Home » Languages » Hindi (Sr. Secondary) » Hindi Essay on “Pradushan, Ek Samasya ” , ” प्रदूषण : एक समस्या ” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

Hindi Essay on “Pradushan, Ek Samasya ” , ” प्रदूषण : एक समस्या ” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

प्रदूषण : एक समस्या

            पर्यावरण का अर्थ – पर्यावरण का अर्थ है – हमारे चारों और का वातावरण | दुर्भाग्य से हमारा यही पर्यावरण आज दूषित हो गया है | प्रदूषण मुख्यत : तीन प्रकार का होता है – वायु-प्रदूषण, जल-प्रदूषण तथा ध्वनि-प्रदूषण |

            प्रदूषण के कारण – प्रदूषण का जन्म अंधाधुंध वैज्ञानिक प्रगति के कारण हुआ है | जब से मनुष्य ने प्रकृति के साथ मनचाही छेड़छाड़ की है, तब से प्रकृति मनुष्य पर कुपित है | मनुष्य ने अपने भवन सुंदर बनाने के लिए वन काटे, पहाड़, तोड़े, समतल मैदान बनाए, वृक्ष काटे, ईट-बजरी और तारकोल के निर्माण किए, विदुत-गृह और ताप-घर बनाए, परमाणु-भट्टियाँ बनाई, प्लास्टिक जैसी घातक कृत्रिम बनाएँ बनाई, प्लास्टिक जैसी घातक कृत्रिम बस्तुएँ बनाई, परमाणु हथियारों, बमों, कीटनाशकों का अनावश्यक निर्माण किया |

            मनुष्य की इस अंधाधुंध प्रगति का दुष्परिणाम यह हुआ कि हमारा समूचा परिवेश जीवन-घातक तत्वों से भर गया है | महानगरों में स्वच्छ वायु में साँस लेने को तरस गया है आदमी | वायु-प्रदुषण के कारण ऑखों में जलन, तवचा में एलर्जी, साँस में कष्ट, प्लेग, डेंगू आदि कितनी ही प्राणघातक बीमारियाँ जन्म ले रही हैं |

            अविवेकपूर्ण औद्योगिकीकरण और परमानिविक प्रयोगों के कारण विश्व-भर का मौसम-चक्र बिगड़ गया है | धरती पर गर्मी बढ़ रही है | वैज्ञानिकों को चेतावनी है कि यदि इसी प्रकार उर्जा का प्रवाह होता रहा तो हिमखंड पिघलेंगे, बाढ़े आएँगी, समुद्र-जल में वृद्धि होगी | रहने-योग्य भूमि और कम होगी | समुद्र ही नहीं, आकाश में फैली ओजोन गैस की सुरक्षा-छतरी में छेद हो जाएगा, जिसके परिणामस्वरूप धरती का पर्यावरण विषाक्त हो जाएगा |

            प्रदूषण का निवारण –  प्रदूषण से मुक्ति का सर्वोतम उपाय है – एस समस्या के प्रति सचेत होना | अन्य उपाय हैं – आसपास पेड़ लगाना, हरियाली को अधिकाधिक स्थान देना | अनावश्यक शोर को कम करना | विलास की वस्तुओं की बजाय सद्गिपूर्ण ढंग से जीवनयापन करना | वनों की कटाई पर रोक लगाना | लकड़ी के नए विकल्प खोजना | फैक्टरियों को दूषित जल और धुएँ के निष्कासन का उचित उपाय खोजना | घातक बीमारियाँ पैदा करने वाले उद्योगों को बंद करना | परमाणु विस्फोटों पर रोक लगाना | एन उपायों को स्वयं पर लागु करना तथा समाज को बाध्य करना ही प्रदूषण से बचने का एकमात्र उपाय है |

प्रदूषण की समस्या

प्रदूषण नये युग में महात्रासदी का रूप धारण कर चुका है | वायु , जल, भोजन तथा ध्वनि का प्रदूषण विश्व के नगरो और बड़े कस्बो में अपनी विकराल शक्तियों व सीमाओं का प्रदर्शन कर रहा है | हमारे वन, जीव-जन्तु और जीवाणु संसार के छोटे- छोटे नागरिक भी इस त्रासदी के शिकार बनते जा रहे है |

वायु में प्रदूषण कारखानों , वाहनों और घरो के चूल्हों से फैलता है | यह प्रदूषण मानव जीवन के लिए एक बड़ा खतरा बन चुका है | इसके कारण नगरो में रहने वाले लोग फेफड़ो के कैसर , दमा, आँखों के रोगों और चर्मरोगो के शिकार बनते जा रहे है | पुरे भारत की नदियां व् नाले, कारखानों व् मानवो के द्वारा गन्दे नालो के तौर पर प्रयोग में लाए जाते है | गंगा एक दूषित जलधारा बन गई है और अन्य मख्य नदियों का भी यही हाल है | दूषित जल पीने व् नहाने के काम आता है और फलस्वरूप हैजा, वाईरल बुखार , आत्रशोध व अमीबियासिस जैसे भयंकर रोग मानव को जकड़ लेते है | विषाक्त जल भोजन को भी दूषित करता है | इसके आलावा भोजन हवा, खादों व् रसायनों की वजह से भी दूषित हो रहा है | ध्वनि प्रदूषण का सबसे अधिक प्रकोप शहरो व् मुख्या राज्यमर्गो पर नजर आता है | अधिक शोर की वजह से हजारो व्यक्ति अपनी श्रवण शक्ति खो बैठे है या कम सुनने लगे है | उच्च शोर के स्तरों से दिमागी बीमारियां और उच्च रक्तचाप हो सकते है | व्यक्ति  अपना संतुलन भी खो कहता है |

प्रदूषण को रोकने के कई उपाय किये गये है | दिल्ली में जब से प्रदूषण विरोधी अभियान जैसे सीएनजी बसों के चलने, प्रदूषणकारी फैक्टरियों को दिल्ली से बहार ले जाने तथा मेट्रो रेल सेवा के शुरू हो जाने के बाद प्रदूषण नियन्त्रण में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है | आठ वर्षो से पुराने व्यापारिक वाहनों के चलाने पर रोक लगा दी गई है | दुपहिया वाहनों, तिपहिया वाहनों व मोटरकारो तथा ट्रको के प्रदूषण स्तरों की नियमित जांच हो रही है | वातावरण को स्वच्छ रखने के लिए वृक्षारोपण अभियान समय –समय पर आयोजित होते है | ये प्रयास सराहनीय है | विद्दुत चालित वाहनों और सूर्य की उर्जा पर अधिक निर्भर करना होगा | यह प्रवृत्ति विश्व भर के लोगो द्वारा अपनायी जानी चाहिए | सरकारे, संयुक्त राष्ट्र संघ और गैर-सरकारी संस्थान इस विषय में काफी कार्य कर रहे है |  नही तो हमारा उपग्रह मानव जाती, वनस्पतियों एवं जीवो को सम्बल नही दे पायेगा |

About

The main objective of this website is to provide quality study material to all students (from 1st to 12th class of any board) irrespective of their background as our motto is “Education for Everyone”. It is also a very good platform for teachers who want to share their valuable knowledge.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *