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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जयशंकर प्रसाद Jay Shankar Prasad छायावाद के प्रारंभकर्ता महाकवि जयशंकर प्रसाद हिन्दी साहित्य में सर्वश्रेष्ठ कवि के रूप में प्रसिद्ध हैं। ऐतिहासिक नाटक लिखने वालों में भी जयशंकर प्रसाद किसी से पीछे नहीं हैं। उपन्यासकार के रूप में ये जाने जाते हैं। निबंधकार व आलोचक के नाते भी ये प्रसिद्ध हैं। सन् 1889 ई. में ऐसे प्रतिभाशाली साहित्यकार का जन्म हुआ था। ये सुंघनी साहू वंश से संबंधित थे। परिवार के...
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Hindi Essay/Paragraph/Speech on “Munshi Premchand”, “मुंशी प्रेमचंद” Complete Essay, Speech for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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मुंशी प्रेमचंद Munshi Premchand हिन्दी साहित्य, ज्ञान, संस्कारों का एक ऐसा गहरा समुद्र है जिसमें अनंत रत्नों, मणियों के समान कवि, लेखक, साहित्यकार तथा उनके किए गए रचनात्मक कार्य अंतर्निहित हैं। हिन्दी साहित्य जगत् में प्रेमचंद जी का नाम बड़े आदर से लिया जाता है, प्रेमचंद जी को हम हिन्दी साहित्य के आधारस्तंभ भी कह सकते हैं। हिन्दी कथा साहित्य को गौरव प्रदान करने तथा उसे अंतर्राष्ट्रीय कथा साहित्य के समकक्ष...
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Hindi Essay/Paragraph/Speech on “Tulsi Das”, “तुलसीदास” Complete Essay, Speech for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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तुलसीदास Tulsi Das हिन्दी साहित्य में अनेक श्रेष्ठ कवियों का भंडार है। तुलसीदास जी इनमें अग्रणी हैं। माना जाता है कि तुलसीदास का जन्म ऐसी विषम परिस्थितियों में हुआ था जब हिन्दू समाज विदेशी चंगुल में पूरी तरह से फंस चुका था। संवत् 1554 को बांदापुर जिले के राजापुर गाँव में तुलसीदास ने शरीर धारण किया। उनकी माता का नाम हुलसी था और पिता का नाम आत्माराम दूबे। मका जीवन बड़ा...
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Hindi Essay/Paragraph/Speech on “Meera Bai”, “मीराबाई” Complete Essay, Speech for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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मीराबाई Meera Bai कृष्णभक्ति के कवयित्रियों में मीराबाई का स्थान सर्वश्रेष्ठ है। माना जाता है। कि मीराबाई का जन्म सन् 1563 ई. में राजस्थान के मारवाड़ जिलान्तर्गत मेवाच में हुआ था। मीराबाई श्रीकृष्ण के लिए मधुर-मधुर गीत गाती रहीं। कहा जाता है कि बचपन में एक बार मीराबाई ने खेल-ही-खेल में भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति को हृदय से लगाकर उसे अपना दूल्हा मान लिया। तभी से मीराबाई आजीवन श्रीकृष्ण को अपने...
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Hindi Essay/Paragraph/Speech on “Bihari”, “बिहारी ” Complete Essay, Speech for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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बिहारी Bihari कवि बिहारी का जन्म संवत् 1660 में ग्वालियर राज्य के वसुआ गोविन्दपुर स्थान में हुआ था। बचपन बुन्देलखण्ड और युवावस्था विवाहोपरान्त ससुराल मथुरा में थी। कहा जाता है कि आमेर के महाराज जयसिंह के ये दरबारी कवि थे। जब महाराजा जयसिंह अपनी नयी-नवेली दुल्हन के प्रेमपाश में इतने आबुद्ध हो चुके थे कि वे महल से बाहर निकलते ही नहीं थे। राज-काज भी नहीं देखते थे। जब यह जानकारी...
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Hindi Essay/Paragraph/Speech on “Prayatan ya Deshatan ka Mahatva”, “पर्यटन या देशाटन का महत्व” Complete Essay, Speech for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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पर्यटन या देशाटन का महत्व Prayatan ya Deshatan ka Mahatva और मानव जीवन और पर्यटन Manav Jeevan Aur Prayatan   पर्यटन मानव की स्वाभाविक प्रवृत्ति है। देश-विदेश भ्रमण की प्रवृत्ति मानव  जीवन में महत्त्वपूर्ण स्थान रखती है और साथ ही यह आज उसके लिए एक स्टेटस  सिंबल भी बन चुका है। पर्यटन का उद्देश्य मात्र मन की शान्ति ही नहीं है बल्कि आर्थिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक तथा शैक्षणिक लाभ के उद्देश्य पूर्ति...
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