Home » Languages » Archive by category "Hindi (Sr. Secondary)"

Hindi Essay on “Meri Dincharya” , ”मेरी दिनचर्या” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

मेरी दिनचर्या मै, रमेश चन्द्र , नवम श्रेणी का विद्दार्थी हूँ, मेरे जीवन का दैनिक कार्यक्रम बहुत सामान्य सा है जो प्रात: काल उठने से पारम्भ होकर रात्रि को सोने तक का है | मै प्रतिदिन प्रात:काल बहुत शीघ्र उठ जाता हूँ | एक बार हमारे प्रधानाचार्य जी ने प्रात :काल में जल्दी उठने के महत्त्व को बताते हुए कहा था की जो ब्रह्ममुहूर्त में उठता है तथा रात्रि को शीघ्र...
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Hindi Essay on “Prodhshiksha” , ”प्रौढ़शिक्षा ” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

प्रौढ़शिक्षा  परिपक्व आयु वाले व्यक्ति को प्रौढ़ कहा जाता है | आजकल प्राय : चालीस वर्ष की आयु वाले व्यक्ति को प्रौढ़ मान लिया जाता है , यद्दपि प्राचीन काल में जब मनुष्य की औसत आयु प्राय : सौ वर्ष  होती थी तब प्रौढावस्था का कर्म पचास वर्ष  से अधिक माना जाता था | जहाँ तक आयु का प्रश्न है, शिक्षा ग्रहण करने के मार्ग में यह कदापि बाधक नही हुआ...
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Hindi Essay on “Sehshiksha” , ”सहशिक्षा” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

सहशिक्षा सहशिक्षा से अभिप्राय शिक्षा की उस व्यवस्था से है जिसमे लडके तथा लडकियाँ एक साथ शिक्षा ग्रहण करते हो | इस विषय पर कि इस प्रकार की शिक्षा की व्यवस्था होनी चाहिए कि नही काफी समय से चर्चा होती रही है | कुछ लोग इस व्यवस्था के पक्ष में है तथा कुछ इसके पक्ष में नही है | इस प्रकार की चर्चा होते हुए भी , आजकल हमारे देश भारत...
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Hindi Essay on “Swadesh Prem” , ”स्वदेश प्रेम” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

स्वदेश प्रेम स्वदेश का अर्थ है अपना देश अर्थात अपनी मातृभूमि | यह वह स्थान होता है जहाँ हम पैदा होते है, पलते है और बड़े होते है | जननी तथा जन्मभूमि की महिमा का स्वर्ग से बढकर बताया गया है | जिस देश में हम जन्म लेते है तथा वहाँ का अन्न, जल, फल, फूल आदि खाकर हम बड़े होते है उसके ऋण से हम उऋण नही हो सकते है...
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Hindi Essay on “Sadachar” , ”सदाचार ” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

सदाचार – सच्चरित्रता सच्चरित्रता व्यक्ति का वह व्यवहार होता है जो किसी को हानि नही पहुँचाता, बल्कि जो सभी का हर प्रकार से शुभ एव हितकारी होता है तथा जिसके लिए कुछ भी छिपाने व मिथ्या भाषण की आवश्यकता नही पडती | सच्चरित्र वाला व्यक्ति अपने अच्छे व्यवहार से जीवन तथा समाज में सभी को शीघ्र एव सहज ही प्रभावित कर लिया करता है | इस कारण सभी लोग उसका सम्मान...
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Hindi Essay on “Atamnirbharta” , ”आत्मनिर्भरता” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

आत्मनिर्भरता स्वावलम्बन अथवा आत्मनिर्भरता दोनों का वास्तविक अर्थ एक ही है – अपने सहारे रहना अर्थात अपने आप पर निर्भर रहना | ये दोनों शब्द स्वय परिश्रम करके, सब प्रकार के दुःख –कष्ट श कर भी अपने पैरो पर खड़े रहने की शिक्षा और प्रेरणा देने वाले शब्द है | यह हमारी विजय का प्रथम सोपान है | इस पर चढकर हम गन्तव्य-पथ पर पहुँच पाते है | इसके द्वारा ही...
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Hindi Essay on “Jeevan me Khelon Ka Mahatav” , ”जीवन में खेलो का महत्त्व” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

जीवन में खेलो का महत्त्व किसी ने सत्य ही कहा है – “Health is Wealth” अर्थात अच्छा स्वास्थ्य ही सच्ची सम्पत्ति है | जीवन में अच्छे स्वास्थ्य का विशेष महत्त्व है | स्वस्थ व्यक्ति ही भूमण्डल पर सभी प्रकार के सुख भोग सकता है | बिना अच्छे स्वास्थ्य के जीवन नरक के सदृश्य है | स्वस्थ व्यक्ति में स्वय ही अदम्य साहस और धैर्य आ जाता है | शरीर को स्वस्थ...
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Hindi Essay on “Paropkar” , ”परोपकार” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

परोपकार परोपकार शब्द का अर्थ है दुसरो का भला करना | अपनी चिन्ता किए बिना, शेष सभी (सामान्य-विशेष) के भले की बात सोचना, आवश्यकतानुसार तथा यथाशक्ति उनकी भलाई के उप्पे करना ही परोपकार कहलाता है | परोपकार के लिए मनुष्य को कुछ-न-कुछ त्याग करना पड़ता है | परोपकार की यह शिक्षा हमे प्रकृति से मिली है | प्रकृति के प्रत्येक कार्य में हमे सदैव परोपकार की भावना निहित दिखाई पडती है...
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