Home » Posts tagged "Hindi essays"

Hindi Essay on “Jal hi Jeevan hai” , ”जल ही जीवन है” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

जल ही जीवन है Jal hi Jeevan hai क्षिति, जल, पावक, गगन और समीर ये पांच तत्व हमारे धर्मग्रंथों में मौलिक कहे गए हैं तथा हमारी शरीर रचना में इनकी समान रूप से भूमिका होती है। इनमें वायु और जल ये दो ऐसे तत्व हैं जिनके बिना हमारे जीवन की कल्पना एक क्षण भी नहीं की जा सकती। जीवों को जिस वस्तु की जरूरत जिस अनुपात में है, प्रकृति में वे...
Continue reading »

Hindi Essay on “Bharat me Paryatan Vyavasaya” , ”भारत में पर्यटन व्यवसाय” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

भारत में पर्यटन व्यवसाय Bharat me Paryatan Vyavasaya   पयर्टन आदिकाल से ही मनुष्यों का स्वभाव रहा है। घूमना-फिरना भी मनुष्य के जीवन को आनंद ससे भर देता है। इसका पता लोगो ंने पहले ही लगा लिया था। पहले लोग पैदल चलकर या समुद्र मार्ग से लंबी-लंबी दूरियां तय कर अपने भ्रमण के शौक को पूरा करते थे। कुद लोग ऊंटों, घोड़ों आदि पर चढक़र समूह यात्रा करते थे, हालांकि ऐसी...
Continue reading »

Hindi Essay on “Bharat ka Antriksh Abhiyan” , ”भारत का अंतरिक्ष अभियान” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

भारत का अंतरिक्ष अभियान Bharat ka Antriksh Abhiyan जोखिमों का सामना करना तथा अज्ञात की पर्तें उधेडऩा मनुष्य का जन्मजात स्वभाव माना जाता है। अंतरिक्ष मानव के लिए आदि काल से ही एक अबूझ पहली रही है, फिर भी अनेक विद्वानों और वैज्ञानिकों ने तारों, ग्रहों, उपग्रहों आदि के बारे में गणनांए की परंतु उनके अनुमानों को मूर्त रूप न दिया जा सकता क्योंकि न तो दूरबीन का अविष्कार हुआ था...
Continue reading »

Hindi Essay on “Ikkisvi sadi ki Chunotiya” , ”इक्कीसवीं सदी की चुनौतियां” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

इक्कीसवीं सदी की चुनौतियां Ikkisvi sadi ki Chunotiya चुनौतियों को स्वीकार करना मानव का सहज स्वभाव है। मानव सभ्यता का इतिहास चुनौतियों से परिपूर्ण है। जब भी हमारे समक्ष कोई बड़ी बाधा आई हमने उसका डटकर मुकाबला किया। आदि मानव खूंखार जंगली जंतुओं के बीच रहकर भी उनसे भिन्नता कायम करने में तथा स्वतंत्र अस्तित्व स्थापित करने में सफल रहा। लंबे समय तक उसे पेड़ों और गुफाओं में सोना पड़ा परंतु...
Continue reading »

Hindi Essay on “Vinayak Damodar Savarkar” , ”विनायक दामोदर सावरकर” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

विनायक दामोदर सावरकर Vinayak Damodar Savarkar विनायक दामोदर सावरकर का जन्म 28 मई 1883 को महाराष्ट्र के नासिक जिले के मामुर नामक गांव में हुआ था। बी.ए. की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद सावरकर बैरिस्टर की पढ़ाई पढऩे के लिए लंदन चले गए। वे लंदन में ‘इंडिया हाऊस’ में रहते थे। इंडिया हाउस में भारतीय स्वतंत्रता के लिए गतिविधियां चलाई जाती थीं। इंडिया हाउस में कार्य करते हुए सावरकर ने तीन...
Continue reading »

Hindi Essay on “Veer Kunwar Singh” , ”वीर कुंवर सिंह” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

वीर कुंवर सिंह Veer Kunwar Singh वीर कुंवर सिंह का जन्म बिहार के भोजपुर जिले के जगदीशपुर नामक गांव में हुआ था। कुछ इतिहासकार उनकी जन्म-तारीख 12 अप्रैल 1782 बताते हैं तो कुछ 1778 के लगभग मानते हैं। उनके यहां जमींदारी चलती थी। सन 1826 में कुंवर सिंह पर अपने पैतृक जमींदारी संभालने का दायित्म आ पड़ा। उन्हें जमींदारी से प्रतिवर्ष 6 लाख रुपए नकददद की आमदनी हो जाया करती थी।...
Continue reading »

Hindi Essay on “Mangal Pandey” , ”मंगल पांडे” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

मंगल पांडे Mangal Pandey मंगल पांडे का जन्म 19 जुलाई 1827 को फैजाबाद के ‘सुरहुरपुर’ नामक गाांव में हुआ। बहुत लोगों का मानना है कि मंगल पांडे का जन्म ‘नगवा’ नामक गांव में हुआ था। यह गांव बलिया जिले के अंतर्गत आता है। मंगल पांडे ने किसी स्कूल में पढ़ाई नहीं की। उनके दादा उन्हें लिखाया-पढ़ाया करते थे। भारतवासियों पर अंग्रेजों द्वारा ढाएए गए जुल्मों से वे तंग आ चुके थे।...
Continue reading »

Hindi Essay on “Tantya Tope” , ”तात्या टोपे” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

तात्या टोपे Tantya Tope तात्या टोपे का जन्म सन 1814 में हुआ था। उनका नाम ‘रघुनाथ राव पाडुं यवलेकर’ था। सन 1818 में पेशवाई सूर्य अस्त हो चुका था। अंग्रेजों द्वारा पेशवा बाजीराव को 8 लाख रुपए पेंशन देकर कानपुर के निकट बिठुर भेज दिया गया था। उस समय बालक रघुनाथ की अवस्था मात्र चार वर्ष की थी। पेशवा के दत्तक पुत्र नाना साहब के साथ ही उनका पालन-पोषण हुआ। नाना...
Continue reading »