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Hindi Essay on “Chaye ki Aatma Katha”, “चाय की आत्म-कथा” Complete Hindi Nibandh for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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चाय की आत्म-कथा Chaye ki Aatma Katha प्रस्तावना : मैं चाय हूँ। आधुनिक पेय पदार्थों में सर्वोत्तम समझी जाती हैं। हर समाज में मेरा सम्मान हैं। आज की सभ्यता की मैं अमर देन हूँ। मैं सर्वत्र व्यापिनी हूँ। मेरे प्रेम में भेदभाव के लिए रंचमात्र भी स्थान नहीं है। मैं सभी को समान स्फूर्ति प्रदान करती हूँ। जीवन में शक्ति और स्फूर्ति संचारित करने के लिए मैं संजीवनी का काम करती...
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Hindi Essay on “Pustak ki Aatma Katha”, “पुस्तक की आत्म-कथा” Complete Hindi Nibandh for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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पुस्तक की आत्म-कथा Pustak ki Aatma Katha निबन्ध-रूपरेखा प्रस्तावना : पुस्तक मानव की सच्ची साथिन है। यह अपने अक्षय कोश से उसकी ज्ञान पिपासा को शांत करती है। मानव ने उसे जन्म देकर एक अमर निधि प्राप्त कर ली है। इसकी सृष्टि मानव की तपस्या और साधना का फल है। इसीलिए उसने मानव के लिए अपने हृदय के द्वार खोल रखे हैं। उसे ज्ञान-विचारों का सदा दान देती रहती है। जन्म...
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Hindi Essay on “Ek Vidyarthi ki Aatma Katha”, “एक विद्यार्थी की आत्म-कथा” Complete Hindi Nibandh for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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एक विद्यार्थी की आत्म-कथा Ek Vidyarthi ki Aatma Katha जीवन परिचय : आज से 22 वर्ष पूर्व मेरा जन्म एक निर्धन ग्रामीण। परिवार में हुआ था। परिवार में केवल पिता ही थोड़ा-बहुत पढे लिखे थे। घर-गृहस्थी कृषि पर चलती थी। समय और समाज की परिवर्तन स्थिति से उनका शिक्षा के प्रति अनुराग बढ़ गया। फलत: मेरे जन्म के दिन ही मुझे समाज का एक सभ्य एवं शिक्षित प्राणी बनाने का निश्चय...
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Hindi Essay on “Bhikhari ki Aatma Katha”, “भिखारी की आत्म-कथा” Complete Hindi Nibandh for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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भिखारी की आत्म-कथा Bhikhari ki Aatma Katha  भिखारी का स्वरूप : समाज में  तिरस्कृत, जीर्णकाय, थका-माँदा, फटे-पुराने वस्त्रों से शरीर छिपाए, मैं भिखारी हूँ। आज मेरे देश में भिक्षा माँगना एक अपराध बन चुका है। इस पर भी लुके-छुपे जीवन का पहिया उसी गति पर चल रहा है ; किन्तु कभी-कभी अपनी इस अवस्था पर रोना आ जाता है और तत्क्षण कोसने लग जाता हूँ प्रारब्ध को भाग्य जो न कराए...
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Hindi Essay on “Rupye ki Aatma Katha”, “रुपये की आत्म-कथा” Complete Hindi Nibandh for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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रुपये की आत्म-कथा Rupye ki Aatma Katha विषय प्रवेश : रविवार का दिन था। कार्यालय से छुट्टी थी। मैं लान में बैठा समाचारपत्र देख रहा था। मेरे समीप ही श्रेय बैठा हिसाब का काम कर रहा था। सहसा वह पूछ उठा कि रुपया कैसा होता है बाबा जी? मैं किसी विशेष समाचार को पढ़ने में तल्लीन था। उसकी ओर। ध्यान न दे सका। लेकिन मेरी चुप्पी तीन वर्षीय बच्चे की जिज्ञासा...
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Hindi Essay, Biography on “Maharana Pratap”, “महाराणा प्रताप” Complete Hindi Nibandh for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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महाराणा प्रताप Maharana Pratap प्रस्तावना : राष्ट्रपुरुष महाराणा प्रताप ने उस समय स्वतंत्रता-स्वाधीनता का एक महान् आदर्श स्थापित किया था जब मुग़ल साम्राज्य के बढ़ते वर्चस्व के सामने भारत के सभी छोटे-बड़े राज्य नतमस्तक होते जा रहे थे। आपने तरह-तरह के कष्ट सहते हुए, त्याग और बलिदान की कठिन राहों पर चलते हुए, अपना मस्तक गर्व से उन्नत रखा था तथा आने वाली पीढियों का मार्ग प्रशस्त किया था। इसीलिए आप...
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Hindi Essay, Biography on “Mother Teresa”, “मदर टेरेसा” Complete Hindi Nibandh for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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मदर टेरेसा Mother Teresa  प्रस्तावना : प्रेम मानव की ऐसी सर्वोत्तम भावना है जो मानव को सच्चा मानव बनाती है। मानवता के प्रति प्रेम को किसी देश, जाति या धर्म की संकुचित परिधि में नहीं बाँधा जा सकता। जिस व्यक्ति के मन में ममता, करुणा की भावना हो, वह अपना समस्त जीवन मानव की सेवा करने में अर्पित कर देता है। विश्व में मानव की नि:स्वार्थ भाव से सेवा करने वाली...
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Hindi Essay, Biography on “Jawahar Lal Nehru”, “जवाहरलाल नेहरू” Complete Hindi Nibandh for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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जवाहरलाल नेहरू Jawahar Lal Nehru प्रस्तावना : सारा जगत् नश्वर है। इसमें असंख्य प्राणी आए और चले गए। कोई उनके नाम से परिचित नहीं, कोई उन्हें स्मरण नहीं करता । केवल उनके सगे-सम्बन्धी आगमन पर खुश हुए और गमन पर कुछ दिन के लिए दु:खी। फिर वही क्रम चलता रहा। सब अपने कर्मों में उलझ गए और धीरे-धीरे स्मृति भी मानस पटल पर से उतरती चली गई। किन्तु ऐसी विभूतियाँ भी...
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