Home » Languages » Hindi (Sr. Secondary) » Hindi Essay on “Sharab Bandi” , ” शराब बंदी ” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

Hindi Essay on “Sharab Bandi” , ” शराब बंदी ” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

शराब बंदी 

मद्द-निषेध  से तात्पर्य है मद्द अथवा मदिरा के पिने पर रोक लगाना | भारत जैसे निर्धन देश में जहाँ मदिरापान करना एक विलासिता है, मद्द निषेध अत्यन्त आवश्यक है | यद्दपि मद्दपान आधुनिक समाज के लिए अनिवार्य – सा बन गया है परन्तु फिर भी इसके अनेक दुष्प्रभाव है | मद्दपान धन के अपव्यय का कारण तो बनता ही है साथ ही स्वास्थ्य का भी नाश कर दिया करता है | यह व्यक्ति की आन्तरिक व बाह्म सभी प्रकार की सुन्दरता को नष्ट कर उसे भद्दा एव कुरूप बना दिया करता है | इतना सब होने पर भी मद्दपान करने वाले व्यक्ति इसे अमृत कहते है और जो इसे नही पीते वे ही इसे घृणा की दृष्टि से देखते है |

मद्दपान के अनेक आदी और समर्थक बड़े गर्व तथा गौरव से मदिरा को ‘सोमरस’ का नाम दे दिया करते है | वे कहते है कि जिस सोमरस का हमारे देवता पान करते थे यदि हमने कर लिया तो क्या बुरा किया ? परन्तु वास्तव मै वे सोमरस के वास्तविक अर्थ को जाने बिना ही इसकी हिमायत करने लगते है | वास्तव में सोमरस (सोम लता से प्राप्त रस) एक प्रकार का स्वास्थ्यप्रद टानिक था | मद्दपान करने वाले की आत धीरे – धीरे छीजने लगती है और उसे भीतर से खोखला बनाकर छोड़ देती है |

मद्दपान एक तरह का कुटैव है, जिसे लग जाता है उसका सर्वस्व बरबाद कर देता है | भारत की निर्धन जनता के लिए तो मद्दपान एक प्रकार का अभिशाप ही है | वह निर्धन जनता जिसके पास न खाने को भोजन होता है और न ही तन ढापने के लिए वस्त्र होते है तथा न सर छुपाने को  छत होती है , वह यदि मदिरा पान करती है तो उसके तो घर बर्बाद होगे ही | यहाँ तक कि उन्हें स्त्री के आभूषण और घर की अनिवार्य वस्तुओ को बेच देने में भी कोई संकोच नही होता | शराब की लत उनके बच्चो को चोरी करने और भीख मांगने के लिए मजबूर कर देती है |

मदिरा-पान के और भी अनेको दुष्प्रभाव है | एक शराबी अनेको रोगों का शिकार हो जाता है| ह्रदय रोग और मानसिक असन्तुलन का बढना निरन्तर और अधिक मात्रा में पीने के परिणाम है | जहरीली शराब पीकर अनेको लोग प्रतिवर्ष मौत के शिकार हो जाते है | इन बातो को देखते हुए मद्द-पान पर प्रतिबन्ध की आवश्यकता अनुभव की गई | महात्मा गांधी जी ने मद्द-निषेध के लिए आन्दोलन चलाया | परन्तु इससे राज्य सरकारों को अच्छी आय होने के कारण मद्द निषेध में अधिक सफलता नही मिल रही है | अत : हमे अपनी इच्छा व् संकल्प शक्ति द्वारा इस पर रोक लगाना जरूरी है | मद्द-निषेध आज के युग की नित्तान्त आवश्यकता है |

About

The main objective of this website is to provide quality study material to all students (from 1st to 12th class of any board) irrespective of their background as our motto is “Education for Everyone”. It is also a very good platform for teachers who want to share their valuable knowledge.

commentscomments

  1. Ayush Kumar says:

    Sir I am preparing for ssc CHSL descriptive paper can you suggest me some important eassy topics in Hindi…..

Leave a Reply to Ayush Kumar Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *