Home » Languages » Hindi (Sr. Secondary) » Hindi Essay on “Swasthya ka Mahatva” , ”स्वास्थ्य का महत्व” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

Hindi Essay on “Swasthya ka Mahatva” , ”स्वास्थ्य का महत्व” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

स्वास्थ्य का महत्व

Swasthya ka Mahatva

निबंध नंबर :01 

मोटा मनुष्य ही स्वस्थ होगा, यह जरूरी नहीं है। दुबला-पतला व्यक्ति भी स्वस्थ रह सकता है। जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए अच्छा स्वास्थ्य बहुत जरूरी है। विद्यार्थी अगर स्वस्थ नहीं रहेंगे तो पढऩे में मन नहीं लगेगा। वे हमेशा अपने को कमजोर महसूस करते रहेंगे।

संतुलित भोजन से स्वास्थ्य अच्छा रहता है। सभी को अपने भोजन में प्रोटीन, विटामिंस तथा आवश्यक खनिज तत्वों को शामिल करना चाहिए। दूध, घी, मक्खन, फल, हरी सब्जियां आदि खाने से हमारा शरीर स्वस्थ रहता है। हमें समय पर भोजन करना चाहिए। स्वास्थ्य विषयक पुस्तकें पढक़र हम स्वास्थ्य संबंधी ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं।

स्वस्थ रहने के लिए हमें स्वच्छता पर भी ध्यान देना चाहिए। कपड़े और बिछावन आदि सभी साफ-सुथरे होने चाहिए। घर में सूर्य की रोशनी पर्याप्त मात्रा में आनी चाहिए। इससे किटाणु मर जाते हैं। स्वास्थ्य के लिए अधिक देर तक सोना हानिकारक है। रात को जल्दी सोना और सुबह जल्दी उठना स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है।

 

निबंध नंबर :02

 

स्वास्थय का महत्व

Swasthya ka Mahatva

प्रस्तावना- मानव जीवन का सच्चा सुख उसके स्वास्थय में निहित हैे। स्वस्थ मानव ही संसार में हर प्रकार के सुख भोग सकता है। उत्तम स्वास्थय के कारण वह जटिल-से-जटिल कार्य भी सरलता से सकता है।

स्वस्थ मनुष्य मंे अदम्य साहस, उत्साह और धर्म की भावना प्रचुर मात्रा में भरी होती है।ं उसमंे आत्मविश्वास होता है जिस कारण उसका हदय सदैव फूलों के समान खिला रहता है।

स्वास्थय अनमोल खजाना- इसके विपरीत जिन व्यक्तियों के पास स्वास्थय रूपी खजाना नहीं होता है, वह धनवान होते हुए भी अपने जीवन को भार समझते हैं। उनके लिए घर मंे बनेे स्वादिष्ट व्यंजन जहर के समान होते हैं। वह स्वादिष्ट व्यंजन को खाना तो चाहता है, लेकिन अस्वस्थ होने के कारण खा नहीं पाता। अतः शरीर को स्वस्थ बनायेे रखने के लिए हमें नित्य प्रति व्यायाम करना चाहिये।

स्वास्थय के लिए व्यायाम- व्यायाम से आंशय शरीर के अंगो के समुचित विकास से है। व्यायाम करने से शरीर के सभी अंग मजबूत होते हैं, शरीर में नयी स्फूर्ति उत्पन्न होती है तथा पाचन क्रिया भी ठीक रहती है।

नित्य प्रति व्यायाम करने से शरीर में रक्त का निर्माण होता है और रक्त का संचार तेजी से विकसित होता है। शरीर हष्ट-पुष्ट तथा मन प्रसन्न रहता है।

व्यायाम अनेक प्रकार से किए जा सकते हैं, जैसे-दण्ड-बैठक लगाना, कुश्ती करना, दौड़ लगाना, जिमनाष्टिक करना, घुड़ासवारी करना, यहां तक कि साइकिल चलाना, तैरना, आसन व प्राणायाम करना भी अच्छा व्यायाम है।

खेल और स्वास्थ्य- खेल खेलना भी व्यायाम का एक उत्तम साधन है। मस्तिष्क से काम करने वालों के लिए प्रातः घूमना, सूर्य नमस्कार करना आदि लाभकारी व उपयोगी व्यायाम है।

इस प्रकार व्यायाम के द्वारा मनुष्य हमेशा स्वस्थ रहता है। स्वस्थ मनुष्य संसार के सुन्दर एवं मन को आकर्षित करने वाले पर्यटन स्थलों को सरलता से देख सकता है।

स्वस्थ शरीर में जीवन का सुख- इस प्रकार यदि सुख के साथ जीना है तो शरीर को स्वस्थ रखना परम आवश्यक है। स्वस्थ रहने के लिए हमें प्राकृतिक चीजों से नाता जोड़ना होगा। अप्राकृतिक चीजों को त्यागकर ही हम स्वस्थ जीवन व्यतीत कर सकते हैं।

उपंसहार- मद्यपान, अन्य प्रकार के मादक पदार्थों का सेवन, गरिष्ठ भोजन करना, दूषित जलवायु में रहना-ये सब चीजें हमारे स्वास्थय पर बुरा प्रभाव डालती हैं। अतः हमें इनसे बचकर अपने जीवन और स्वास्थय की रक्षा करनी चाहिये।

 

About

The main objective of this website is to provide quality study material to all students (from 1st to 12th class of any board) irrespective of their background as our motto is “Education for Everyone”. It is also a very good platform for teachers who want to share their valuable knowledge.

commentscomments

  1. Ashutosh says:

    This is right

  2. Disha sonar says:

    It helped a lot in my project work.thank you so much.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *