Home » Languages » Archive by category "Hindi (Sr. Secondary)"

Hindi Essay on “Eid Ul Fitr” , ”ईद-उल-फितर” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

ईद-उल-फितर Eid Ul Fitr इसलाम धर्म में आदम और हव्वा को इनसान का पुरखा माना गया है। आदमी पुरुष था हव्वा स्त्री। देानों जन्नत में रहते थे। ख्ुादा ने दोनों को दुनिया बनाते समय बता दिया था कि उन्हें क्या करना है और क्या नहीं करना है। उन्हें एक खास फल को खाने के लिए मना किया था। पर जैसा कि मनुष्य का स्वभाव होता है, मना किए गए काम को...
Continue reading »

Hindi Essay on “Holi Rango ka Tyohar ” , ”होली रंगों का त्यौहार ” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

होली रंगों का त्यौहार  Holi Rango ka Tyohar    होली का पर्व ऋतुराज वसंत के आगमन पर फाल्गुन की पूर्णिमा को आनंद और उल्लास के साथ मनाया जाता है। इन दिनों रबी की फसल पकने की तैयारी में होती है। फाल्गुन पूर्णिमा के दिन लोग गाते-बजाते, हंसते-हंसाते अपने खेतों पर जाते हैं। वहां से वे जौ की सुनहरी बालियां तोड़ लाते हैं। जब होली में आग लगती है तब उस अधपके...
Continue reading »

Hindi Essay on “Diwali ka Tyohar” , ”दिवाली  का त्यौहार ” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

दिवाली  का त्यौहार  Diwali ka Tyohar    दीपावली हिंदुओं का प्रमुख पर्व है। यह पर्व समूचे भारत में उत्साह के साथ मनाया जाता है। वर्षा और शरद ऋतु के संधिकाल का यह मंगलमय पर्व है। यह कृर्षि से भी संबंधित है। ज्वार, बाजरा, मक्का, धान, कपास आदि इसी ऋतु की देन हैं। इन फसलों को ‘खरीफ’ की फसल कहते हैं। इस त्योहार के पीछे भी अनेक कथांए हैं। कहा जाता है...
Continue reading »

Hindi Essay on “Vijaydashmi” , ”विजयादशमी” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

विजयादशमी Vijaydashmi ‘विजयादशमी’ हिंदुओं का प्रमुख पर्व है। इसे ‘दशहरा’ भी कहते हैं। सभी बड़ी श्रद्धा के साथ मनाते हैं। विजयादशमी का संबंध ‘शक्ति’ से है। जिस प्रकार ज्ञान के लिए सरस्वती की उपासना की जाती है उसी प्रकार शकित के लिए दुर्गा की उपासना की जाती है। कहा जाता है कि अत्याचार करने वाले ‘महिषासुर’ नामक राक्षस का उन्होंने संहार किया था। इसके लिए उन्होंने ‘महिषासुरमर्दिनी’ का रूप धारण किया...
Continue reading »

Hindi Essay on “Raksha Bandhan or Rakhi ” , ”रक्षाबंधन या राखी ” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

रक्षाबंधन या राखी  Raksha Bandhan or Rakhi भारत में बारहों महीने कोई-न-कोई त्योहार मनाया जाता है। हिंदू समाज के चार प्रमुख त्योहार हैं- रक्षाबंधन, विजयादशमी, दीपावली और होली। इन सब में रक्षाबंधन प्रमुख त्योहार है। इसकी परंपरा अत्यंत प्राचीन है। प्राय: सभी जाति-वर्ग के लोग इसे समान रूप से मनाते हैं। रक्षाबंधन श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इसे श्रावणी भी कहा है। इसका ब्राह्णों के लिए विशेष महत्व...
Continue reading »

Hindi Essay on “Malaria aur uski roktham” , ”मलेरिया और उसकी रोकथाम” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

मलेरिया और उसकी रोकथाम Malaria aur uski roktham मलेरिया को ‘जूड़ी बुखार’ भी कहा जाता है। यह रोग एक मच्छत के काटने से होता है। इस मच्छर को ‘एनाफिलीज’ कहते हैं। यह मादा होती है। अब यह स्पष्ट हो चुका है कि यह रोग मच्छरों द्वारा फैलता है। इसके पहले लोग यही समझते थे कि यह रोग गंदी हवा के कारण होता है। जहां गंदगी और नमी रहती है या गंदा...
Continue reading »

Hindi Essay on “Jeevan me Swachata ka Mahatva” , ”जीवन में स्वच्छता का महत्व” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

जीवन में स्वच्छता का महत्व Jeevan me Swachata ka Mahatva एक कहावत है ‘कुत्ता भी जब बैठता है तो पूंछ झाडक़र बैठता है।’ इसका अर्थ यह है कि जब कुत्ता किसी स्थान पर बैठता है तब सबसे पहले उसे पूंछ से साफ कर लेता है, अर्थात कुत्ता भी स्वच्छताप्रिय होता है। फिर मनुष्य को तो सफाई का ध्यान अवश्य रखना चाहिए। वास्तव में, स्वच्छता जीवन में अत्यंत आवश्यक है। प्रत्येक मनुष्य को...
Continue reading »

Hindi Essay on “Dahej ek Abhishap” , ”दहेज एक अभिशाप” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

दहेज एक अभिशाप Dahej ek Abhishap सदियां बीत जाने के बावजूद, आज भी, नारी शोषण से मुक्तन हीं हो पाई है। उसके लिए दहेज सबसे बड़ा अभिशाप बन गया है। लडक़ी का जन्म माता-पिता के लिए बोझ बन गया है। पैदा होते ही उसे अपनी ही मां द्वारा जन्में भाई की अपेक्षा दोयम दर्जा प्राप्त होता है। यद्यपि माता-पिता के लिए ममत्व में यह समानता की अधिकारिणी है, तथापि कितने ही...
Continue reading »