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Hindi Essay on “Chandni Ratri me Nauka Vihar” , ”चाँदनी रात्री में नौका-विहार” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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चाँदनी रात्री में नौका-विहार Chandni Ratri me Nauka Vihar  प्रकृति विभिन्न रूपों में अपना सौंदर्यं प्रकट करती है। समय परिवर्तन के साथ इसका सौंदर्य भी अनेक रंगों में प्रकट होता है। प्रातः काल उगते हुए सूर्य की ललिमा एक ओर अद्भुत छटा बिखेरती है तो रात्रिकाल में चंद्रमा के प्रकाश में प्रकृति का सौंदर्य अत्यंत मनोहारी प्रतीत होता है। मनुष्य को यथासंभव प्रसन्न-चित्त रहना चाहिए। समय के साथ उसने अपनी खुशी...
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Hindi Essay on “Prayag” , ”प्रयागं ” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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प्रयागं Prayag प्रयाग भारत का एक बहुत ही प्रचीन शहर है। वैदिक काल से ही इसका बहुत महत्व रहा हैं। तब से युग परिवर्तित होते रहे परंतु प्रयाग का वर्चस्व निरंतर बना रहा। इसका दूसरा नाम इलाहाबाद है। लोगों की ऐसी मान्यता है कि यहाँ की धरती इतनी पवित्र हैं कि देवतागण स्वयं यहाँ आकर निवास करते हैं। मुगल काल में समा्रट अकबर ने प्रयाग का नाम परिवर्तन कर ‘ अल्लाहबाद...
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Hindi Essay on “Jeevan me lakshay ki bhumika” , ”जीवन में लक्ष्य की भूमिका” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

जीवन में लक्ष्य की भूमिका Jeevan me lakshay ki bhumika अथवा जीवन में लक्ष्य का निर्धारण Jeevan me lakshya ka nirdharan                 सभी मनुष्य के लिए जीवन में लक्ष्य का होना अनिवार्य है। लक्ष्यविहीन मनुष्य पशुओं के समान ही विचरण करता है। वह परिश्रम तो करता है परंतु उसका परिश्रम उसे किसी ऊँचाई की ओर नहीं ले जाता है क्योंकि उसका परिश्रम उद्देश्य रहित होता हैं। दूसरी ओर जीवन में एक...
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Hindi Essay on “Pratahkal ki Sair” , ”प्रातःकाल की सैर ” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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प्रातःकाल की सैर  Pratahkal ki Sair अथवा प्रातःकालीन भ्रमण Pratah Kaleen Bhraman                 मनुष्य के लिए प्रातःकाल की सैर उतनी ही सुखदायक व रोमाचंकारी होती है उतनी ही स्वास्थयवर्धक भी। व्यक्ति के अच्छे स्वास्थय के लिए प्रातःकालीन भ्रमण अत्यंत आवश्यक है। यह शरीर में नवचेतना व स्फूर्ति का संचार करता है। शारीरिक व मानसिक दोनों ही रूपों मंे यह स्वास्थयवर्धक है। चिकित्सा शास्त्रियों की राय है कि बीमार, वृद्ध तथा अन्य...
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Hindi Essay on “Janani Janambhumi” , ”जननी जन्मभूमि” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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जननी जन्मभूमि Janani Janambhumi                 जननी-जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी अर्थात जननी (माता) और जन्मभूमि का स्थान स्वर्ग से भी श्रेष्ठ एंव महान हैं। हमारे वेद, पुराण तथा धर्मग्रंथ सदियों से दोनों की महिमा का बखान करते रहे हैं। माता का प्यार, दुलार व वात्सल्य अतुलनीय है। इसी प्रकार जन्मभूमि की महत्ता हमारे भौतिक सुखों से कहीं अधिक है। लेखकों, कवियों व महामानवों ने जन्मभूमि की गरिमा और उसके गौरव को जन्मदात्री के...
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Hindi Essay on “Sach ki Takat” , ”सच की ताकत ” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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सच की ताकत  Sach ki Takat ‘ साँच बराबर तप नहीं ‘ अर्थात् सत्य के बराबर कोई दूसरी तपस्या नहीं हैं। प्रसिद्ध भक्ति मार्गी कवि कबीरदास की उपयुक्त सूक्ति पढ़ने में भले ही सहज प्रतीत होती है परंतु यह सूक्ति स्वयं में एक विस्तृत, विशाल एवं गहन अर्थ संजोए हुए है। यदि इस सूक्ति का वास्तविक अर्थ समझ लिया जाए तो हमारे जीवन के कई संताप एवं दुःख काफी सीमा तक...
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Hindi Essay on “Parvatiya Sthal ki Yatra” , ”पर्वतीय स्थल की यात्रा ” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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  पर्वतीय स्थल की यात्रा  Parvatiya Sthal ki Yatra देश-विदेश की सैर किसे रोमांचित नहीं करती है  गरमियों के महीनों में किसी पर्वतीय स्थल का अपना ही आनंद है। इस आनंद का सौभाग्य मुझे अपने पिछले ग्रीष्म अवकाश में प्राप्त हुआ। जब मेरे पिताजी ने हमें नैनीताल भ्रमण की योजना बताई तो उस समय मेरी प्रसन्नता की कोई सीमा न रही। किसी पर्वतीय स्थल की यह मेरी पहली सैर थी। यात्रा...
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Hindi Essay on “Chatrpati Shivaji” , ”छत्रपति शिवाजी” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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छत्रपति शिवाजी Chatrpati Shivaji                 छत्रपति शिवाजी मराठा साम्राज्य के संस्थापक थे। 10 अपै्रल, सन् 1627 में शिवनेरी के दुर्ग मंे जन्मंे शिवाजी की हिंदू धर्म में अटूट आस्था थी। वे मानवता तथा मानव मूल्यों को पूर्ण प्राथमिकता देते थे। वे एक सच्चे देशभक्त थे।                                 शिवाजी के पिता श्री शाहजी भोंसले एक बड़े जागीरदार थे। वे बीजापुर के महाराजा के प्रमुख थे। शिवाजी के जन्म के बाद शाहजी ने...
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