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Hindi Essay on “Shiksha ka Maulik Adhikar” , ”शिक्षा का मौलिक अधिकार” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

शिक्षा का मौलिक अधिकार Shiksha ka Maulik Adhikar हमारे देश का संविधान विश्व का सबसे विस्तृत संविधान है। देश की स्वतंत्रता के 52 वर्षों तक हम शिक्षा को वह महत्व नहीं दे पाए जो उसे मिलना चाहिए। देश का प्रत्येक पांचवां बच्चा अशिक्षित है। बड़ी ही दुर्भाज्यपूर्ण बात है कि हमारे देश में आज भी लगभग 15 करोड़ बच्चे अशिक्षित हैं। इसका कारण यह है कि प्रतिवर्ष विभिन्न कारणों से लगभग...
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Hindi Essay on “Bharat ki vartman Shiksha Niti” , ”भारत की वर्तमान शिक्षा नीति” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

भारत की वर्तमान शिक्षा नीति Bharat ki vartman Shiksha Niti शिक्षा किसी राश्ट्र अथवा समाज की प्रगति का मापदंड है। जो राष्ट्र शिक्षा को जितना अधिक प्रोत्साहन देता है वह उतना ही विकसित होता है। किसी भी राष्ट्र की शिक्षा नीति इस पर निर्भर करती है कि वह राष्ट्र अपने नागरिकों में किस प्रकार की मानसिक अथवा बौद्धिक जागृति लाना चाहता है। इसी नीति के अनुसार वह अनेक सुधारों और योजनाओं...
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Hindi Essay on “Sayukt Rashtra Sangh Aur Vartman Vishv” , ”संयुक्त राष्ट्र संघ और वर्तमान विश्व” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

संयुक्त राष्ट्र संघ और वर्तमान विश्व Sayukt Rashtra Sangh Aur Vartman Vishv अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य में द्वितीय विश्व युद्ध का सबसे बड़ा योगदान संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना के रूप में सामने आया। 24 अक्तूबर 1945 ई. को स्थापित इस विश्व संस्था का मुख्यालय उत्तरी अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में है। इस संस्था के गठन में अमरीका, रूस, इंज्लैंड, फ्रांस, चीन आदि देशों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। तब से लेकर अब...
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Hindi Essay on “Jal hi Jeevan hai” , ”जल ही जीवन है” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

जल ही जीवन है Jal hi Jeevan hai क्षिति, जल, पावक, गगन और समीर ये पांच तत्व हमारे धर्मग्रंथों में मौलिक कहे गए हैं तथा हमारी शरीर रचना में इनकी समान रूप से भूमिका होती है। इनमें वायु और जल ये दो ऐसे तत्व हैं जिनके बिना हमारे जीवन की कल्पना एक क्षण भी नहीं की जा सकती। जीवों को जिस वस्तु की जरूरत जिस अनुपात में है, प्रकृति में वे...
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Hindi Essay on “Bharat me Paryatan Vyavasaya” , ”भारत में पर्यटन व्यवसाय” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

भारत में पर्यटन व्यवसाय Bharat me Paryatan Vyavasaya   पयर्टन आदिकाल से ही मनुष्यों का स्वभाव रहा है। घूमना-फिरना भी मनुष्य के जीवन को आनंद ससे भर देता है। इसका पता लोगो ंने पहले ही लगा लिया था। पहले लोग पैदल चलकर या समुद्र मार्ग से लंबी-लंबी दूरियां तय कर अपने भ्रमण के शौक को पूरा करते थे। कुद लोग ऊंटों, घोड़ों आदि पर चढक़र समूह यात्रा करते थे, हालांकि ऐसी...
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Hindi Essay on “Bharat ka Antriksh Abhiyan” , ”भारत का अंतरिक्ष अभियान” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

भारत का अंतरिक्ष अभियान Bharat ka Antriksh Abhiyan जोखिमों का सामना करना तथा अज्ञात की पर्तें उधेडऩा मनुष्य का जन्मजात स्वभाव माना जाता है। अंतरिक्ष मानव के लिए आदि काल से ही एक अबूझ पहली रही है, फिर भी अनेक विद्वानों और वैज्ञानिकों ने तारों, ग्रहों, उपग्रहों आदि के बारे में गणनांए की परंतु उनके अनुमानों को मूर्त रूप न दिया जा सकता क्योंकि न तो दूरबीन का अविष्कार हुआ था...
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Hindi Essay on “Ikkisvi sadi ki Chunotiya” , ”इक्कीसवीं सदी की चुनौतियां” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

इक्कीसवीं सदी की चुनौतियां Ikkisvi sadi ki Chunotiya चुनौतियों को स्वीकार करना मानव का सहज स्वभाव है। मानव सभ्यता का इतिहास चुनौतियों से परिपूर्ण है। जब भी हमारे समक्ष कोई बड़ी बाधा आई हमने उसका डटकर मुकाबला किया। आदि मानव खूंखार जंगली जंतुओं के बीच रहकर भी उनसे भिन्नता कायम करने में तथा स्वतंत्र अस्तित्व स्थापित करने में सफल रहा। लंबे समय तक उसे पेड़ों और गुफाओं में सोना पड़ा परंतु...
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Hindi Essay on “Veer Kunwar Singh” , ”वीर कुंवर सिंह” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

वीर कुंवर सिंह Veer Kunwar Singh वीर कुंवर सिंह का जन्म बिहार के भोजपुर जिले के जगदीशपुर नामक गांव में हुआ था। कुछ इतिहासकार उनकी जन्म-तारीख 12 अप्रैल 1782 बताते हैं तो कुछ 1778 के लगभग मानते हैं। उनके यहां जमींदारी चलती थी। सन 1826 में कुंवर सिंह पर अपने पैतृक जमींदारी संभालने का दायित्म आ पड़ा। उन्हें जमींदारी से प्रतिवर्ष 6 लाख रुपए नकददद की आमदनी हो जाया करती थी।...
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