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Hindi Essay on “Television Ke Labh tatha Haniya ” “Cable T.V” , ” टेलीविज़न के लाभ तथा हानियाँ ” या “केबल टी. वी ” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

टेलीविज़न के लाभ तथा हानियाँ  या  केबल टी. वी  या  मूल्यांकन दूरदर्शन का दूरदर्शन आधुनिक युग का एक ऐसा साधन है जो मानव को मनोरंजन देने के साथ – साथ प्रेरणा और शिक्षा भी प्रदान करता है । मनुष्य चाहे किसी भी आयु वर्ग या आर्य वर्ग अथवा किसी भी देश का वासी हो सभी के मन में एतिहासिक, धार्मिक, सांस्कृतिक स्थानों को देखने की लालसा रहती है । त्रेता युग...
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Hindi Essay on “Deshatan ” “Yatra Ka Mahatav” , ” देशाटन या यात्रा का महत्व ” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

देशाटन या देश-विदेश की सैर या यात्रा का महत्व देश +अटन इन दो शब्दों में संधि होने से बना है एक नया शब्द – देशाटन। ‘देश’ किसी ऐसे विशेष भू – भाग को कहा जाता है, जिसे प्रकृति ने अपने विभिन्न और विविध रूपों वाले, विभिन्न और विविध प्रकार की सम्पत्तियों से संपन्न बनाया होता है। उन्हीं के कारण  एक ही देश का भाग या प्रान्त दूसरे भाग या प्रान्त से...
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Hindi Essay on “Samay Anmol Hai ” “Samay Ka Sadupyog” , ” समय अनमोल है या समय का सदुपयोग ” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

समय अनमोल है। या समय का सदुपयोग समय चक्र की गति बड़ी अदभुद है। इसकी गति में अबादता है। समय का चक्र निरंतर गतिशील रहता है रुकना इसका धर्म नहीं है। “मैं समय हूँ मैं किसी की प्रतीक्षा नहीं करता में निरंतर गतिशील हूँ मेरा बिता हुआ एक भी क्षण लौट कर नहीं आता है। जिसने भी मेरा निरादर किया वह हाथ माल्टा रह जाता है। सिर धुन- धन कर पछताता...
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Hindi Essay on “Meri Dincharya” , ”मेरी दिनचर्या” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

मेरी दिनचर्या मै, रमेश चन्द्र , नवम श्रेणी का विद्दार्थी हूँ, मेरे जीवन का दैनिक कार्यक्रम बहुत सामान्य सा है जो प्रात: काल उठने से पारम्भ होकर रात्रि को सोने तक का है | मै प्रतिदिन प्रात:काल बहुत शीघ्र उठ जाता हूँ | एक बार हमारे प्रधानाचार्य जी ने प्रात :काल में जल्दी उठने के महत्त्व को बताते हुए कहा था की जो ब्रह्ममुहूर्त में उठता है तथा रात्रि को शीघ्र...
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Hindi Essay on “Prodhshiksha” , ”प्रौढ़शिक्षा ” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

प्रौढ़शिक्षा  परिपक्व आयु वाले व्यक्ति को प्रौढ़ कहा जाता है | आजकल प्राय : चालीस वर्ष की आयु वाले व्यक्ति को प्रौढ़ मान लिया जाता है , यद्दपि प्राचीन काल में जब मनुष्य की औसत आयु प्राय : सौ वर्ष  होती थी तब प्रौढावस्था का कर्म पचास वर्ष  से अधिक माना जाता था | जहाँ तक आयु का प्रश्न है, शिक्षा ग्रहण करने के मार्ग में यह कदापि बाधक नही हुआ...
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Hindi Essay on “Sehshiksha” , ”सहशिक्षा” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

सहशिक्षा सहशिक्षा से अभिप्राय शिक्षा की उस व्यवस्था से है जिसमे लडके तथा लडकियाँ एक साथ शिक्षा ग्रहण करते हो | इस विषय पर कि इस प्रकार की शिक्षा की व्यवस्था होनी चाहिए कि नही काफी समय से चर्चा होती रही है | कुछ लोग इस व्यवस्था के पक्ष में है तथा कुछ इसके पक्ष में नही है | इस प्रकार की चर्चा होते हुए भी , आजकल हमारे देश भारत...
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Hindi Essay on “Swadesh Prem” , ”स्वदेश प्रेम” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

स्वदेश प्रेम स्वदेश का अर्थ है अपना देश अर्थात अपनी मातृभूमि | यह वह स्थान होता है जहाँ हम पैदा होते है, पलते है और बड़े होते है | जननी तथा जन्मभूमि की महिमा का स्वर्ग से बढकर बताया गया है | जिस देश में हम जन्म लेते है तथा वहाँ का अन्न, जल, फल, फूल आदि खाकर हम बड़े होते है उसके ऋण से हम उऋण नही हो सकते है...
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Hindi Essay on “Rashtriya Ekta” , ”राष्ट्रीय एकता” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

राष्ट्रीय एकता आज से सहस्त्र वर्ष पूर्व जब भारत में पूरी तरह एकता थी तब यह देश सारे विश्व में शक्ति व शिक्षा में महान था | तब हमारा एक राष्ट्र था, एक भाषा तथा एक ही राष्ट्रीय विचारधारा थी | परन्तु जब से हमारी राष्ट्रीय एकता छिन्न-भिन्न हुई है तब से हमे दुर्दिनो का सामना करना पड़ रहा है | तभी से हम परतन्त्र हो गए है | हमारे धर्म...
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