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Hindi Essay on “Yadi mein Shiksha Mantri Hota” , ” यदि मैं शिक्षामंत्री होता” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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यदि मैं शिक्षामंत्री होता कल्पना करना और अपने भावी जीवन के लिए मधुर स्वप्न संजोना मानव की सहज प्रवृत्ति है। एक विद्यार्थी होने के कारण जब आज मैं देश में चल रही शिक्षा पद्धिति पर नजर डालता हूँ तो मन खिन्न हो उठता है। मुझे लगता है कि आज देश में जितनी दुर्दशा शिक्षा की हो रही है, उतनी संभवत: किसी अन्य वस्तु की नहीं। लार्ड मैकाले ने भारत में स्वार्थवृत्ति...
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Hindi Essay on “Yadi Mein Vegyanik Hota ” , ” यदि मैं वैज्ञानिक होता” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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यदि मैं वैज्ञानिक होता आज के युग को वैज्ञानिक युग कहा जाता है। इस युग में किसी व्यक्ति का वैज्ञानिक होना सचमुच बड़े गर्व और गौरव की बात है। वैसे तो अतीत-काल में भारत ने अनेक महान वैज्ञानिक पैदा किए हैं और आज भी विश्व-विज्ञान के क्षेत्र में अनेक भारतीय वैज्ञानिक क्रियाशील हैं। अपने तरह-तरह के अन्वेषणों और आविष्कारों से वे नए मान और मूल्य भी निश्चय ही स्थापित कर हरे हैं।...
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Hindi Essay on “Barat me Bhrashtachar” , “Bhrashtachar”, ”भारत में भ्रष्टाचार”, “भ्रष्टाचार” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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भ्रष्टाचार या भारत में भ्रष्टाचार आधुनिक युग को यदि भ्रष्टाचार का युग कहा जाए, तो अत्युक्ति न होगी। आज भ्रष्टाचार जीवन के प्रतेयेक क्षेत्र में फैल चूका है। इसकी जड़े इतनी गहरी छा चुकी हैं कि समाज का कोई भी क्षेत्र इससे अछूता नहीं रह पाया है। भ्रष्टाचार ने समाज से नैतिक मूल्यों को ध्वस्त कर दिया है स्वार्थ इर्ष्या, द्वेष तथा लोभ जैसे दुर्गुणों को बढ़ावा दिया है। ‘भ्रष्टाचार’ शब्द...
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Hindi Essay on “Aatankvad ki Samasya ”, “Aatankvad”, ”आतंकवाद की समस्या या आतंकवाद ” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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आतंकवाद  या आतंकवाद की समस्या  “जहाँ भी जाता हूँ वीरान नज़र आता है खून में डूबा हर मैदान नज़र आता है कैसे है वक्त कि दिन के उजाले में भीन नहीं इंसान को इंसान नज़र आता है।” कवि भी उपर्युक्त पंक्तियाँ समाज में बढ़ते आतंकवाद की और इंगित करती हैं। आतंकवाद एक अत्यंत भयावह समस्या है जिसमें पूरा विश्व ही जूझ रहा है।  आतंकवाद केवल विकासशील या निर्धन राष्ट्रों की समस्या...
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Hindi Essay on “Television Ke Labh tatha Haniya ” “Cable T.V” , ” टेलीविज़न के लाभ तथा हानियाँ ” या “केबल टी. वी ” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

टेलीविज़न के लाभ तथा हानियाँ  या  केबल टी. वी  या  मूल्यांकन दूरदर्शन का दूरदर्शन आधुनिक युग का एक ऐसा साधन है जो मानव को मनोरंजन देने के साथ – साथ प्रेरणा और शिक्षा भी प्रदान करता है । मनुष्य चाहे किसी भी आयु वर्ग या आर्य वर्ग अथवा किसी भी देश का वासी हो सभी के मन में एतिहासिक, धार्मिक, सांस्कृतिक स्थानों को देखने की लालसा रहती है । त्रेता युग...
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Hindi Essay on “Deshatan ” “Yatra Ka Mahatav” , ” देशाटन या यात्रा का महत्व ” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

देशाटन या देश-विदेश की सैर या यात्रा का महत्व देश +अटन इन दो शब्दों में संधि होने से बना है एक नया शब्द – देशाटन। ‘देश’ किसी ऐसे विशेष भू – भाग को कहा जाता है, जिसे प्रकृति ने अपने विभिन्न और विविध रूपों वाले, विभिन्न और विविध प्रकार की सम्पत्तियों से संपन्न बनाया होता है। उन्हीं के कारण  एक ही देश का भाग या प्रान्त दूसरे भाग या प्रान्त से...
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Hindi Essay on “Samay Anmol Hai ” “Samay Ka Sadupyog” , ” समय अनमोल है या समय का सदुपयोग ” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

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समय अनमोल है। या समय का सदुपयोग समय चक्र की गति बड़ी अदभुद है। इसकी गति में अबादता है। समय का चक्र निरंतर गतिशील रहता है रुकना इसका धर्म नहीं है। “मैं समय हूँ मैं किसी की प्रतीक्षा नहीं करता में निरंतर गतिशील हूँ मेरा बिता हुआ एक भी क्षण लौट कर नहीं आता है। जिसने भी मेरा निरादर किया वह हाथ मल्ता रह जाता है। सिर धुन- धुन कर पछताता है।...
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Hindi Essay on “Meri Dincharya” , ”मेरी दिनचर्या” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

मेरी दिनचर्या मै, रमेश चन्द्र , नवम श्रेणी का विद्दार्थी हूँ, मेरे जीवन का दैनिक कार्यक्रम बहुत सामान्य सा है जो प्रात: काल उठने से पारम्भ होकर रात्रि को सोने तक का है | मै प्रतिदिन प्रात:काल बहुत शीघ्र उठ जाता हूँ | एक बार हमारे प्रधानाचार्य जी ने प्रात :काल में जल्दी उठने के महत्त्व को बताते हुए कहा था की जो ब्रह्ममुहूर्त में उठता है तथा रात्रि को शीघ्र...
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