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Hindi Essay/Paragraph/Speech on “Kagaji  aur Plastic Yug”, “कागजी युग  और प्लास्टिक युग” Complete Essay, Speech for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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कागजी युग  और प्लास्टिक युग Kagaji  aur Plastic Yug   परिवर्तन संसार का नियम है, और संसार एक चक्र की तरह है जो चक्कर लगाता रहता है। न थकता है नथकाता है। मनुष्य अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए कुछ भी कर सकता है। सभ्यता के विकास चक्र में पहले ताम्र युग, लौह युग आदि का दौर चलता रहा। वैज्ञानिक प्रगति से हम प्लास्टिक युग तक पहुँच गए। वर्तमान समय में...
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Hindi Essay/Paragraph/Speech on “Tsunami Prakritik Aapada”, “प्राकृतिक आपदा के रूप में सुनामी” Complete Essay, Speech for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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प्राकृतिक आपदा के रूप में सुनामी Tsunami Prakritik Aapada   प्राकृतिक आपदा का अर्थ होता है प्राकृतिक रूप से किसी तरह की कोई विपत्ति का आना। फिर चाहे वह सुनामी के रूप में हो, भूकंप के रूप में, बाढ़ के रूप में या फिर सूखे के रूप में वह किसी भी प्रकार की विपदा हो सकती है।   सीधे तौर पर अगर हम किसी भी प्राकृतिक आपदा की सतह पर जाँच...
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Hindi Essay/Paragraph/Speech on “Mobile Phone ke Phayade evm Nuksan”, “मोबाइल फोन : फायदे व नुकसान” Complete Essay, Speech for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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मोबाइल फोन : फायदे व नुकसान Mobile Phone ke Phayade evm Nuksan   किसी ने सच ही कहा है कि मानव क्या नहीं कर सकता। आज से कुछ वर्ष। पूर्व किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी कि हर एक कि जेब में फोन होगा। हमारी टैक्नोलॉजी इतनी तेजी से आगे बढ़ रही है कि मानों पलक झपकते ही विज्ञान का। एक नया अद्भुत वरदान हमारे सामने होता है। यहाँ हर...
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Hindi Essay/Paragraph/Speech on “Global Warming”, “ग्लोबल वार्मिंग” Complete Essay, Speech for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

patra lekhan
ग्लोबल वार्मिंग Global Warming जब G-8 का शिखर सम्मेलन हुआ था, तो उसमें ग्लोबल वार्मिंग सबसे बड़ा मुद्दा रहा था।   ग्लोबल वार्मिंग का अर्थ हम उसके नाम से ही ग्लोबल (दूनियाँ) वार्मिंग (उबलना) अर्थात् दुनियाँ में किसी तरह का उबाल आना, नदियों का सूख जाना, कई प्राकृतिक आपदाओं का आना आदि कह सकते हैं। जब सन् 2007 को ब्रूसेल्स में जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र संघ के अंतर्राष्ट्रीय पैनल की...
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Hindi Essay/Paragraph/Speech on “Bal Diwas”, “बाल दिवस” Complete Essay, Speech for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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बाल दिवस Bal Diwas जैसा कि नाम से ही ज्ञात होता है वह दिन जिसे बालकों (बच्चों) के नाम किया गया हो। बाल दिवस का मतलब भी वही है कि इस दिन देश के सभी बच्चों के हित के बारे में  सोचें।। प्रति वर्ष 14 नवंबर को यह राष्ट्रीय पर्व मनाया जाता है। इसी दिन हमारे पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू जी का जन्म भी हुआ था। जवाहर लाल नेहरू...
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Hindi Essay/Paragraph/Speech on “Shikshak Diwas”, “शिक्षक दिवस” Complete Essay, Speech for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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शिक्षक दिवस Shikshak Diwas   शिक्षक दिवस, छात्रों द्वारा अपने अध्यापकों के सम्मान में मनाया जाता है। इसलिए भी तो हमारे भारत देश को गुरुओं-शिक्षकों का देश भी कहा जाता है। संस्कार अगर किसी को देखना हो तो वह हमारे भारत वर्ष में आकर देख सकता है। बदलते परिवेश के साथ ही शिक्षा के मायने भी बदल चुके हैं, आजकल संसार के अन्य देशों की भांति हमारे भारतवर्ष में भी शिक्षा...
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Hindi Essay/Paragraph/Speech on “Mahatma Gautam Budha”, “महात्मा गौतम बुद्ध” Complete Essay, Speech for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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महात्मा गौतम बुद्ध Mahatma Gautam Budha माना जाता है महात्मा गौतम बुद्ध का जन्म ई.पू. 623 में कपिलवस्तु के महाराजा शुद्धोधन की महारानी माया के गर्भ से लुंबिनी नामक जगह में हुआ था। कहा जाता है कि तब वैशाख माह की पूर्णिमा थी। दुःख की बात है कि महात्मा गौतम बुद्ध के जन्म के कुछ समय बाद ही उनकी माता जी का देहांत हो गया था। फलतः महात्मा गौतम बुद्ध जी...
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Hindi Essay/Paragraph/Speech on “Swami Vivekanand ”, “स्वामी विवेकानंद” Complete Essay, Speech for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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स्वामी विवेकानंद Swami Vivekanand  स्वामी विवेकानंद जी का जन्म 12.1.1863 में कलकत्ता में हुआ था। इस धरती पर कभी-कभी ज्ञान-ज्योति प्रदान करने वाले महापुरुष भी जन्म लेते हैं। उनके बचपन का नाम नरेन्द्रनाथ था। उनके पिताजी का नाम श्री विश्वनाथ दत्त और माताजी का नाम भुवनेश्वरी देवी था। वीरेश्वर पिले भी इनका प्रारंभिक नाम था। लेकिन विश्व में स्वामी विवेकानंद के नाम से ही जाने जाते हैं। वे बचपन से ही...
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