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Archive by category "Hindi (Sr. Secondary)" (Page 197)
वृक्षारोपण का महत्त्व Vriksharopan ka Mahatva वृक्षारोपण का अर्थ ० महत्त्व • वृक्षविहीन धरती का रूप • दुष्परिणाम वृक्षारोपण का अर्थ है- नए-नए वृक्षों को लगाना। वृक्षारोपण एक सामाजिक दायित्व है। पेड़-पौधों के साथ मानव का पुराना संबंध है। यदि ध्यान से देखा जाए तो वृक्षों के अभाव में जीवन की कल्पना ही नहीं की जा सकती। पेड़-पौधे मनुष्य की अनेक प्रकार की आवश्यकताओं की पूर्ति करते हैं तथा उनका पालन-पोषण...
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December 5, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
पर्यावरण Paryavaran पर्यावरण: वन और पर्यावरण • वनों की अन्य उपयोगिता • वन संरक्षण की आवश्यकता पर्यावरण से तात्पर्य है- हमारे चारों ओर का वातावरण, जहाँ हम रहते हैं, घूमते-फिरते हैं तथा जीवन व्यतीत करते हैं। इसी वातावरण में हम श्वास लेते हैं। यदि पर्यावरण प्रदूषित हो तो जीवन बीमारियों और कठिनाइयों से भर जाता है। पर्यावरण की रक्षा के लिए हम महत्त्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। यदि हर नागरिक...
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December 5, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
जैसे को तैसा Jese ko Tesa एक राजा था। उसके पास एक हाथी था। हाथी को प्रतिदिन नदी पर ले जाया जाता था। मार्ग में एक दर्जी की दुकान थी। दर्जी हाथी को खाने के लिए हर रोज कुछ न कुछ देता था। वे पक्के मित्र थे। एक दिन दर्जी क्रोध में था। हाथी हर रोज की तरह वहाँ आया। उसने अपनी सूंड़ को खिड़की में डाला। दर्जी ने उसकी सूंड़...
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November 15, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages1 Comment
लालची कुत्ता Lalchi Kutta एक बार एक कुत्ता था। वह बहुत भूखा था। वह भोजन की तलाश में इधरउधर भटकता रहा। परंतु कहीं भी उसे भोजन नहीं मिला। अंत में एक मांस की दूकान पर पहुंचने पर उसने एक हड्डी का टुकड़ा चुराया। वह उसे अकेले ही खाना चाहता था। इसलिए वह जंगल की ओर भागा। रास्ते में एक नदी पड़ती थी। जब वह पुल पार कर रहा था की उसने...
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November 15, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
एकता में बल Ekta Me Bal एक बार एक बुढा किसान था। उसके चार पुत्र थे। वे सदा एक दूसरे से झगड़ते रहते थे। किसान बड़ा दुःखी था। उसने उन्हें झगड़ा न करने की शिक्षा दी, परन्तु वे नहीं माने। एक दिन किसान बीमार हो गया। उसकअंतनिकट था। उसे एक युक्ति सूझी। उसने अपने पुत्रों को बुलाया। उसने उन्हें लकड़ियों का एक गट्ठा दिया। उसने उन्हें उस गट्टे को तोड़ने के...
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November 15, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
बुरी संगत Buri Sangat एक धनी सेठ था। उसका एक ही बेटा था। उसका नाम त्रिशूल था। त्रिशूले एक अच्छा लड़का था। वह कठिन परिश्रम करता था। वह अपनी कक्षा में हमेशा प्रथम आता था। एक बार वह बुरी संगति में पड़ गया और लापरवाह हो गया। उसने स्कूल से भागना शुरु कर दिया। उसका पिता बहुत दुःखी हुआ। उसे एक उपाय सूझा वह बाजार से सेब खरीद लाया। उसने साथ...
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November 15, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages14 Comments
प्यासा कौआ Pyasa Kowa एक बार एक कौआ था। वह बहुत प्यासा था। वह पानी की खोज में इधर-उधर उड़ता रहा। परंतु उसे पानी कहीं भी नहीं मिला। अंत में वह एक बाग में पहुँचा। वहाँ उसने पानी के एक जग देखा, परंतु उसमें पानी बहुत कम था। उसकी चोंच पानी तक नहीं पहुंच पा रही थी। उसने जग के समीप कुछ छोटे-छोटे पत्थर देखे, उसको एक विचार आया, उसने...
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November 15, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment
पुस्तक विक्रेता को पत्र लिख कर कुछ पुस्तकों का आदेश दें Pustak Vikreta ko Patra likh kar Pustako ka aadesh patra सेवा में, प्रबंधक महोदय, मैसर्स गीता पुस्तक केन्द्र, हैदराबाद। श्रीमान् जी, मैं आपकी अति आभारी रहूँगी यदि आप निम्न पुस्तकें दस दिनों में भेज दें 1, केन्द्रीय हिन्दी व्याकरण – डॉ. गोपाल शर्मा 595.00 1 प्रति श्रेष्ठ हिन्दी निबंध – नितिन टंडन 595.00 1 प्रति श्रेष्ठ हिन्दी पत्र-लेखन –...
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November 15, 2018 evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo Comment