Home » Languages » Archive by category "Hindi (Sr. Secondary)" (Page 185)

Hindi Essay/Paragraph/Speech on “Ped Paudhe aur Paryavaran”, “पेड़-पौधे और पर्यावरण” Complete Essay, Speech for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

Hindi Essays
पेड़-पौधे और पर्यावरण Ped Paudhe aur Paryavaran प्रस्तावना : मनष्य जिस भभाग पर रहता है, स्वभावत: वहाँ के प्रत्येक जड़-चेतन प्राणी एवं पदार्थ के साथ उसका एक प्रकार का आन्तरिक सम्बन्ध जुड़ जाया करता है। प्राकृतिक पर्यावरण या उससे सम्बन्ध रखने वाले तत्त्व हैं, वे तो स्वभावतः प्राकृतिक के नियम से उसकी रक्षा किया ही करते हैं, रक्षा पाने वाला व्यक्ति भी अपने अन्तर्मन से चाहने लगता है कि वे सब...
Continue reading »

Hindi Essay/Paragraph/Speech on “Badhti Sabhyata Sikudte Van”, “बढ़ती सभ्यता : सिकुड़ते वन” Complete Essay, Speech for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

Hindi Essays
बढ़ती सभ्यता : सिकुड़ते वन Badhti Sabhyata Sikudte Van   प्रस्तावना : सभ्यता या सभ्य होने कहलाने का अर्थ आज बाहरी दिखावा प्रदर्शन करना, आवश्यकताओं का अनावश्यक विस्तार और तरह-तरह की वस्तुओं का अनावश्यक रूप से संग्रह ही बन कर रह गया है। इसके लिए चाहे वास्तविक सभ्यता, सृष्टि और उस सबके आधारभूत तत्त्वों का सर्वनाश ही क्यों न हो रहा हो, इस बात की न तो किसी को चिन्ता है...
Continue reading »

Hindi Essay/Paragraph/Speech on “Ganga ka Pradushan”, “गंगा का प्रदूषण” Complete Essay, Speech for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

Hindi Essays
गंगा का प्रदूषण Ganga ka Pradushan प्रस्तावना : “गंगा हिमालय से निकली है। हिमालय भारत की उत्तरी सीमा का प्रहरी है। गंगा जल बड़ा ही पवित्र, पापहारक माना जाता है।” इस प्रकार के वाक्य हम बचपन से ही सुनने और पढ़ने लगते हैं। भारतीय जन-मानस – में गंगा का स्थान देवी और माता के समान संस्कार रूप से बसा हुआ है। माना और कहा जाता है कि गंगा-स्नान और गंगा जलपान...
Continue reading »

Hindi Essay/Paragraph/Speech on “Pradushan ki Samasya”, “प्रदूषण की समस्या” Complete Essay, Speech for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

Hindi Essays
प्रदूषण की समस्या Pradushan ki Samasya   प्रस्तावना : मानव-जीवन की स्वास्थ्य- रक्षा, हर प्रकार की भौतिक बीमारियों एवं दुषणों से रक्षा, सब प्रकार की प्राकृतिक एवं स्वाभाविक आवश्यकताओं की पूर्ति, दीर्घ सुरक्षित जीवन आदि के लिए ठीक प्रकार से जीने एवं शान्त सुखद जीवन व्यतीत करने के लिए सब प्रकार की स्वच्छ स्वाभाविक पावनता और निर्दोष पर्यावरण का होना बहुत ही आवश्यक है। इस सब के अभाव में मानव-जीवन का...
Continue reading »

Hindi Essay/Paragraph/Speech on “Durbhiksh”, “दुर्भिक्ष” Complete Essay, Speech for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

Hindi Essays
दुर्भिक्ष Durbhiksh प्रस्तावना : ऐसा कहा और माना जाता है कि घटनाएँ ही घट कर जीवन को कर्ममय एवं गतिशील बनाया करती हैं। विशेष प्रकार की घटनाएँ घट कर ही व्यापक स्तर, मानव के अन्तरंग स्वभाव, गुण-कर्म और क्षमताओं को भी उजागर कर जाया करती हैं; क्योंकि सामान्यतया हर क्षण कुछ-न-कुछ घटित होता ही रहता है। इस कारण आमतौर पर आदमी उसे भूल भी जाया करता है; किन्तु कई बार कुछ...
Continue reading »

Hindi Essay/Paragraph/Speech on “Badh Ek Prakritik Prakop”, “बाढ़ एक प्राकृतिक प्रकोप” Complete Essay, Speech for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

Hindi Essays
बाढ़ एक प्राकृतिक प्रकोप Badh Ek Prakritik Prakop     प्रस्तावना : ‘मनुष्य और प्रकृति का सम्बन्ध आरम्भ से ही चला आ रहा । है। प्रकृति के आँगन में ही आँखें खोल, । चलना- फिरना सीख धीरे-धीरे प्रगति और विकास किया । आज भी मनुष्य मुख्य रूप से जिन वस्तुओं के सहारे । जीवित है, अपना जीवन चला रहा है, वे सभी प्रकृति की ही महत्त्वपूर्ण देन हैं। अन्न-जल, फल-फूल और...
Continue reading »

Hindi Essay/Paragraph/Speech on “Badhti Mehangai”, “बढ़ती महँगाई ” Complete Essay, Speech for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

Hindi Essays
बढ़ती महँगाई  Badhti Mehangai प्रस्तावना : हमारे निजी स्वार्थों एवं संकीर्ण मनोभावनाओं ने हमारे सम्मुख अनेक नवीन समस्याओं को जन्म दिया है, इन्हीं समस्याओं में ‘मूल्य वृद्धि’ अनाहूत अतिथि के समान हमारे जीवन में आकर बलात् बैठ गई है। हमारे भारतवर्ष में तो इस मूल्य वृद्धि से अन्य देशों की अपेक्षा जन-जीवन बहुत ही त्रस्त हो गया है। इस महँगाई ने सम्पूर्ण समाज के ढाँचे को ही जर्जर कर दिया है।...
Continue reading »

Hindi Essay/Paragraph/Speech on “Bhrashtachar, Milavat evm Jamakhori”, “भ्रष्टाचार, मिलावट एवं जमाखोरी” Complete Essay, Speech for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

Hindi Essays
भ्रष्टाचार, मिलावट एवं जमाखोरी Bhrashtachar, Milavat evm Jamakhori प्रस्तावना : स्वतन्त्रता प्रप्ति के पश्चात् भारत ने पर्याप्त उन्नति की, हमारी पंचवर्षीय योजनाओं ने भारत के विकास में पर्याप्त योगदान दिया और विकास के लिए जितनी पूँजी और प्रयत्नों को लगाया गया उसके अनुपात में विकास की मात्रा बहुत ही कम है। विचार करने पर मालूम होता है कि इसके प्रधान कारण भ्रष्टाचार, मिलावट एवं जमाखोरी हैं। रिश्वत, सिफ़ारिश, कालाबाजार आदि सब...
Continue reading »